'एन पी एन लाइव'

Hormuz Blockade Threat : होर्मुज पर ट्रंप का अल्टीमेटम, 48 घंटे में हटाओ नाकेबंदी वरना तबाही

SHARE:

Hormuz Blockade Threat: Trump Warns Iran of Action in 48 Hours

Hormuz Blockade Threat : नाटो पर भी बरसे ट्रंप: होर्मुज मुद्दे पर बदला तेवर

वाशिंगटन, 4 अप्रैल। Hormuz Blockade Threat : मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर मंडराते संकट के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए 48 घंटे का अल्टीमेटम जारी किया है। यह चेतावनी दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक होर्मुज स्ट्रेट की नाकेबंदी को लेकर दी गई है, जिसे लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।

ट्रंप ने बेहद सख्त अंदाज में यह कहा

Hormuz Blockade Threat : राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर बेहद सख्त और आक्रामक लहजे में पोस्ट करते हुए कहा, “नाकेबंदी तुरंत हटाओ, वरना तबाही के लिए तैयार रहो।” उन्होंने अपने पुराने बयान को याद दिलाते हुए लिखा कि उन्होंने पहले भी ईरान को इस मार्ग को खोलने या समझौता करने के लिए 10 दिनों की समयसीमा दी थी, लेकिन अब वह समय तेजी से समाप्त हो रहा है। ट्रंप ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “अब सिर्फ 48 घंटे बचे हैं, इसके बाद हालात बेहद गंभीर हो जाएंगे।”

ट्रंप के बयानों में बदलाव

Hormuz Blockade Threat : ट्रंप के बयानों में लगातार बदलाव भी देखने को मिला है, जिससे अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक हलकों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। शनिवार को उन्होंने पहले 48 घंटे के भीतर कार्रवाई की धमकी दी थी, जिसमें ईरान के पावर प्लांट्स पर हमले की बात कही गई थी। बाद में उन्होंने इस समयसीमा को बढ़ाकर 10 दिन कर दिया, लेकिन अब फिर से 48 घंटे की चेतावनी देकर अपने रुख को और अधिक सख्त कर दिया है।

ट्रंप ने नाटो को भी घेरा

Hormuz Blockade Threat : इतना ही नहीं, ट्रंप ने इस मुद्दे पर NATO को भी घेरते हुए कहा कि होर्मुज स्ट्रेट को खुलवाने की जिम्मेदारी अब केवल अमेरिका की नहीं है। उन्होंने कहा कि अमेरिका को इस समुद्री मार्ग से तेल की उतनी जरूरत नहीं है, जितनी अन्य देशों को है, इसलिए जिन देशों की अर्थव्यवस्था इस मार्ग पर निर्भर है, उन्हें इसकी सुरक्षा और संचालन की जिम्मेदारी उठानी चाहिए।

कई देशों ने अमेरिका का समर्थन नहीं किया

Hormuz Blockade Threat : ट्रंप के अनुसार, कई देशों ने इस मुद्दे पर अमेरिका का खुलकर समर्थन नहीं किया, जिसके चलते उन्होंने यह सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अमेरिका जरूरत पड़ने पर सहयोग करेगा, लेकिन नेतृत्व की जिम्मेदारी अब अन्य देशों को निभानी होगी।

जारी हैं ईरान पर हमले

Hormuz Blockade Threat : गौरतलब है कि 28 फरवरी को United States और Israel द्वारा ईरान पर किए गए संयुक्त हमलों के बाद से क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच गया है। इसके जवाब में ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में आवाजाही को लगभग बाधित कर दिया है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति पर गंभीर असर पड़ा है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में अस्थिरता बढ़ गई है।

इसी बीच, ट्रंप ने अपने एक अन्य पोस्ट में नाटो पर भी तीखा हमला बोला है। उन्होंने नाटो को “कमजोर” और “गैर-भरोसेमंद” सहयोगी बताते हुए कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में यह संगठन अपने दायित्वों को प्रभावी ढंग से निभाने में असफल रहा है। उन्होंने यह संकेत भी दिया कि अमेरिका नाटो के साथ अपने संबंधों की समीक्षा कर सकता है, जो वैश्विक सुरक्षा ढांचे के लिए एक बड़ा संकेत माना जा रहा है।

हो सकता है बड़ा सैन्य टकराव

Hormuz Blockade Threat : विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप की यह चेतावनी केवल एक कूटनीतिक दबाव बनाने की रणनीति नहीं है, बल्कि यह संभावित सैन्य कार्रवाई की ओर भी इशारा करती है। यदि अगले 48 घंटों में स्थिति नहीं बदलती है, तो मध्य पूर्व में एक बड़े सैन्य टकराव की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता, जिसका प्रभाव वैश्विक राजनीति, अर्थव्यवस्था और ऊर्जा बाजार पर व्यापक रूप से पड़ सकता है।

Leave a Comment

सबसे ज्यादा पढ़ी गई