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Bihar : बेकाबू अपरा​ध पर चिराग पासवान का बयान बिहार में एनडीए के लिए खतरे की घंटी!

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ओम वर्मा, पटना। Bihar : इसमें कोई श​क नहीं कि बिहार में अपराध चरम पर है। राज्य में रोज हत्या की खबरें आ रही हैं और ये खबरें आम हो गई हैं। शायद ही कोई दिन हो जब बुरी खबर न आती हो। ऐसा लगता है कि जंगलराज वापस आ गया है और सत्ता, सरकार के हाथ से निकल गई है। यही वजह है कि अपराधी बेलगाम हो गए हैं। दूसरी ओर, अफसर भी अपनी मनमानी कर रहे हैं।

राज्य में बढ़ते अपराध को लेकर एनडीए में शामिल लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने बयान दिया है। उन्होंने बिहार की कानून व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में आपराधिक घटनाओं की एक श्रृंखला बन गई है और प्रशासन अपराधियों के सामने पूरी तरह से नतमस्तक दिख रहा है। चिराग पासवान ने यहां तक कह दिया कि मुझे दुख है कि मैं ऐसी सरकार का समर्थन कर रहा हूं, जहां अपराध बेकाबू है। चिराग का यह बयान एनडीए के लिए खतरे की घंटी है, क्योंकि एनडीए में ही शामिल एक दल राज्य की कानून व्यवस्था से दुखी है। चिराग का यह बयान राज्य में नए राजनीतिक समीकरण बना सकता है।

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बनेगा नया समीकरण

Bihar : राज्य में बढ़ते अपराध को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधने के बाद नए राजनीतिक समीकरण बनते दिखाई दे रहे हैं। जैसे ही चिराग ने कानून व्यवस्था को लेकर बयान दिया, उनको जदयू के नेताओं ने घेरना शुरू कर दिया। जदयू के प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को नीतीश कुमार पर भरोसा है। ऐसे में चिराग पासवान का मन विचलित हो रहा हो तो अलग बात है।

जदयू प्रवक्ता राजीव रंजन ने चिराग पासवान पर निशाना साधते हुए यहां तक कह दिया कि राजनेताओं को बयान देने से पहले अपने गिरेबान में भी झांकना चाहिए।

भाजपा ने किया किनारा

Bihar :  दूसरी ओर भाजपा ने चिराग के बयान से किनारा कर लिया है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता अजय आलोक ने इतना ही कहा, “अगर चिराग पासवान ने कोई बयान दिया है तो सोच-समझकर ही दिया होगा। इस बारे में तो वह ही बेहतर बता सकते हैं।” एक तरफ जदयू ने चिराग को निशाने पर ले लिया है तो दूसरी ओर भाजपा खामोश है। यह इशारा करता है कि जदयू के लिए सबकुछ ठीक नहीं है।

तब जनता ने दिया था ‘सुशासन बाबू’ का नाम

Bihar :  पंद्रह वर्षों के लालू प्रसाद के शासन के बाद नीतीश कुमार ने जब सत्ता संभाली थी तो जनता को काफी उम्मीद थी। लालू प्रसाद के शासन पर ‘जंगल राज’ का ठप्पा लग चुका था। ऐसे में नीतीश कुमार से जनता उम्मीद लगाए बैठी थी कि कानून व्यवस्था के मामले में सरकार बड़ा कदम उठाएगी। राज्य में कानून का राज होगा। नीतीश कुमार इन उम्मीदों पर खरे उतरे। अपराधियों ​के खिलाफ अभियान चलाया गया। बड़े से बड़े अपराधियों को नहीं छोड़ा गया। उन्हें जेल की सलाखों के पीछे भेजा गया। तब जनता ने नीतीश कुमार को ‘सुशासन बाबू’ का नाम दिया। देश दुनिया में चर्चा होने लगी कि बिहार बदल रहा है। फील गुड हो रहा है।

