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Liquor Mafia Attack : बिहार के सीवान में शराब माफियाओं का खूनी खेल, विरोध करने पर युवक पर जानलेवा हमला

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Liquor Mafia Attack: Youth Brutally Beaten for Opposing Illegal Alcohol Trade

सीवान, 17 अप्रैल। Liquor Mafia Attack : बिहार के सीवान जिले से एक बेहद चिंताजनक और सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां अवैध देशी शराब के कारोबार का विरोध करना एक युवक को भारी पड़ गया। संजलपुर गांव में 34 वर्षीय नवनीत कुमार पांडेय उर्फ बिट्टू पांडेय पर कथित शराब माफियाओं ने मिलकर जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले ने न केवल गांव में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है, बल्कि राज्य में लागू शराबबंदी कानून की वास्तविक स्थिति पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

कुख्यात है गांव

Liquor Mafia Attack :  घटना 16 अप्रैल की बताई जा रही है। संजलपुर गांव, जो सीवान जिले के जीरादेई प्रखंड में स्थित है, लंबे समय से कथित देशी शराब के कारोबार के लिए कुख्यात रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, गांव में वर्षों से कथित शराब माफिया सक्रिय हैं और खुलेआम शराब की बिक्री करते आ रहे हैं। इस अवैध धंधे के खिलाफ आवाज उठाने वाले बिट्टू पांडेय को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ी।

लगातार आवाज उठाते रहे हैं बिट्टू पांडेय

Liquor Mafia Attack :  बिट्टू पांडेय एक कामकाजी और सामाजिक रूप से सक्रिय युवक हैं, जो अपने गांव में हो रहे गलत कामों के खिलाफ लगातार आवाज उठाते रहे हैं। गांव की महिलाएं और बुजुर्ग भी इस बात की पुष्टि करते हैं कि संजलपुर में अवैध शराब का कारोबार लंबे समय से चल रहा है और इसके कारण सामाजिक माहौल लगातार बिगड़ता जा रहा है। उत्क्रमित विद्यालय संजलपुर से लेकर शराब माफियाओं के घरों तक देर रात तक शराबियों और असामाजिक तत्वों की भीड़ लगी रहती है।

ओसारे में बैठे हुए थे बिट्टू

Liquor Mafia Attack :  घायल बिट्टू पांडेय ने बताया कि घटना के समय वह अपनी मां के साथ घर के ओसारे में बैठे हुए थे। तभी अचानक सैकड़ों की संख्या में लोग, जो लाठी-डंडों, भाला, फरसा और लोहे की रॉड जैसे घातक हथियारों से लैस थे, उनके घर की ओर बढ़ने लगे। हमलावरों का नेतृत्व कथित तौर पर गांव के ही कुछ कुख्यात शराब माफिया कर रहे थे।

जैसे ही हमलावर घर के पास पहुंचे, उन्होंने बिना किसी चेतावनी के बिट्टू पांडेय पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। उनके ऊपर बेरहमी से वार किए गए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़े। इसी दौरान कुछ हमलावर घर के अंदर जबरन घुस गए, गेट तोड़ दिया और घर के सामानों में तोड़फोड़ शुरू कर दी। पूरे घर में अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई।

बिट्टू ​को किया अधमरा

Liquor Mafia Attack :  हमलावरों ने बिट्टू को खून से लथपथ हालत में अधमरा छोड़ते हुए धमकी दी कि अगर उन्होंने आगे भी शराब के अवैध कारोबार का विरोध किया, तो उन्हें जान से मार दिया जाएगा। साथ ही यह भी कहा गया कि अगर जान बचानी है तो पूरे परिवार के साथ गांव छोड़कर चले जाएं।

हमलावरों ने किया लूटपाट

Liquor Mafia Attack :  इस हमले के दौरान लूटपाट की घटना भी सामने आई है। आरोप है कि एक हमलावर ने बिट्टू पांडेय के गले से लगभग एक तोले का सोने का चेन छीन लिया, जिसकी कीमत करीब सवा लाख रुपये बताई जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमलावर बिट्टू को मृत समझकर मौके से फरार हो गए।

घटना की सूचना तुरंत 112 नंबर पर दी गई, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घायल बिट्टू पांडेय से घटना की जानकारी ली और उन्हें तत्काल इलाज के लिए आंदर सरकारी अस्पताल भेजा, जहां उनका उपचार जारी है।

इस मामले में आंदर थाना में दोनों पक्षों की ओर से केस दर्ज कराया गया है। वहीं, हमलावर पक्ष ने पलटवार करते हुए बिट्टू पांडेय पर छेड़खानी जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं, जिससे मामले ने और भी जटिल रूप ले लिया है।

शराबबंदी कानून की प्रभावशीलता पर सवाल

Liquor Mafia Attack :  इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर बिहार में लागू शराबबंदी कानून की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर राज्य में शराबबंदी का सख्त कानून लागू है, वहीं दूसरी ओर जमीनी स्तर पर शराब माफिया बेखौफ होकर अवैध कारोबार चला रहे हैं।

सीवान जिले की भौगोलिक स्थिति भी इस समस्या को बढ़ावा देती है, क्योंकि यह उत्तर प्रदेश की सीमा से सटा हुआ है। आरोप है कि कथित शराब माफिया यहां से ‘बंटी बबली’ नामक देशी शराब की पेटियां अवैध रूप से लाते हैं और गांवों में खुलेआम बेचते हैं, जिससे उन्हें भारी मुनाफा होता है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन इस समस्या को गंभीरता से ले, तो इस अवैध कारोबार पर रोक लगाई जा सकती है। गांव के लोगों ने मांग की है कि उत्क्रमित विद्यालय संजलपुर के पास एक स्थायी पुलिस चौकी स्थापित की जाए, ताकि इस क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को मजबूत किया जा सके और शराब माफियाओं पर प्रभावी कार्रवाई हो सके।

यह घटना न केवल कानून व्यवस्था पर सवाल उठाती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि समाज में गलत गतिविधियों के खिलाफ आवाज उठाने वालों की सुरक्षा सुनिश्चित करना कितना जरूरी है।

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