अहमदाबाद, 26 अगस्त। electric vehicles : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को अहमदाबाद के हंसलपुर में सुजुकी के पहले वैश्विक रणनीतिक बैटरी इलेक्ट्रिक वाहन (बीईवी) ‘ई-विटारा’ को झंडी दिखाई। इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अब दुनिया के दर्जनों देशों में जो ईवी चलेगी, उसमें ‘मेड इन इंडिया’ लिखा होगा।
मेक फॉर द वर्ल्ड
electric vehicles : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत अब वैश्विक स्तर पर ‘मेक फॉर द वर्ल्ड’ के लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा है। पीएम मोदी ने बताया कि अब भारत में बनी इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (ईवी) को 100 से अधिक देशों में निर्यात किया जाएगा। देश में हाइब्रिड बैटरी इलेक्ट्रोड मैन्युफैक्चरिंग की भी शुरुआत हो गई है।
भारत की सफलता की कहानी के बीच 13 साल पहले
electric vehicles : पीएम मोदी ने याद दिलाया कि भारत की सफलता की कहानी के बीज करीब 13 साल पहले बोए गए थे। 2012 में जब वे गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तब उन्होंने मारुति सुज़ुकी को हंसलपुर में जमीन अलॉट की थी। उन्होंने कहा, “विजन तब भी आत्मनिर्भर भारत का था और मेक इन इंडिया का था। हमारे तब के प्रयास आज देश के संकल्पों को पूरा करने में इतनी बड़ी भूमिका निभा रहे हैं।”
भारत में भी बैटरी उत्पादन
electric vehicles : प्रधानमंत्री ने कहा, “इलेक्ट्रिक वाहनों के इकोसिस्टम में बैटरी सबसे महत्वपूर्ण घटक है। कुछ साल पहले तक भारत पूरी तरह से बैटरियों के लिए आयात पर निर्भर था। इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण को मजबूत करने के लिए भारत में भी बैटरी उत्पादन शुरू करना जरूरी था। इसी दृष्टिकोण के साथ हमने 2017 में टीडीएसजी बैटरी प्लांट की नींव रखी। इस कारखाने में, तीन जापानी कंपनियां मिलकर बैटरी सेल का निर्माण करेंगी। यह स्थानीयकरण हमारे आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण को नई ताकत देगा।”
प्रधानमंत्री ने सभी राज्यों से आग्रह किया कि वे इस मौके का पूरा लाभ उठाएं। उन्होंने कहा, “मैं सभी राज्यों को निमंत्रण देता हूं। आइए, रिफॉर्म की स्पर्धा करें, प्रो-डेवलपमेंट पॉलिसी की स्पर्धा करें, गुड गवर्नेंस की स्पर्धा करें।” इस दौरान पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश का लक्ष्य है कि 2047 तक भारत एक विकसित राष्ट्र बने।







