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Bhiwandi Building Collapse : पीएम मोदी ने जताया शोक, मृतकों के परिजनों को 2 लाख और घायलों को 50 हजार की सहायता

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नई दिल्ली, 31 जुलाई । Bhiwandi Building Collapse :  महाराष्ट्र के ठाणे जिले के भिवंडी में गुरुवार देर रात हुए दर्दनाक भवन हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। बालाजी नगर इलाके में स्थित चार मंजिला कोहिनूर इमारत का एक हिस्सा अचानक भरभराकर गिर गया, जिससे कई लोगों की जान चली गई और कई अन्य घायल हो गए। हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। राहत एवं बचाव दलों ने तत्काल मौके पर पहुंचकर मलबे में फंसे लोगों को निकालने का अभियान शुरू किया, जो देर रात तक जारी रहा।

इस दुखद घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। साथ ही प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से मृतकों और घायलों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा भी की गई है।

प्रधानमंत्री ने जताई संवेदना, राहत राशि का किया ऐलान

भिवंडी हादसे पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि महाराष्ट्र के ठाणे में इमारत गिरने से हुई जनहानि अत्यंत दुखद है। उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में उनकी संवेदनाएं शोकाकुल परिवारों के साथ हैं और वे घायलों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना करते हैं।

प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) की ओर से जारी बयान में बताया गया कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के परिजनों को 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। वहीं, घायलों को उपचार में सहायता के लिए 50 हजार रुपये की आर्थिक मदद प्रदान की जाएगी।

उपराष्ट्रपति ने भी व्यक्त किया शोक

Bhiwandi Building Collapse : इस हादसे पर उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने भी गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपने संदेश में कहा कि भिवंडी में इमारत गिरने से हुई मौतों की खबर बेहद पीड़ादायक है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि ऐसे हादसे न केवल प्रभावित परिवारों के लिए बल्कि पूरे समाज के लिए दुखद होते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि राहत एवं बचाव कार्य तेजी से पूरा होगा और प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता मिलेगी।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी इस दुर्घटना पर दुख व्यक्त करते हुए प्रशासन को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि निर्दोष लोगों की मौत अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

मुख्यमंत्री ने नगर आयुक्त को तत्काल एफआईआर दर्ज कराने और हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि घायलों का इलाज जारी है और सरकार उनकी चिकित्सा में हर संभव सहायता उपलब्ध करा रही है।

फडणवीस ने यह भी कहा कि राज्य सरकार पूरे मामले की गंभीरता से जांच करेगी ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने संभाली मोर्चे की कमान

Bhiwandi Building Collapse : महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि कोहिनूर इमारत के गिरने से नौ लोगों की मौत बेहद दुखद है।

शिंदे ने बताया कि उन्होंने स्वयं भिवंडी नगर आयुक्त अनमोल सागर और ठाणे के कलेक्टर श्रीकृष्ण पंचाल से बातचीत कर राहत एवं बचाव अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि मलबे में यदि कोई व्यक्ति फंसा हो तो उसे जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकाला जाए।

उन्होंने यह भी जानकारी दी कि घायल लोगों का इलाज भिवंडी के एमजीएम अस्पताल में चल रहा है। यदि आवश्यकता पड़ी तो मरीजों को बेहतर इलाज के लिए निजी अस्पतालों में भी स्थानांतरित किया जाएगा।

सभी निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया

प्रशासन के अनुसार, हादसे के बाद इमारत में रह रहे सभी लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया। स्थानीय प्रशासन ने आसपास के क्षेत्र को भी सुरक्षा की दृष्टि से खाली कराया ताकि किसी अन्य संभावित खतरे से लोगों को बचाया जा सके।

उपमुख्यमंत्री शिंदे ने कहा कि हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों को सरकारी नियमों के अनुसार आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था भी की जाएगी।

मरम्मत के दौरान हुआ हादसा, जांच शुरू

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह दुर्घटना गुरुवार रात करीब 11:30 बजे हुई। बालाजी नगर स्थित चार मंजिला कोहिनूर इमारत के एक हिस्से में उस समय मरम्मत का कार्य चल रहा था। इसी दौरान अचानक भवन का हिस्सा ढह गया और कई लोग मलबे के नीचे दब गए।

अधिकारियों के मुताबिक इमारत में कुल 48 कमरे थे और प्रत्येक मंजिल पर 12 कमरे बने हुए थे। हादसे के समय अधिकांश निवासी अपने घरों में मौजूद थे, जिसके कारण जनहानि अधिक हुई।

घटना के बाद पुलिस, दमकल विभाग, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और स्थानीय प्रशासन की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। भारी मशीनों और आधुनिक उपकरणों की मदद से मलबा हटाने का कार्य शुरू किया गया। बचाव अभियान कई घंटों तक जारी रहा।

जिम्मेदारी तय करने की मांग तेज

Bhiwandi Building Collapse : इस हादसे के बाद एक बार फिर पुराने और जर्जर भवनों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते भवन की तकनीकी जांच और आवश्यक सुरक्षा उपाय किए गए होते तो इतनी बड़ी दुर्घटना टाली जा सकती थी।

प्रशासन ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। यह पता लगाया जा रहा है कि भवन की स्थिति कैसी थी, मरम्मत कार्य किसकी देखरेख में हो रहा था और क्या सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था। जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है।

राहत के साथ जवाबदेही भी जरूरी

भिवंडी का यह हादसा केवल एक दुर्घटना नहीं बल्कि शहरी क्षेत्रों में भवन सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। सरकार ने जहां मृतकों के परिजनों और घायलों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की है, वहीं प्रशासनिक स्तर पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

फिलहाल राहत एवं बचाव कार्य प्राथमिकता पर है और प्रशासन का प्रयास है कि प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाए। पूरे देश की नजर अब जांच रिपोर्ट और इस बात पर टिकी है कि इस हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों पर क्या कार्रवाई होती है।

jahanvi singh
Author: jahanvi singh

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