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Pakistan Talks : कारगिल विजय दिवस पर राजनाथ सिंह का पाकिस्तान को दोटूक संदेश: “अब बातचीत होगी तो सिर्फ पीओके पर”

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नई दिल्ली/कारगिल, 26 जुलाई। Pakistan Talks : कारगिल विजय दिवस के अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान को लेकर भारत की नीति को एक बार फिर स्पष्ट शब्दों में दोहराया। कारगिल वॉर मेमोरियल से देश को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारत की मंशा पूरी तरह स्पष्ट है। अब पाकिस्तान के साथ यदि किसी भी स्तर पर बातचीत होगी तो उसका विषय केवल पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर (पीओके) होगा, क्योंकि वह भारत का अभिन्न हिस्सा है और पाकिस्तान ने उस पर अवैध कब्जा कर रखा है।

उन्होंने कहा कि भारत अब आतंकवाद और सीमा पार से होने वाली किसी भी साजिश को लेकर न तो भ्रम में है और न ही किसी तरह की नरमी बरतने वाला है। देश की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और भारत अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाने को तैयार है।

कारगिल विजय दिवस केवल स्मृति नहीं, राष्ट्रभक्ति का जीवंत संदेश

राजनाथ सिंह ने कहा कि कारगिल विजय दिवस केवल एक ऐतिहासिक अवसर नहीं बल्कि हर भारतीय के लिए प्रेरणा का पर्व है। विशेष रूप से युवाओं के लिए यह दिन यह समझने का अवसर देता है कि व्यक्तिगत सफलता से कहीं बड़ा लक्ष्य राष्ट्र सेवा और राष्ट्रीय कर्तव्य होता है।

उन्होंने कहा कि किसी भी मजबूत राष्ट्र की असली ताकत उसके नागरिकों के भीतर मौजूद सेवा, समर्पण और बलिदान की भावना होती है। कारगिल के वीर जवानों ने यह साबित कर दिया कि देश की रक्षा के लिए असंभव लगने वाली परिस्थितियों में भी विजय प्राप्त की जा सकती है।

भारत और पाकिस्तान की सोच में जमीन-आसमान का अंतर

Pakistan Talks : अपने संबोधन के दौरान रक्षा मंत्री ने भारत और पाकिस्तान के विकास मॉडल की तुलना करते हुए कहा कि दोनों देशों की प्राथमिकताएं पूरी तरह अलग हैं।

उन्होंने कहा कि आज भारत नवाचार, तकनीक और आर्थिक प्रगति के नए आयाम स्थापित कर रहा है, जबकि पाकिस्तान अब भी आतंकवाद और घुसपैठ की मानसिकता से बाहर नहीं निकल पाया है।

उन्होंने कहा कि भारत आधुनिक चिप डिजाइन कर रहा है, जबकि पाकिस्तान आतंकवाद की नई रणनीतियां तैयार करने में लगा है। भारत दुनिया को सॉफ्टवेयर और डिजिटल समाधान उपलब्ध करा रहा है, जबकि पाकिस्तान स्लीपर सेल और कट्टरपंथी नेटवर्क तैयार करने में जुटा है। भारत डेटा सेंटर बनाकर डिजिटल अर्थव्यवस्था को मजबूत कर रहा है, वहीं पाकिस्तान कट्टरपंथ के केंद्र विकसित कर रहा है। भारत यूपीआई जैसी तकनीक से पूरी दुनिया को जोड़ रहा है, जबकि पाकिस्तान हवाला नेटवर्क के जरिए आतंकवाद को वित्तीय मदद पहुंचाने की कोशिश करता है।

राजनाथ सिंह ने कहा कि जब दोनों देशों के रास्ते इतने अलग हैं, तब यदि पाकिस्तान भारत की प्रगति में बाधा डालने की कोशिश करेगा तो उसे भारतीय सेनाओं की ओर से कड़ा और निर्णायक जवाब मिलेगा।

ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र, आतंक के खिलाफ भारत की नई नीति

रक्षा मंत्री ने अपने संबोधन में हाल ही में सफलतापूर्वक पूरे हुए ऑपरेशन सिंदूर का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस अभियान ने दुनिया को यह स्पष्ट संदेश दिया है कि भारत अब आतंकवाद के खिलाफ केवल प्रतिक्रिया नहीं देगा बल्कि निर्णायक कार्रवाई करेगा।

उन्होंने कहा कि भारतीय सेनाओं ने इस अभियान के दौरान आतंकवादियों और उन्हें संरक्षण देने वालों को ऐसा सबक सिखाया जिसे वे लंबे समय तक नहीं भूल पाएंगे। ऑपरेशन ने यह भी साबित किया कि आतंकवाद के सहारे भारत को डराने का सपना देखने वालों को अब पहले से कहीं अधिक कठोर परिणाम भुगतने होंगे।

राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत के पास अब हर प्रकार के दुस्साहस का जवाब देने की क्षमता है और देश अपनी सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगा।

भारत की संप्रभुता से खिलवाड़ करने वालों को मिलेगा करारा जवाब

Pakistan Talks : रक्षा मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत की संप्रभुता और अखंडता के खिलाफ उठाया गया हर कदम उसी कठोरता से कुचला जाएगा, जैसा भारतीय सेनाओं ने अतीत में किया है।

उन्होंने कहा कि कारगिल वॉर मेमोरियल पर गर्व से लहराता तिरंगा केवल एक ध्वज नहीं, बल्कि हजारों सैनिकों के बलिदान और वीरता का प्रतीक है। इसकी आन, बान और शान को बनाए रखने के लिए देश के जवानों ने अपने प्राणों की आहुति दी है।

1999 की कारगिल घुसपैठ की याद दिलाई

अपने संबोधन में रक्षा मंत्री ने 1999 के कारगिल युद्ध की घटनाओं को याद करते हुए कहा कि ठीक 27 वर्ष पहले पाकिस्तान ने छल और धोखे का सहारा लेकर भारतीय सीमा में घुसपैठ की थी। सर्दियों के दौरान खाली रहने वाली ऊंची चोटियों पर कब्जा कर पाकिस्तान ने भारत को चुनौती देने की कोशिश की थी।

लेकिन पाकिस्तान भारतीय सेना के साहस, रणनीति और अदम्य संकल्प का सही आकलन नहीं कर सका। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और प्रतिकूल मौसम के बावजूद भारतीय सैनिकों ने असंभव को संभव कर दिखाया और दुश्मन को हर मोर्चे पर पराजित किया।

उन्होंने कहा कि हमारे सैनिकों ने केवल दुर्गम पहाड़ों पर विजय हासिल नहीं की, बल्कि मानवीय क्षमता की सभी सीमाओं को पार करते हुए इतिहास रच दिया।

हर संकट में भारतीय सेना ने बढ़ाया देश का सम्मान

राजनाथ सिंह ने कहा कि केवल कारगिल युद्ध ही नहीं, बल्कि आजादी के बाद जब-जब देश पर कोई संकट आया, भारतीय सेना ने अपने साहस, अनुशासन और सर्वोच्च बलिदान से राष्ट्र की रक्षा की है।

उन्होंने कहा कि भारतीय सैनिकों ने हर चुनौती का डटकर सामना किया और विश्व मंच पर भारत का सम्मान लगातार बढ़ाया है। चाहे सीमा की रक्षा हो, आतंकवाद के खिलाफ अभियान हो या किसी भी प्रकार की राष्ट्रीय सुरक्षा की चुनौती, भारतीय सेना ने हमेशा अपने कर्तव्य को सर्वोपरि रखा है।

उन्होंने विश्वास जताया कि भविष्य में भी देश के जवान इसी समर्पण और वीरता के साथ मातृभूमि की सीमाओं की रक्षा करते रहेंगे।

सरकार और देश की जनता सेना के साथ

Pakistan Talks : अपने संबोधन के अंत में रक्षा मंत्री ने भारतीय सशस्त्र बलों को भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार हर परिस्थिति में उनके साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने कहा कि सरकार की राजनीतिक इच्छाशक्ति में किसी प्रकार की कोई कमी नहीं है और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े हर फैसले पूरी दृढ़ता के साथ लिए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि देश की संसद और 140 करोड़ भारतीयों का विश्वास अपनी सेना पर अटूट है। जब तक भारतीय सैनिक सीमाओं पर डटे हुए हैं, तब तक दुनिया की कोई भी ताकत भारत की ओर आंख उठाकर देखने का साहस नहीं कर सकती।

कारगिल के वीरों को नमन, राष्ट्र की सुरक्षा का अटूट संकल्प

कारगिल विजय दिवस के अवसर पर दिए गए इस संबोधन के माध्यम से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक बार फिर स्पष्ट कर दिया कि भारत अब आतंकवाद, घुसपैठ और सीमा पार की किसी भी चुनौती के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर आगे बढ़ रहा है। साथ ही उन्होंने कारगिल के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका बलिदान देश की आने वाली पीढ़ियों को सदैव राष्ट्रभक्ति, साहस और कर्तव्यनिष्ठा की प्रेरणा देता रहेगा।

jahanvi singh
Author: jahanvi singh

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