पटना, 7 जनवरी। Justice Sahu Appointment : न्यायमूर्ति संगम कुमार साहू ने बुधवार को पटना उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के रूप में औपचारिक रूप से शपथ ग्रहण कर ली। राजधानी पटना स्थित लोक भवन के राजेंद्र मंडप में आयोजित भव्य शपथ ग्रहण समारोह में बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।
इस अवसर पर आयोजित समारोह में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उप मुख्यमंत्री विजय सिन्हा, संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी, बिहार विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार समेत राज्य सरकार के कई मंत्री उपस्थित रहे। इसके अलावा पटना उच्च न्यायालय के न्यायाधीश, वरिष्ठ अधिवक्ता, प्रशासनिक अधिकारी और अन्य गणमान्य अतिथि भी समारोह में शामिल हुए।

Justice Sahu Appointment भेजी थी अनुशंसा
Justice Sahu Appointment : गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने दिसंबर में हुई अपनी महत्वपूर्ण बैठक में न्यायमूर्ति संगम कुमार साहू के नाम की अनुशंसा केंद्र सरकार को भेजी थी। राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्रालय ने उनकी नियुक्ति से संबंधित अधिसूचना जारी की। इससे पहले पटना उच्च न्यायालय में कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश के रूप में न्यायमूर्ति सुधीर सिंह कार्यभार संभाल रहे थे।
न्यायमूर्ति संगम कुमार साहू का जन्म 5 जून 1964 को हुआ था। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा कटक के नया बाजार हाई स्कूल से प्राप्त की। इसके बाद स्टीवर्ट विज्ञान कॉलेज से बीएससी की डिग्री हासिल की। उच्च शिक्षा के तहत उन्होंने उत्कल विश्वविद्यालय से अंग्रेजी और उड़िया विषयों में स्नातकोत्तर की पढ़ाई पूरी की।

विरासत में मिली थी कानून के प्रति रुचि
Justice Sahu Appointment : कानून के क्षेत्र में उनकी रुचि उन्हें विरासत में मिली और उन्होंने अपने परिवार से ही न्याय और विधि की बारीकियों को सीखा। 26 नवंबर 1989 को उन्होंने ओडिशा राज्य बार काउंसिल में अधिवक्ता के रूप में पंजीकरण कराया। अपने शुरुआती करियर में उन्होंने डॉ. मनोरंजन पंडा के साथ कार्य किया। न्यायमूर्ति साहू एक प्रख्यात फौजदारी मामलों के वकील के रूप में पहचाने जाते थे और इस क्षेत्र में उन्होंने एक मजबूत पहचान बनाई।
दो जुलाई 2014 को उन्हें ओडिशा उच्च न्यायालय का न्यायाधीश नियुक्त किया गया था। तब से लेकर अब तक वे न्यायिक दायित्वों का सफलतापूर्वक निर्वहन करते आ रहे हैं। अब पटना उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के रूप में उनके कार्यभार संभालने से न्यायिक व्यवस्था को नई दिशा और गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।







