Bengal Election Commission : विधानसभा चुनाव की घोषणा के बाद प्रशासनिक महकमे में बड़ा फेरबदल
कोलकाता, 16 मार्च। Bengal Election Commission : पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की घोषणा के तुरंत बाद भारतीय निर्वाचन आयोग ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ा कदम उठाते हुए राज्य के शीर्ष पुलिस अधिकारियों में बड़ा फेरबदल कर दिया है। चुनाव आयोग ने मौजूदा पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) पीयूष पांडे को उनके पद से हटाते हुए 1992 बैच के वरिष्ठ आइपीएस अधिकारी सिद्ध नाथ गुप्ता को पश्चिम बंगाल का नया डीजीपी नियुक्त किया है।
Bengal Election Commission : इसके साथ ही कोलकाता पुलिस में भी बड़ा बदलाव किया गया है। सुप्रतिम सरकार को हटाकर अजय कुमार नंद को कोलकाता का नया पुलिस कमिश्नर बनाया गया है। चुनाव आयोग के इस फैसले को आगामी विधानसभा चुनाव को निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से कराने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
हिंसा-मुक्त चुनाव का वादा, अगले ही दिन बड़ा प्रशासनिक बदलाव
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने रविवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पश्चिम बंगाल के मतदाताओं को भरोसा दिलाया था कि आगामी विधानसभा चुनाव पूरी तरह हिंसा-मुक्त और शांतिपूर्ण माहौल में कराए जाएंगे।
उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा था कि चुनाव आयोग राज्य में निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए हर जरूरी कदम उठाएगा। इसी घोषणा के अगले ही दिन आयोग ने राज्य के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के तबादले और नई नियुक्तियों का आदेश जारी कर दिया।
इन तबादलों में राज्य के डीजीपी और कोलकाता पुलिस कमिश्नर जैसे महत्वपूर्ण पद भी शामिल हैं, जिससे यह स्पष्ट संकेत मिला है कि आयोग चुनावी व्यवस्था को लेकर पूरी तरह सतर्क है।
नए डीजीपी सिद्ध नाथ गुप्ता को मिली सुरक्षा व्यवस्था की कमान
Bengal Election Commission : चुनाव आयोग के आदेश के अनुसार 1992 बैच के आइपीएस अधिकारी सिद्ध नाथ गुप्ता को पश्चिम बंगाल का नया पुलिस महानिदेशक बनाया गया है। उन्हें राज्य की कानून-व्यवस्था बनाए रखने और चुनावी प्रक्रिया को सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने की जिम्मेदारी दी गई है।
इसके अलावा आयोग ने पुलिस प्रशासन में कई अन्य महत्वपूर्ण नियुक्तियां भी की हैं। नटराजन रमेश बाबू को डीजी (करेक्शनल सर्विसेज) नियुक्त किया गया है, जबकि अजय मुकुंद रानाडे को अतिरिक्त महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इन नियुक्तियों का उद्देश्य चुनाव के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाना और किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या हिंसा को रोकना बताया जा रहा है।
मुख्य सचिव और गृह सचिव का भी हुआ तबादला
Bengal Election Commission : चुनाव आयोग ने केवल पुलिस प्रशासन में ही नहीं बल्कि राज्य के प्रशासनिक ढांचे में भी बड़ा बदलाव किया है।
रविवार देर रात आयोग ने पश्चिम बंगाल की मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती और राज्य के गृह सचिव जगदीश प्रसाद मीणा के तबादले का आदेश जारी किया था। आयोग ने यह भी स्पष्ट निर्देश दिया कि दोनों अधिकारी किसी भी प्रकार की चुनाव संबंधी गतिविधियों में शामिल नहीं होंगे।
उनकी जगह दुष्यंत नरियाला को नया मुख्य सचिव बनाया गया है, जबकि संघमित्रा घोष को राज्य का नया गृह सचिव नियुक्त किया गया है।
बंगाल में इस बार दो चरणों में होंगे विधानसभा चुनाव
Bengal Election Commission : भारतीय निर्वाचन आयोग ने रविवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के कार्यक्रम की घोषणा की थी। आयोग के अनुसार राज्य की कुल 294 विधानसभा सीटों के लिए इस बार दो चरणों में मतदान कराया जाएगा।
पहला चरण 23 अप्रैल को होगा, जबकि दूसरा चरण 29 अप्रैल को आयोजित किया जाएगा।
यह ध्यान देने योग्य है कि 2021 के विधानसभा चुनाव में पश्चिम बंगाल में आठ चरणों में मतदान कराया गया था, जबकि इस बार चुनाव प्रक्रिया को केवल दो चरणों में पूरा करने की योजना बनाई गई है।
पहले चरण में 152 और दूसरे चरण में 142 सीटों पर मतदान
Bengal Election Commission : निर्वाचन आयोग के अनुसार पहले चरण में 152 विधानसभा सीटों पर मतदान होगा, जबकि दूसरे चरण में शेष 142 सीटों पर वोट डाले जाएंगे।
दोनों चरणों में पड़े मतों की गिनती 4 मई को की जाएगी। इसके बाद चुनाव के अंतिम परिणाम घोषित किए जाएंगे। आयोग ने बताया है कि पूरी चुनाव प्रक्रिया 6 मई तक पूरी कर ली जाएगी।
निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव के लिए आयोग की सख्ती
Bengal Election Commission : पश्चिम बंगाल में चुनाव के दौरान पहले भी हिंसा और तनाव की घटनाएं सामने आती रही हैं। इसी वजह से इस बार चुनाव आयोग शुरुआत से ही सख्त कदम उठाता नजर आ रहा है।
राज्य के शीर्ष प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के तबादले को इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, ताकि चुनावी प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी बनाया जा सके।
राजनीतिक दलों और आम जनता की नजर अब इस बात पर टिकी है कि आयोग के इन फैसलों का चुनावी माहौल और सुरक्षा व्यवस्था पर क्या असर पड़ता है।
बहरहाल, पश्चिम बंगाल में चुनावी सरगर्मी तेज हो चुकी है और आने वाले दिनों में राज्य की राजनीति और भी गर्म होने की संभावना है।







