नई दिल्ली, 1 फरवरी। High Speed Corridors : केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने केंद्र सरकार के तीसरे कार्यकाल का तीसरा और अपना लगातार नौवां केंद्रीय बजट पेश करते हुए इंफ्रास्ट्रक्चर को विकास का प्रमुख इंजन बताया। बजट 2026-27 में रेलवे, विमानन और जल परिवहन के लिए कई अहम घोषणाएं की गई हैं, जिनका उद्देश्य कनेक्टिविटी मजबूत करना, लॉजिस्टिक्स लागत घटाना और आर्थिक विकास को नई गति देना है।
High Speed Corridors : रेलवे को ऐतिहासिक तोहफा : 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर
केंद्रीय बजट 2026 में रेलवे के लिए बड़ा फैसला लेते हुए सरकार ने सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के निर्माण की घोषणा की। ये कॉरिडोर देश के प्रमुख औद्योगिक और आर्थिक केंद्रों को आधुनिक और तेज़ रेल नेटवर्क से जोड़ेंगे।
प्रस्तावित हाई-स्पीड कॉरिडोर इस प्रकार हैं— मुंबई–पुणे, पुणे–हैदराबाद, हैदराबाद–बेंगलुरु, हैदराबाद–चेन्नई, चेन्नई–बेंगलुरु, दिल्ली–वाराणसी और वाराणसी–सिलीगुड़ी।
जलमार्गों का विस्तार: 20 नए नेशनल वाटरवे
High Speed Corridors : वित्त मंत्री ने घोषणा की कि अगले पांच वर्षों में 20 नए जलमार्ग चालू किए जाएंगे। इसकी शुरुआत ओडिशा के नेशनल वॉटरवे-5 से होगी, जो तालचेर और अंगुल जैसे खनिज-समृद्ध क्षेत्रों को कलिंगनगर औद्योगिक केंद्र और पारादीप व धमरा बंदरगाहों से जोड़ेगा। इससे कम लागत और पर्यावरण के अनुकूल कार्गो परिवहन को बढ़ावा मिलेगा।
वाराणसी और पटना बनेंगे शिप रिपेयर हब
High Speed Corridors : अंतर्देशीय जल परिवहन को मजबूती देने के लिए वाराणसी और पटना में शिप रिपेयर और मेंटेनेंस का आधुनिक इकोसिस्टम विकसित किया जाएगा। इसके साथ ही समुद्री विमान सेवाओं के लिए वायबिलिटी गैप फंडिंग (VGF) योजना शुरू करने की भी घोषणा की गई है।
एमएसएमई और टेक्सटाइल सेक्टर को नई ताकत
High Speed Corridors : बजट 2026 में छोटे और मझोले उद्योगों के लिए 10,000 करोड़ रुपये का ग्रोथ फंड लाने का एलान किया गया है, जिससे उद्यमियों को कारोबार विस्तार में मदद मिलेगी। इसके अलावा, टेक्सटाइल सेक्टर को विशेष प्रोत्साहन देकर रोजगार और निर्यात बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है।
इंफ्रा रिस्क गारंटी और कोस्टल कार्गो को बढ़ावा
High Speed Corridors : वित्त मंत्री ने बताया कि इंफ्रा रिस्क गारंटी फंड की स्थापना की जाएगी और कोस्टल कार्गो प्रमोशन स्कीम लॉन्च होगी। साथ ही, जलमार्ग क्षेत्र में रोजगार सृजन के लिए युवाओं को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे इस सेक्टर के लिए कुशल मानव संसाधन तैयार किया जा सके।
तेज़ कनेक्टिविटी, मजबूत अर्थव्यवस्था
कुल मिलाकर बजट 2026-27 में रेलवे, जलमार्ग और इंफ्रास्ट्रक्चर पर किया गया फोकस देश की लॉजिस्टिक्स क्षमता बढ़ाने और आर्थिक विकास को रफ्तार देने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।







