Iran Protests Crisis : सत्ता के खिलाफ सड़कों पर लोग
तेहरान, 10 जनवरी । Iran Protests Crisis : ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों ने अब उग्र रूप ले लिया है। देश के अलग-अलग हिस्सों में जारी आंदोलन में अब तक 200 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है, जबकि हजारों प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है। हालात इतने तनावपूर्ण हो गए हैं कि कई क्षेत्रों में इंटरनेट और संचार सेवाएं भी बंद कर दी गई हैं। इसके बावजूद लोगों का आक्रोश कम नहीं हुआ है।
13वें दिन भी जारी आंदोलन, मौत का आंकड़ा बढ़ने की आशंका
Iran Protests Crisis : मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दिसंबर 2025 के अंत में शुरू हुए इन प्रदर्शनों में कम से कम 62 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। अमेरिका स्थित मानवाधिकार संगठन ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी (HRANA) का दावा है कि मृतकों की संख्या 65 से भी अधिक हो सकती है। संगठन के मुताबिक, 9 जनवरी को प्रदर्शन 13वें दिन में प्रवेश कर चुके थे और अब तक 2,311 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
31 प्रांतों तक फैला आंदोलन, 180 शहरों में प्रदर्शन
Iran Protests Crisis : एचआरएएनए की रिपोर्ट बताती है कि विरोध प्रदर्शन पूरे ईरान में फैल चुके हैं। देश के सभी 31 प्रांतों के 180 शहरों में 512 से अधिक स्थानों पर लोग सड़कों पर उतर चुके हैं। आंदोलन की शुरुआत 28 दिसंबर 2025 को तेहरान के दो बाजारों से हुई थी, जहां लोग महंगाई, बेरोजगारी और ईरानी मुद्रा रियाल की गिरती कीमतों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे। धीरे-धीरे यह आंदोलन व्यापक जनविद्रोह में बदल गया और अब इसका निशाना सीधे सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के नेतृत्व वाली धार्मिक सत्ता बन चुकी है।
सरकारी मीडिया का पहला कबूलनामा, विदेशों पर आरोप
Iran Protests Crisis : ईरान की सरकारी मीडिया ने शुक्रवार को पहली बार माना कि प्रदर्शनों में जान-माल का नुकसान हुआ है, हालांकि, उसने मृतकों या घायलों का कोई स्पष्ट आंकड़ा नहीं दिया। साथ ही, हिंसा के लिए अमेरिका और इजरायल से जुड़े कथित आतंकी एजेंटों को जिम्मेदार ठहराया गया है।
खामेनेई का तीखा भाषण, ट्रंप पर साधा निशाना
Iran Protests Crisis : इस बीच, सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ‘घमंडी’ बताया और आरोप लगाया कि उनके हाथ ईरानियों के खून से सने हैं। उन्होंने कहा कि ट्रंप को अपने देश की आंतरिक समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए। खामेनेई ने संकेत दिए कि सुरक्षा बल अब प्रदर्शनकारियों के खिलाफ और सख्त कार्रवाई करेंगे। सरकारी टीवी पर ‘अमेरिका मुर्दाबाद’ के नारे भी सुनाई दिए।
सोशल मीडिया पर भी जंग, 12 दिनों की लड़ाई का जिक्र
Iran Protests Crisis : खामेनेई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर भी ट्रंप पर हमला बोला और दावा किया कि जून में हुई 12 दिनों की जंग में एक हजार से अधिक ईरानी मारे गए थे, जिसका आदेश ट्रंप ने दिया था।
रजा पहलवी की अपील, सड़कों पर बढ़ी भीड़
Iran Protests Crisis : इसी बीच, ईरान के निर्वासित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी ने ट्रंप से तत्काल हस्तक्षेप की अपील की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा, “मिस्टर प्रेसिडेंट, यह ईरान के लोगों के लिए तुरंत मदद और कार्रवाई की अपील है।”
पहलवी की अपील के बाद गुरुवार और शुक्रवार को बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरे। कई जगहों पर प्रदर्शनकारियों ने उनके समर्थन में नारे लगाए और उनकी ईरान वापसी की मांग की।
1979 की क्रांति की यादें फिर ताजा
Iran Protests Crisis : गौरतलब है कि रजा पहलवी के पिता ईरान के आखिरी शाह थे, जिन्हें 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद सत्ता छोड़कर देश से बाहर जाना पड़ा था। मौजूदा हालात में एक बार फिर ईरान में सत्ता परिवर्तन की अटकलें तेज होती नजर आ रही हैं।







