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PM Modi Red Turban : लाल पगड़ी में नजर आए पीएम मोदी, ‘वंदे मातरम’ से भाषण की शुरुआत

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नई दिल्ली, 15 अगस्त। PM Modi Red Turban : देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर से लगातार 13वीं बार राष्ट्र को संबोधित किया। स्वतंत्रता दिवस समारोह में इस बार प्रधानमंत्री का अंदाज भी खास रहा। पारंपरिक भारतीय परिधान में नजर आए पीएम मोदी ने लाल रंग की बांधनी पगड़ी पहनकर भारतीय संस्कृति और लोक परंपरा की झलक पेश की। उनके भाषण की शुरुआत राष्ट्रभक्ति के प्रतीक ‘वंदे मातरम’ से हुई, जबकि संबोधन का समापन ‘नारी शक्ति’ के संदेश के साथ हुआ।

करीब 75 मिनट तक चले अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने देश की विकास यात्रा, युवाओं की भूमिका, राष्ट्रीय संकल्प, महिलाओं के राजनीतिक प्रतिनिधित्व और भविष्य के भारत से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी बात रखी। उनके भाषण के दौरान आत्मविश्वास और ऊर्जा साफ दिखाई दी। युवाओं और महिलाओं का उल्लेख करते समय उनके हाव-भाव में विशेष उत्साह नजर आया।

लाल पगड़ी में दिखा पीएम मोदी का खास अंदाज

PM Modi Red Turban : स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पहनावे पर भी लोगों की नजर रहती है। इस बार उन्होंने राजस्थान और गुजरात की पारंपरिक पहचान से जुड़ी लाल रंग की बांधनी पगड़ी को अपने परिधान का हिस्सा बनाया।

पीएम मोदी ने सफेद कुर्ते के साथ चॉकलेट ब्राउन रंग की जैकेट पहनी थी। उनकी जैकेट की जेब में केसरिया, सफेद और हरे रंग के रूमाल भी दिखाई दिए। इन तीनों रंगों का संयोजन भारतीय तिरंगे की याद दिला रहा था।

प्रधानमंत्री का यह पहनावा स्वतंत्रता दिवस के राष्ट्रीय पर्व के अनुरूप दिखाई दिया। लाल बांधनी पगड़ी ने जहां भारतीय लोक संस्कृति और पारंपरिक विरासत को दर्शाया, वहीं तिरंगे के रंगों वाले रूमाल ने राष्ट्रीय भावना को प्रमुखता दी।

राजस्थान की प्रसिद्ध बांधनी कला की दिखी झलक

PM Modi Red Turban : बांधनी राजस्थान की प्रसिद्ध पारंपरिक टाई-एंड-डाई कला है। भारत की समृद्ध वस्त्र परंपरा में इसका विशेष स्थान है। बांधनी तैयार करने के लिए कपड़े के छोटे-छोटे हिस्सों को धागे की मदद से कसकर बांधा जाता है। इसके बाद कपड़े को अलग-अलग रंगों में रंगा जाता है।

रंगाई की प्रक्रिया पूरी होने के बाद जब धागों को खोला जाता है तो कपड़े पर छोटे-छोटे बिंदु, गोलाकार आकृतियां और आकर्षक डिजाइन उभरकर सामने आते हैं। यही बारीक पैटर्न बांधनी की विशिष्ट पहचान माने जाते हैं।

परंपरागत बांधनी में लाल, पीला, हरा, नीला और केसरिया जैसे चमकीले रंगों का इस्तेमाल किया जाता है। अलग-अलग क्षेत्रों और समुदायों में बांधनी के डिजाइन और रंगों में भी विविधता देखने को मिलती है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लाल बांधनी पगड़ी ने स्वतंत्रता दिवस समारोह में इसी समृद्ध भारतीय लोक कला और परंपरा की झलक पेश की।

महिलाओं के लिए चुनरी, पुरुषों के लिए साफा है सम्मान का प्रतीक

PM Modi Red Turban : बांधनी केवल एक वस्त्र कला नहीं, बल्कि राजस्थान और पश्चिमी भारत की सामाजिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है। महिलाओं के बीच बांधनी की चुनरी और अन्य परिधान शादी, तीज, त्योहारों और शुभ अवसरों पर विशेष रूप से पहने जाते हैं।

वहीं पुरुषों के लिए राजस्थानी साफा या पगड़ी गर्व, सम्मान और सामाजिक पहचान का प्रतीक माना जाता है। पगड़ी का रंग, आकार और उसे बांधने का तरीका क्षेत्र, अवसर और स्थानीय परंपराओं के अनुसार अलग-अलग हो सकता है।

राजस्थान में शादी, धार्मिक आयोजन अथवा किसी विशेष समारोह के दौरान अतिथि को साफा पहनाना या भेंट करना सम्मान और मेहमाननवाजी की परंपरा से जुड़ा हुआ है। ऐसे में राष्ट्रीय पर्व पर प्रधानमंत्री का बांधनी पगड़ी पहनना भारतीय संस्कृति और विरासत से जुड़ा प्रतीकात्मक संदेश भी माना गया।

