नई दिल्ली, 12 मार्च। Energy Security : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को देशवासियों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि ईरान और मध्यपूर्व में जारी संघर्ष के कारण तेल और गैस सप्लाई में किसी भी तरह की रुकावट भारत की ऊर्जा सुरक्षा को प्रभावित नहीं कर सकती। उन्होंने कहा कि सरकार ने इस दिशा में पहले ही कई ठोस कदम उठाए हैं और भविष्य में भी हर चुनौती का सामना करने के लिए तैयार है।
Energy Security : भारत को आत्मनिर्भर बनाने का निरंतर प्रयास
पीएम मोदी ने कहा कि 2014 से पहले भारत के पास स्ट्रेटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व (SPR) के लिए सीमित स्टोरेज क्षमता थी। इसका सीधा असर यह था कि किसी भी अंतरराष्ट्रीय संकट के समय देश को तत्काल तेल की आपूर्ति में मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता था। लेकिन अब केंद्र सरकार ने इस चुनौती को समझते हुए 5.33 मिलियन मीट्रिक टन की कुल क्षमता वाली स्ट्रेटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व फैसिलिटी विकसित की।
प्रधानमंत्री ने बताया कि इस फैसिलिटी का उद्देश्य शॉर्ट-टर्म सप्लाई शॉक्स के दौरान लगभग 9.5 दिनों की क्रूड ऑयल की जरूरत को पूरा करना है। इसके अलावा, देश के ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMC) के पास भी 64.5 दिनों तक क्रूड ऑयल और पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स स्टोर करने की क्षमता है। इन दोनों का जोड़ मिलाकर भारत की कुल नेशनल स्टोरेज क्षमता अब 74 दिनों तक की हो गई है।
संकट के समय भी पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता
प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट किया कि भारत सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि दुनिया के किसी भी हिस्से में युद्ध या संघर्ष के कारण भारतीय नागरिकों को ऊर्जा संकट का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि देश में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय लगातार स्थिति की निगरानी कर रहा है। हर दिन लगभग 50 लाख एलपीजी सिलेंडर वितरित किए जा रहे हैं, जिससे उपभोक्ताओं को रसोई गैस की पैनिक बुकिंग से बचने की सलाह दी गई है।
होर्मुज जलडमरूमध्य का संकट और भारत की रणनीति
Energy Security : प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह संघर्ष का 13वां दिन है और इतिहास में पहली बार होर्मुज जलडमरूमध्य को वाणिज्यिक शिपिंग के लिए प्रभावी रूप से बंद कर दिया गया है। लेकिन भारत ने इस संकट का सामना करने के लिए अंतरराष्ट्रीय रणनीति अपनाई है।
मंत्रालय ने कहा कि भारत कच्चा तेल अब 40 से अधिक देशों से प्राप्त कर रहा है। 70 प्रतिशत आपूर्तिकर्ता ऐसे हैं जो होर्मुज जलडमरूमध्य के अलावा अन्य सुरक्षित मार्गों से भारत तक तेल भेज रहे हैं। इस वजह से तेल और गैस की आपूर्ति निरंतर बनी हुई है और देशवासियों को किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।
तेल खपत और रिफाइनिंग क्षमता में मजबूती
Energy Security : पीएम मोदी ने बताया कि भारत की दैनिक तेल खपत लगभग 5.5 मिलियन बैरल है और कई समय में यह खपत 100 प्रतिशत से अधिक हो जाती है। लेकिन देश की बड़ी रिफाइनिंग क्षमता और पर्याप्त भंडारण व्यवस्था के कारण युद्ध संकट के दौरान भी पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता में कोई कमी नहीं आई।
उन्होंने कहा कि सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स देने वाले 1 लाख से अधिक रिटेल आउटलेट्स हमेशा पर्याप्त स्टॉक के साथ काम करें। इस उपाय से देश में ईंधन संकट की संभावना न्यूनतम हो गई है और आम जनता के लिए संकट प्रबंधन आसान हुआ है।
एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए विशेष संदेश
Energy Security : प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों से अपील की कि एलपीजी सिलेंडर की पैनिक बुकिंग से बचें। उन्होंने बताया कि सरकार हर दिन 50 लाख से अधिक एलपीजी सिलेंडर वितरित कर रही है। इसलिए उपभोक्ताओं को घर पर गैस की कमी को लेकर चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि आपदा या संकट के समय सरकार हमेशा तैयार रहती है और हर नागरिक को निर्बाध ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए जाते हैं।
रणनीतिक उपाय और वैश्विक संपर्क
Energy Security : पीएम मोदी ने कहा कि भारत सरकार ने एनर्जी सेक्टर में आत्मनिर्भरता के लिए कई कदम उठाए हैं। इस दौरान अंतरराष्ट्रीय सहयोग और वैकल्पिक मार्गों का भी ध्यान रखा गया है। उन्होंने कहा कि किसी भी जियोपॉलिटिकल तनाव या युद्ध के दौरान भारत की ऊर्जा सुरक्षा को खतरा नहीं होने दिया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत के पास पर्याप्त स्ट्रेटेजिक और नॉन-स्ट्रेटेजिक रिजर्व हैं, जिससे अचानक तेल और गैस आपूर्ति में रुकावट होने पर भी देश सामान्य रूप से काम कर सकता है।
भविष्य की तैयारियां और नागरिक सुरक्षा
प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों को आश्वस्त करते हुए कहा कि सरकार एनर्जी सेक्योरिटी सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव कदम उठा रही है। साथ ही पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय यह देख रहा है कि हर नागरिक को घर, उद्योग और व्यवसाय में पर्याप्त ईंधन मिले।
Energy Security : उन्होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में भी भारत ने अंतरराष्ट्रीय सहयोग और वैकल्पिक आपूर्ति मार्गों के माध्यम से खुद को पूरी तरह तैयार रखा है। इससे यह सुनिश्चित होता है कि किसी भी आपात स्थिति में देशवासियों को ऊर्जा संकट या गैस की कमी का सामना न करना पड़े।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अनुसार, भारत की एनर्जी सेक्योरिटी मजबूत है और देश किसी भी अंतरराष्ट्रीय संकट या युद्ध के दौरान सुरक्षित रह सकता है। सरकार ने रिफाइनिंग, भंडारण और वितरण में कई कदम उठाए हैं, जिससे पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति निरंतर बनी हुई है। एलपीजी और अन्य ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए मंत्रालय और सरकारी एजेंसियां लगातार काम कर रही हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों से अपील की कि वे पैनिक बुकिंग और अफवाहों से बचें और भरोसा रखें कि देश की ऊर्जा सुरक्षा पूरी तरह सुरक्षित है।







