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Jiradei voting : जीरादेई में लोकतंत्र के महापर्व में मतदान के लिए दिखा उत्साह बहुत कुछ कहता है

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Jiradei voting


अनुज श्रीवास्तव, जीरादेई (सीवान)। Jiradei voting :
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए मतदान के दिन, अपने मत डालने के लिए लोगों में काफी उत्साह देखने को मिला। खासकर जीरादेई विधानसभा क्षेत्र (सीवान जिले) में पुरुष, महिला और युवा वोटरों ने मतदान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस क्रम में बूथ संख्या 282, 283 (बंथु सलोना गाँव) तथा बूथ संख्या 284, 285, 286 (संजलपुर) में पूरी शांति व्यवस्था के साथ लोगों ने मतदान किया। लोगों का यह उत्साह काफी कुछ कहता है।

यहाँ यह भी विशेष है कि जीरादेई क्षेत्र देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद की जन्म-भूमि और कर्मभूमि है। इस निर्वाचन क्षेत्र में मतदाताओं की कुल संख्या लगभग तीन लाख है। इस सीट पर मुख्य मुकाबला जनता दल (यू) के भीष्म सिंह कुशवाहा और माले समर्थित अमरजीत कुशवाहा (राजद समर्थन प्राप्त) के बीच है। वहीं जन सुराज पार्टी के मुन्ना पाण्डेय इस बार पिछड़ते नज़र आ रहे हैं।

पिछले परिणाम और रुझान

Jiradei voting : 2020 में इस क्षेत्र से CPI(ML) Liberation के अमरजीत कुशवाहा ने जीत हासिल की थी। उन्हें लगभग 69,442 वोट मिले और JD(U) के कमला सिंह को लगभग 43,932 वोट मिले थे।

2020 के उस चुनाव में मतदान प्रतिशत लगभग 51.5 % था।

इस सीट पर पिछले दो दशकों में किसी भी उम्मीदवार को लगातार दो बार नहीं चुना गया है।

इस इलाके की सामाजिक-भौगोलिक विशेषताएँ

Jiradei voting : मुख्यतः ग्रामीण क्षेत्र है, यहाँ शहरी मतदाताओं की तुलना में ग्रामीण मतदाता बहुत अधिक हैं; अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और मुस्लिम वोटर्स की संख्या उल्लेखनीय है।

इस क्षेत्र में वामपंथी राजनीति का भी असर रहा है — उदाहरण के लिए CPI(ML) ने यहाँ जमीनी स्तर पर सक्रिय कैंपेन चलाया है।

2025 के चुनाव में देखने योग्य बिंदु
  • 2025 में इस सीट पर वोटिंग उत्साह देखने को मिला है। बूथों में युवाओं-महिलाओं की भागीदारी अच्छी रही।
  • चूंकि पिछले चुनाव में लगभग 51 % मतदान हुआ था।
  • इस सीट पर किसी भी उम्‍मीदवार ने लगातार दो बार जीत नहीं पाई, इसलिए 2025 का चुनाव “नया चेहरा” या “कोई बदलाव” वाला हो सकता है।
  • उम्मीदवारों के बीच मुकाबला विचारधारा (वाम बनाम अन्य) + जातीय/सामाजिक समीकरण के इर्द-गिर्द रहा है — इसे इस चुनाव में भी ध्यान देना होगा।
  • विकास, कृषि-रोजगार, युवा पलायन जैसे विषय इस इलाके में संवेदनशील हैं — जैसे कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था, सुविधाओं की कमी आदि।
ohm verma
Author: ohm verma

Om Verma (ohm verma) is a graduate from Motilal Nehru College of Delhi University. He has done Journalism and Mass Communication from Kurukshetra University. He has worked in Hari Bhoomi newspaper published from Haryana. After this, he worked for Dainik Jagran as Chief Sub Editor for a long time. He held many important roles in the Noida office. During this time, he participated in debates on many national TV channels.

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