लाल किले पहुंचने से भाषण तक दिखा आत्मविश्वास

PM Modi Red Turban : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब लाल किले पहुंचे तो उनके व्यक्तित्व में आत्मविश्वास और उत्साह स्पष्ट नजर आया। गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण करने से लेकर राष्ट्रीय ध्वज फहराने तक उनकी चाल-ढाल में दृढ़ता दिखाई दी।

तिरंगा फहराने और सैन्य सम्मान की औपचारिकताओं के बाद प्रधानमंत्री ने देशवासियों को संबोधित किया। भाषण के दौरान उनके हाथों के हाव-भाव और चेहरे के भाव उनके संदेश के साथ लगातार बदलते दिखाई दिए।

जब प्रधानमंत्री ने देश के युवाओं की ऊर्जा, उनकी भूमिका और भविष्य की बात की, तो उनके चेहरे पर विशेष उत्साह नजर आया। वहीं नारी शक्ति और महिलाओं की भागीदारी का जिक्र करते समय भी उनके हाव-भाव में सकारात्मकता और दृढ़ता दिखाई दी।

प्रधानमंत्री के भाषण की शैली में देशवासियों से सीधे संवाद करने की कोशिश भी नजर आई। वे अपने संदेश को केवल राजनीतिक भाषण के रूप में रखने के बजाय राष्ट्रीय संकल्प और सामाजिक भागीदारी से जोड़ते दिखाई दिए।

‘वंदे मातरम’ के साथ शुरू हुआ प्रधानमंत्री का संबोधन

PM Modi Red Turban : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने स्वतंत्रता दिवस भाषण की शुरुआत ‘वंदे मातरम’ के उद्घोष के साथ की। उन्होंने 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देशवासियों को बधाई दी और पूरे देश में दिखाई दे रहे उत्साह का उल्लेख किया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज देश 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है और हर दिल की धड़कन ‘वंदे मातरम’ के नाद से गूंज रही है। उन्होंने कहा कि आज हर घर तिरंगा है और हर मन तिरंगा है।

उन्होंने देशवासियों के उत्साह और उमंग का जिक्र करते हुए कहा कि देश नए संकल्पों के साथ आगे बढ़ रहा है। उनके भाषण की शुरुआत में राष्ट्रभक्ति, राष्ट्रीय एकता और देश के भविष्य के प्रति संकल्प का संदेश प्रमुख रूप से दिखाई दिया।

इस वर्ष ‘वंदे मातरम’ की ऐतिहासिक विरासत को भी विशेष महत्व दिया जा रहा है। ऐसे में प्रधानमंत्री द्वारा अपने भाषण की शुरुआत इसी राष्ट्रीय भावना से करना स्वतंत्रता दिवस समारोह की व्यापक थीम के अनुरूप रहा।

करीब 75 मिनट तक चला पीएम मोदी का भाषण

PM Modi Red Turban : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का इस बार का स्वतंत्रता दिवस संबोधन करीब 75 मिनट तक चला। इस दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी बात रखी और देश के विकास तथा भविष्य से जुड़े विभिन्न पहलुओं को सामने रखा।

लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री का स्वतंत्रता दिवस संबोधन हर साल सरकार की प्राथमिकताओं, उपलब्धियों और भविष्य की दिशा को जनता के सामने रखने का महत्वपूर्ण अवसर होता है। इस बार भी उनके भाषण में राष्ट्रीय विकास के साथ-साथ युवाओं और महिलाओं की भूमिका को प्रमुखता मिली।

भाषण की शुरुआत ‘वंदे मातरम’ से हुई और जैसे-जैसे संबोधन आगे बढ़ा, प्रधानमंत्री ने अलग-अलग विषयों को उठाया। अंत में उन्होंने अपना संदेश महिलाओं के राजनीतिक प्रतिनिधित्व और नारी शक्ति पर केंद्रित किया।

भाषण के समापन में ‘नारी शक्ति’ पर जोर

PM Modi Red Turban : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन के अंतिम हिस्से में नारी शक्ति को प्रमुखता दी। उन्होंने लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया और महिला आरक्षण कानून का उल्लेख किया।

प्रधानमंत्री ने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण को जल्द से जल्द लागू करने में सहयोग करें।

उन्होंने कहा कि ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ संसद में पारित हो चुका है और महिलाओं को लोकसभा तथा विधानसभाओं में पर्याप्त प्रतिनिधित्व मिलना समय की मांग है।

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि महिलाओं को राजनीतिक व्यवस्था में उचित स्थान देने का सपना लंबे समय से राजनीतिक विवादों और खींचतान का हिस्सा रहा है। अब समय आ गया है कि माताओं और बहनों को लोकतांत्रिक संस्थाओं में पूरा प्रतिनिधित्व मिले।

