कोलकाता, 31 दिसंबर। Bengal Election Crisis : पश्चिम बंगाल में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने एक बार फिर गंभीर सवाल उठाए हैं। भाजपा विधायक अग्निमित्रा पॉल ने दावा किया कि राज्य की मौजूदा स्थिति ऐसी है कि जनता की ओर से अनुच्छेद 356 लागू करने की मांग उठना स्वाभाविक और जायज है।
उन्होंने बातचीत में कहा— “हम लोग वोट डालते हैं, लेकिन हमारे वोट कहां जा रहे हैं, इसका कोई भरोसा नहीं। कई जगहों पर तो हमें मतदान केंद्रों के भीतर भी जाने नहीं दिया जाता। बूथों पर धांधली होती है और गुंडे लोगों को घरों से निकलने तक नहीं देते।”
Bengal Election Crisis : ईवीएम और स्ट्रॉन्ग रूम में गड़बड़ी के आरोप
अग्निमित्रा पॉल ने आरोप लगाया कि कई बार स्ट्रॉन्ग रूम में हेरफेर के मामले सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि ईवीएम बॉक्स के साथ छेड़छाड़ की घटनाएं भी चिंता बढ़ाने वाली हैं।
उन्होंने कहा— अनुच्छेद 356 लागू करने का फैसला केंद्र का होता है, लेकिन जब जनता डर के माहौल में वोट डालने ही न जा सके तो लोकतंत्र का असली अर्थ खत्म हो जाता है।”
2011 से हालात चिंताजनक : पॉल
Bengal Election Crisis : भाजपा विधायक ने कहा कि 2011 के बाद से पश्चिम बंगाल में हालात लगातार खराब हुए हैं। उन्होंने कहा कि गुंडों के डर से आम लोग मतदान केंद्र तक नहीं पहुंच पाते, ऐसे में स्वतंत्र चुनाव की उम्मीद करना मुश्किल है।
“जब तक लोगों में फैला डर खत्म नहीं होगा, लोकतंत्र मजबूत नहीं हो सकता,” उन्होंने कहा।
केंद्रीय नेतृत्व ने दिया शांतिपूर्ण चुनाव का भरोसा
Bengal Election Crisis : अग्निमित्रा पॉल ने बताया कि भाजपा नेतृत्व ने आश्वासन दिया है कि इस बार का चुनाव शांतिपूर्ण होगा। उन्होंने यह भी बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री की राज्य यात्रा के दौरान चुनाव-संबंधी मुद्दों पर गंभीर चर्चा हुई है।
भाजपा का दावा— दो-तिहाई बहुमत से बनेगी सरकार
Bengal Election Crisis : अग्निमित्रा पॉल ने विश्वास जताया कि आगामी विधानसभा चुनाव में पश्चिम बंगाल की जनता बदलाव लाएगी। उन्होंने कहा कि भाजपा इस बार पूरी मजबूती के साथ मैदान में है और जनता का रुझान पार्टी के पक्ष में दिखाई दे रहा है।
उन्होंने दावे के साथ कहा— “इस बार बंगाल में दो-तिहाई बहुमत के साथ भाजपा की सरकार बनना तय है।”







