Custody Death Bihar : हिरासत में मौत से बढ़ा तनाव, प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल
पटना, 9 अप्रैल। Custody Death Bihar : बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में हाल ही में हुई जहरीली शराब कांड के बाद राज्य प्रशासन और पुलिस विभाग ने अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ व्यापक और सख्त अभियान छेड़ दिया है। इस कार्रवाई के तहत लगातार छापेमारी, गिरफ्तारी और नेटवर्क को ध्वस्त करने की कोशिशें जारी हैं। हालांकि, इसी बीच एक नई और गंभीर विवादित घटना सामने आई है, जिसने पुलिस कार्रवाई और हिरासत में रखे गए आरोपितों की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
न्यायिक हिरासत में भेजा गया था
Custody Death Bihar : जानकारी के अनुसार, अवैध शराब कारोबार से जुड़े एक आरोपित अच्छेलाल पासवान की इलाज के दौरान मौत हो गई, जिसके बाद पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया है। अच्छेलाल पासवान लंबे समय से फरार चल रहा था और पुलिस को उसकी तलाश थी। अंततः उसे हरसिद्धि थाना क्षेत्र के घीवाधार इलाके से गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था।
जेल में बिगड़ी तबीयत
Custody Death Bihar : अधिकारियों के मुताबिक, जेल में रहने के दौरान अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उसे तुरंत इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों द्वारा उपचार शुरू किया गया, लेकिन गुरुवार को इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। जैसे ही उसकी मौत की खबर बाहर फैली, उसके परिजन बड़ी संख्या में अस्पताल पहुंच गए और वहां जमकर विरोध प्रदर्शन और हंगामा शुरू कर दिया।
पुलिस पर गंभीर आरोप
Custody Death Bihar : मृतक के परिजनों ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि पुलिस की लापरवाही और कथित भ्रष्टाचार के कारण यह घटना हुई है। परिजनों का आरोप है कि मामले को पहले ही पैसे लेकर सुलझा लिया गया था, इसके बावजूद उसे गिरफ्तार किया गया और बाद में उसे समय पर उचित चिकित्सा सुविधा नहीं दी गई, जिससे उसकी जान चली गई।
चौकीदार ने ली थी 50 हजार रुपये रिश्वत
Custody Death Bihar : मृतक के साले नितेश लाल पासवान ने विशेष रूप से हरसिद्धि थाना में तैनात चौकीदार सुदामा राय पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने 50 हजार रुपये रिश्वत ली थी, इसके बावजूद गिरफ्तारी कराई गई। इस आरोप ने पूरे मामले को और अधिक संवेदनशील बना दिया है और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जारी है अभियान
Custody Death Bihar : इस मामले पर उप मंडल पदाधिकारी निशांत सेहरा ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जिले में अवैध शराब के खिलाफ अभियान लगातार जारी है और इसमें किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जा रही है। उन्होंने बताया कि मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है और इसके बाद शव को परिजनों को सौंप दिया जाएगा। साथ ही उन्होंने आश्वासन दिया कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।
एसडीपीओ ने जानकारी दी कि अच्छेलाल पासवान को 3 अप्रैल को गिरफ्तार किया गया था और न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। हिरासत में रहने के दौरान उसकी तबीयत खराब हुई, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई।
इलाके में तनाव
Custody Death Bihar : इस घटना के बाद इलाके में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है, खासकर इसलिए क्योंकि हाल ही में पूर्वी चंपारण में जहरीली शराब पीने से 11 लोगों की मौत हो चुकी है। ऐसे में यह मामला और भी संवेदनशील हो गया है। यह पहली बार है जब इस पूरे अभियान के दौरान किसी गिरफ्तार आरोपित की इलाज के दौरान मौत हुई है, जिससे प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल उठने लगे हैं।
प्रशासन की हालात पर नजर
Custody Death Bihar : फिलहाल प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। साथ ही अवैध शराब के खिलाफ अभियान को और तेज करने की बात कही जा रही है।
यह पूरा घटनाक्रम न केवल पुलिस कार्रवाई की पारदर्शिता, बल्कि हिरासत में रखे गए आरोपियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं और मानवाधिकारों को लेकर भी गंभीर प्रश्न खड़े करता है। अब सभी की नजरें जांच के निष्कर्ष और प्रशासन द्वारा उठाए जाने वाले अगले कदमों पर टिकी हुई हैं।