सभी राजनीतिक दलों से सहयोग की अपील

PM Modi Red Turban : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिला आरक्षण के मुद्दे पर विपक्ष समेत सभी राजनीतिक दलों से आगे आने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दल चाहें तो इस पहल का पूरा श्रेय ले सकते हैं, लेकिन महिलाओं के सम्मान के लिए इसके कार्यान्वयन में सहयोग करना जरूरी है।

प्रधानमंत्री का संदेश था कि महिलाओं का राजनीतिक प्रतिनिधित्व किसी एक दल की उपलब्धि तक सीमित नहीं होना चाहिए। इसे देश की आधी आबादी के सम्मान, अधिकार और लोकतांत्रिक भागीदारी से जोड़कर देखा जाना चाहिए।

उन्होंने सभी दलों से आग्रह किया कि वे इस दिशा में मिलकर आगे बढ़ें और महिलाओं को लोकसभा तथा विधानसभाओं में अधिक प्रतिनिधित्व देने के रास्ते को मजबूत करें।

युवाओं और महिलाओं को लेकर दिखी खास ऊर्जा

PM Modi Red Turban : प्रधानमंत्री के भाषण में युवाओं और महिलाओं दोनों को लेकर विशेष जोर दिखाई दिया। उन्होंने देश के भविष्य के निर्माण में युवा शक्ति की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। इसके साथ ही संबोधन के अंतिम हिस्से में नारी शक्ति को केंद्र में लाकर महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी का मुद्दा उठाया।

युवाओं को देश की विकास यात्रा की महत्वपूर्ण ताकत बताते हुए प्रधानमंत्री ने उनके उत्साह, ऊर्जा और क्षमताओं पर भरोसा जताया। दूसरी ओर महिलाओं की बढ़ती भूमिका को देश की लोकतांत्रिक और सामाजिक प्रगति से जोड़ते हुए उन्होंने राजनीतिक प्रतिनिधित्व को मजबूत करने की आवश्यकता बताई।

इस तरह भाषण में युवा शक्ति और नारी शक्ति दोनों को भारत के भविष्य से जोड़ने का प्रयास दिखाई दिया।

पहनावे से लेकर भाषण तक रहा भारतीय संस्कृति का रंग

PM Modi Red Turban : इस वर्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वतंत्रता दिवस समारोह में पहनावे से लेकर भाषण तक भारतीय संस्कृति और राष्ट्रीय भावना की स्पष्ट झलक दिखाई दी।

लाल बांधनी पगड़ी ने राजस्थान और गुजरात की पारंपरिक विरासत को सामने रखा। सफेद कुर्ते और चॉकलेट ब्राउन जैकेट के साथ तिरंगे के रंगों वाले रूमाल ने उनके पहनावे को राष्ट्रीय प्रतीकवाद से जोड़ा।

वहीं भाषण की शुरुआत ‘वंदे मातरम’ से करके उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन और राष्ट्रभक्ति की ऐतिहासिक विरासत का उल्लेख किया। भाषण के समापन में ‘नारी शक्ति’ पर जोर देकर उन्होंने आधुनिक भारत में महिलाओं की भूमिका और राजनीतिक प्रतिनिधित्व की आवश्यकता को सामने रखा।

परंपरा, राष्ट्रभक्ति और भविष्य का संदेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह स्वतंत्रता दिवस संबोधन कई स्तरों पर खास रहा। एक ओर उनकी लाल बांधनी पगड़ी भारतीय लोक संस्कृति और परंपरा का प्रतिनिधित्व करती नजर आई, तो दूसरी ओर तिरंगे के रंगों वाले रूमाल ने राष्ट्रीय भावना को उजागर किया।

PM Modi Red Turban : भाषण की शुरुआत ‘वंदे मातरम’ से होना स्वतंत्रता संग्राम की विरासत और देशभक्ति की भावना से जुड़ा रहा। वहीं अंत में महिला आरक्षण और नारी शक्ति की बात ने भाषण को महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण के मुद्दे से जोड़ दिया।

करीब 75 मिनट के संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री का आत्मविश्वास, उनके हाव-भाव और देशवासियों से संवाद की शैली भी चर्चा में रही। युवाओं और महिलाओं का जिक्र आने पर उनके चेहरे और आवाज में विशेष ऊर्जा दिखाई दी।

कुल मिलाकर, 80वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अंदाज परंपरा, राष्ट्रभक्ति और भविष्य के सामाजिक-राजनीतिक संकल्पों का मिश्रण रहा। लाल बांधनी पगड़ी से भारतीय संस्कृति की पहचान सामने आई, ‘वंदे मातरम’ से भाषण ने राष्ट्रीय भावना के साथ शुरुआत की और ‘नारी शक्ति’ के आह्वान के साथ समापन करते हुए प्रधानमंत्री ने महिलाओं के राजनीतिक प्रतिनिधित्व को महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मुद्दे के रूप में सामने रखा।

Nivedita Jha
Author: Nivedita Jha

Nivedita Jha is a graduate from Baba Saheb Bhimrao Ambedkar University. She is also a double post graduate. She has also done journalism. She has five years of experience in journalism.

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