Murder in One Week

आज हालात उल्टे

Bihar : आज राज्य में हालात उल्टे हैं। ऐसा लग रहा कि मानों सत्ता, सरकार के हाथ में है ही नहीं। जनता का आरोप है कि उन्हें डर लग रहा है। जंगलराज वाले हालात पैदा हो गए हैं। रोज हत्याएं हो रही हैं। सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं। हर वर्ग खतरा महसूस कर रहा है। हाल ही में व्यवसायी गोपाल खेमका की हत्या ने तो राज्य को झकझोर दिया। हत्या की रोज खबरें आ रही हैं। हत्या तो राज्य में आम घटना हो गई है। यह सत्य है कि मामलों का खुलासा भी हो रहा है, लेकिन यह भी सत्य है कि अपराधी बेखौफ हो चुके हैं। यह तभी होता है जब सत्ता लचर हो जाए। अपराधियों को कानून का भय न हो।

जदयू के प्रति जनता में रोष

Bihar : राज्य में अपराध हो रहे हैं तो इस पर आवाज उठाने वालों पर ही जदयू जुबानी हमला कर रही है। बात अपराधियों के बेकाबू होने की हो रही है तो जदयू वाले जंगलराज की बात शुरू कर देते हैं। इन बातों को सुनकर जनता आक्रोशित हो रही है। जदयू प्रवक्ता राजीव रंजन ने अपनी सरकार का बचाव करते हुए यहां तक कह दिया कि देश में अपराध मुक्त राज्य की कल्पना करना आज के दौर में काफी मुश्किल है। दूसरे राज्यों की तुलना में हम बिहार की कानून व्यवस्था को बेहतर मानते हैं।

उन्होंने कहा कि बिहार पुलिस पूरी मुस्तैदी के साथ आपराधिक घटनाओं पर कार्रवाई कर अपराधियों को जेल पहुंचाने का काम करती है। 100 फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित किए जा रहे हैं। प्रदेश में बिहार पुलिस अपराधियों पर हावी है और आगे भी हावी रहेगी। अगर राजीव रंजन के दावे को देखें तो राज्य में सबकुछ ‘अच्छा’ है। अगर सबकुछ अच्छा है तो अपराध क्यों हो रहे हैं। इस सवाल का जवाब सरकार के पास नहीं है।

यह ‘चुप्पी’ अच्छी है

राज्य के हालात, चिराग पासवान का बयान और उनपर जदयू के पलटवार पर भाजपा का राज्य नेतृत्व चुप है। दरअसल, भाजपा, राज्य के हालात को समझ रही है। गठबंधन धर्म को देखते हुए भाजपा इस मामले में खुलकर नीतीश कुमार और सरकार पर कुछ नहीं बोल रही है, लेकिन समझ सबकुछ रही है कि हालात बेकाबू हो चुके हैं। जनता का आक्रोश भाजपा को न ले डूबे, इसलिए भाजपा फूंक—फूंक कर कदम रख रही है। यही वजह है कि जदयू और चिराग के मामले में भारतीय जनता पार्टी का नेतृत्व चुप है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता अजय आलोक ने इतना ही कहा— “अगर चिराग पासवान ने कोई बयान दिया है तो सोच-समझकर ही दिया होगा। इस बारे में तो वह ही बेहतर बता सकते हैं।”

जनसुराज सहित सभी दल उठा रहे कानून—व्यवस्था का मामला

Bihar : राज्य में बढ़ते अपराध को लेकर जनसुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर, राजद के तेजस्वी यादव सहित कांग्रेस व अन्य दल, सरकार को घेर रहे हैं। कांग्रेस नेता शकील अहमद ने चिराग पासवान पर चुटकी लेते हुए कहा कि चिराग पासवान एनडीए में शामिल हैं। वह तो खुद को पीएम मोदी का ‘हनुमान’ बताते हैं। मीडिया सवाल करती है तो बिहार सरकार पर निशाना साधते हैं। शकील ने नसीहत दी कि अगर विरोध करना है तो चिराग को इस्तीफा देकर खुलकर मैदान में आना चाहिए।

इतना तो तय है कि चिराग के बयान के बाद राज्य में राजनीतिक गतिविधियां बढ़ेंगी। इससे निश्चित तौर पर जदयू का नुकसान होगा। वर्तमान हालात से तो यही लग रहा है कि जदयू के नेता राज्य के हालात और संवेदनशीलता को नहीं समझ पा रहे हैं।

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