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Cyber fraud case : पुणे-जयपुर समेत कई शहरों में ईडी के छापे, दो आरोपी गिरफ्तार

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Cyber fraud case

मुंबई। Cyber fraud case : प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के मुंबई जोन ऑफिस ने शनिवार को अहमदाबाद, जयपुर, जबलपुर और पुणे स्थित कई कैंपसों में छापेमारी की। मेसर्स मैग्नेटेल बीपीएस कंसल्टेंट्स एंड एलएलपी द्वारा की गई साइबर फ्रॉड गतिविधियों की चल रही जांच के सिलसिले में यह तलाशी अभियान चला।

पुणे साइबर पुलिस ने मेसर्स मैग्नेटेल बीपीएस कंसल्टेंट्स एंड एलएलपी नाम से एक फर्जी कॉल सेंटर चलाने में शामिल 8 लोगों के खिलाफ एफआइआर दर्ज की थी। केंद्रीय जांच एजेंसी ईडी ने इस एफआइआर के आधार पर जांच शुरू की। पुणे स्थित प्राइड आइकॉन बिल्डिंग की 9वीं मंजिल से यह कॉल सेंटर संचालित होता था, जहां से फर्जी लोन के माध्यम से अमेरिकी नागरिकों को निशाना बनाने का काम चलता था।

क्रिप्टो वॉलेट में करते थे एकत्रित

Cyber fraud case : ईडी की प्रारंभिक जांच के अनुसार आरोपित बैंकों के कर्मचारी बनकर फर्जी लोन देने के लिए फोन करते थे और फिर अमेरिकी नागरिकों के बैंक खाते के डिटेल्स एवं अन्य क्रेडेंशियल प्राप्त कर लेते थे। इन विवरणों का इस्तेमाल मनी ट्रांसफर करने के लिए किया गया। धोखाधड़ी की गई रकम, जिसका अनुमानित मूल्य लाखों अमेरिकी डॉलर है, संयुक्त राज्य अमेरिका स्थित सहयोगियों के माध्यम से भेजी गई और बाद में उसे क्रिप्टोकरेंसी में परिवर्तित कर दिया गया। इस प्रकार प्राप्त डिजिटल संपत्तियों को ट्रस्ट वॉलेट और एक्सोडस वॉलेट सहित क्रिप्टो वॉलेट में एकत्रित किया जाता था।

अहमदाबाद में पैसा भुनाया गया

ईडी की जांच में पता चला है कि फर्जी तरीके से लिए गए पैसों को भारत में ट्रांसफर किया गया और पारंपरिक अनौपचारिक माध्यमों (अंगड़िया) का उपयोग करके अहमदाबाद में भुनाया गया। धोखाधड़ी से प्राप्त लाभ का एक हिस्सा फिर म्यूल अकाउंट के माध्यम से कंपनी के बैंक खातों में जमा किया गया, जिनका उपयोग मुख्य रूप से सॉफ्टवेयर की खरीद और कार्यालय परिसर के किराये के भुगतान के लिए किया गया, जहां से धोखाधड़ी की गतिविधियां संचालित की जा रही थीं।

Cyber fraud case : धन का बड़ा हिस्सा व्यक्तिगत संपत्ति जैसे सोना, आभूषण, वाहन और अचल संपत्ति खरीदने के लिए उपयोग किया गया।

तलाशी के दौरान बड़ी मात्रा में आभूषण बरामद

Cyber fraud case : तलाशी अभियान के दौरान 7 किलोग्राम सोना, 62 किलोग्राम चांदी, 1.18 करोड़ रुपये नकद, 1.50 करोड़ रुपये मूल्य की अचल संपत्ति से संबंधित दस्तावेज बरामद किए गए। फर्जी कॉल सेंटर के संचालन से संबंधित 9.2 करोड़ रुपये के डिजिटल साक्ष्य जब्त किए गए। इस मामले में मेसर्स मैग्नेटेल बीपीएस कंसल्टेंट्स एंड एलएलपी के दो पार्टनर संजय मोरे और अजीत सोनी को जयपुर से गिरफ्तार किया गया।

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