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DY Patil Death : शिक्षा और समाजसेवा के युगपुरुष डॉ. डीवाई पाटिल नहीं रहे, पूरे देश में शोक की लहर

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नई दिल्ली, 4 अगस्त। DY Patil Death : देश के जाने-माने शिक्षाविद, समाजसेवी, उद्योगपति और पूर्व राज्यपाल पद्मश्री डॉ. डीवाई पाटिल का निधन हो गया। उन्होंने कोल्हापुर में अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर सामने आते ही राजनीतिक, शैक्षणिक और सामाजिक क्षेत्रों में शोक की लहर दौड़ गई। शिक्षा के क्षेत्र में उनके अभूतपूर्व योगदान और जनसेवा के प्रति उनके समर्पण को याद करते हुए देशभर के नेताओं, शिक्षाविदों और हजारों लोगों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

डॉ. डीवाई पाटिल ने अपने जीवन का अधिकांश समय शिक्षा के विस्तार और समाज के वंचित वर्गों के उत्थान के लिए समर्पित किया। उनके द्वारा स्थापित शिक्षण संस्थानों ने लाखों विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने का अवसर दिया। यही वजह है कि उनका जाना केवल एक व्यक्ति का निधन नहीं, बल्कि शिक्षा जगत के एक महत्वपूर्ण अध्याय का अंत माना जा रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जताया गहरा शोक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि डॉ. डीवाई पाटिल ने शिक्षा और समाजसेवा के माध्यम से देश की अमूल्य सेवा की। उन्होंने विशेष रूप से गरीब और जरूरतमंद लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए।

प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि डॉ. पाटिल का निधन अत्यंत दुखद है और उनके कार्यों को लंबे समय तक याद किया जाएगा। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए शोक संतप्त परिवार और उनके शुभचिंतकों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं।

शिक्षा के क्षेत्र में छोड़ी अमिट पहचान

डॉ. डीवाई पाटिल का नाम देश के उन चुनिंदा शिक्षाविदों में शामिल किया जाता है जिन्होंने शिक्षा को समाज परिवर्तन का सबसे प्रभावी माध्यम माना। उन्होंने विभिन्न राज्यों में अनेक स्कूल, कॉलेज, मेडिकल कॉलेज, इंजीनियरिंग संस्थान, विश्वविद्यालय और अन्य उच्च शिक्षण संस्थानों की स्थापना की।

उनकी सोच केवल डिग्री प्रदान करने तक सीमित नहीं थी, बल्कि वे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक संसाधनों और बेहतर शैक्षणिक वातावरण के माध्यम से विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के पक्षधर थे। उनके संस्थानों से पढ़कर निकले हजारों छात्र आज देश और विदेश में विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा रहे हैं।

जनसेवा को बनाया जीवन का उद्देश्य

DY Patil Death : शिक्षा के साथ-साथ समाजसेवा भी डॉ. पाटिल के जीवन का अहम हिस्सा रही। उन्होंने गरीबों, किसानों और जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए कई सामाजिक पहल कीं। स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने और चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार करने में भी उनका उल्लेखनीय योगदान रहा।

वे मानते थे कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाएं पहुंचना ही वास्तविक विकास है। इसी सोच के साथ उन्होंने अनेक सामाजिक और जनकल्याणकारी कार्यों को आगे बढ़ाया।

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दी श्रद्धांजलि

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी डॉ. डीवाई पाटिल के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि बिहार, त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्यपाल तथा डीवाई पाटिल ग्रुप के संस्थापक के रूप में उनका योगदान हमेशा याद किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन, शिक्षा और राष्ट्र निर्माण में डॉ. पाटिल की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। उनका जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा। केंद्रीय मंत्री ने शोक संतप्त परिवार और उनके लाखों अनुयायियों के प्रति संवेदना व्यक्त की।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने किया याद

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपने शोक संदेश में कहा कि डॉ. डीवाई पाटिल ने अपना पूरा जीवन समाज और राष्ट्र की सेवा के लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में जो संस्थान स्थापित किए, उन्होंने लाखों युवाओं के भविष्य को नई दिशा देने का कार्य किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. पाटिल की दूरदर्शी सोच और शिक्षा के प्रति उनका समर्पण हमेशा प्रेरणादायक रहेगा। उनका योगदान देश के विकास की यात्रा में सदैव याद रखा जाएगा।

भाजपा नेता पंकज चौधरी ने बताया अपूरणीय क्षति

DY Patil Death : उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष एवं सांसद पंकज चौधरी ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पूर्व राज्यपाल, वरिष्ठ राजनेता और शिक्षाविद पद्मश्री डॉ. डीवाई पाटिल के निधन का समाचार अत्यंत पीड़ादायक है।

उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के राजनीतिक, सामाजिक और शैक्षणिक क्षेत्र में डॉ. पाटिल का योगदान अतुलनीय रहा है। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति तथा शोकाकुल परिवार और उनके प्रशंसकों को इस कठिन समय में शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।

कोल्हापुर स्थित आवास पर उमड़ा जनसैलाब

डॉ. डीवाई पाटिल के निधन के बाद कोल्हापुर के कस्बा बावड़ा स्थित उनके आवास पर अंतिम दर्शन के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ रही है। सुबह से ही राजनीतिक दलों के नेता, विभिन्न विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधि, शिक्षाविद, सामाजिक कार्यकर्ता, उद्योग जगत से जुड़े लोग और आम नागरिक बड़ी संख्या में वहां पहुंच रहे हैं।

श्रद्धांजलि देने पहुंचे लोगों ने उन्हें एक ऐसे व्यक्तित्व के रूप में याद किया जिसने शिक्षा को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने का संकल्प लिया और उसे सफलतापूर्वक साकार भी किया।

राज्यपाल के रूप में भी निभाई अहम जिम्मेदारी

डॉ. डीवाई पाटिल ने अपने सार्वजनिक जीवन में कई महत्वपूर्ण संवैधानिक जिम्मेदारियां निभाईं। वे बिहार, त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल के राज्यपाल रहे। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने संविधान की गरिमा बनाए रखते हुए प्रशासनिक जिम्मेदारियों का निर्वहन किया। सार्वजनिक जीवन में उनकी सादगी, सौम्यता और कार्यशैली की व्यापक सराहना होती रही।

हमेशा याद किए जाएंगे डॉ. डीवाई पाटिल

DY Patil Death : डॉ. डीवाई पाटिल का पूरा जीवन इस बात का उदाहरण रहा कि शिक्षा और समाजसेवा के माध्यम से भी राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जा सकती है। उन्होंने केवल संस्थानों का निर्माण नहीं किया, बल्कि लाखों विद्यार्थियों के सपनों को साकार करने का मंच तैयार किया।

उनके निधन से देश ने एक दूरदर्शी शिक्षाविद, संवेदनशील समाजसेवी और अनुभवी जनप्रतिनिधि को खो दिया है। हालांकि वे अब हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन शिक्षा, स्वास्थ्य और समाज कल्याण के क्षेत्र में उनके द्वारा किए गए कार्य आने वाली पीढ़ियों को निरंतर प्रेरित करते रहेंगे। देशभर से मिल रही श्रद्धांजलियों के बीच हर कोई उनके योगदान को नमन कर रहा है और उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा है।

jahanvi singh
Author: jahanvi singh

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