नई दिल्ली, 24 जुलाई । Delhi Metro Closure : जंतर-मंतर पर जारी विरोध प्रदर्शनों का असर अब राजधानी की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पर भी साफ दिखाई देने लगा है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) ने सुरक्षा कारणों के चलते नई दिल्ली मेट्रो स्टेशन को अगले आदेश तक बंद रखने का फैसला लिया है। इसके साथ ही इस स्टेशन पर मिलने वाली इंटरचेंज सुविधा भी पूरी तरह निलंबित कर दी गई है। इस निर्णय से रोजाना लाखों यात्रियों की आवाजाही प्रभावित होने की आशंका है, क्योंकि नई दिल्ली मेट्रो स्टेशन राजधानी का एक प्रमुख ट्रांजिट हब माना जाता है।
डीएमआरसी की ओर से जारी सूचना के अनुसार, यात्रियों को फिलहाल इस स्टेशन पर प्रवेश या निकास की अनुमति नहीं होगी। साथ ही यहां से किसी भी मेट्रो लाइन के बीच इंटरचेंज की सुविधा भी उपलब्ध नहीं रहेगी। यात्रियों से वैकल्पिक मार्ग अपनाने की अपील की गई है।
डीएमआरसी ने दी जानकारी, कारण पर नहीं की टिप्पणी
दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट के जरिए नई दिल्ली मेट्रो स्टेशन को बंद करने की जानकारी साझा की। पोस्ट में कहा गया कि स्टेशन अगले आदेश तक बंद रहेगा और इंटरचेंज सुविधा भी अस्थायी रूप से निलंबित रहेगी। साथ ही यात्रियों को होने वाली असुविधा के लिए खेद भी व्यक्त किया गया।
हालांकि, डीएमआरसी ने अपने आधिकारिक बयान में स्टेशन बंद करने के पीछे किसी विशेष कारण का उल्लेख नहीं किया। लेकिन राजधानी में चल रहे विरोध प्रदर्शनों और सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता को देखते हुए माना जा रहा है कि यह कदम एहतियात के तौर पर उठाया गया है।
पहले से बंद हैं मध्य दिल्ली के 17 मेट्रो स्टेशन
Delhi Metro Closure : नई दिल्ली मेट्रो स्टेशन के बंद होने से पहले ही मध्य दिल्ली के 17 प्रमुख मेट्रो स्टेशन सुरक्षा कारणों से बंद किए जा चुके हैं। गुरुवार सुबह डीएमआरसी ने घोषणा की थी कि सुबह 7:30 बजे से अगले आदेश तक इन स्टेशनों पर यात्रियों के प्रवेश और निकास पर रोक रहेगी।
हालांकि, उस समय कुछ प्रमुख इंटरचेंज स्टेशनों पर यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इंटरचेंज सेवा चालू रखी गई थी। राजीव चौक, मंडी हाउस और सेंट्रल सेक्रेटेरिएट जैसे व्यस्त स्टेशनों पर लोग केवल लाइन बदल सकते थे, लेकिन स्टेशन से बाहर निकलने या अंदर प्रवेश करने की अनुमति नहीं थी।
अब नई दिल्ली मेट्रो स्टेशन पर इंटरचेंज सेवा भी बंद कर दिए जाने से यात्रियों की परेशानी और बढ़ सकती है। खासतौर पर वे लोग, जो रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट लाइन के बीच यात्रा करते हैं, उन्हें वैकल्पिक मार्ग तलाशने पड़ सकते हैं।
किन-किन स्टेशनों पर लागू हैं पाबंदियां
सुरक्षा कारणों से बंद किए गए स्टेशनों की सूची काफी लंबी है। इनमें लोक कल्याण मार्ग, राजीव चौक, पटेल चौक, रामकृष्ण आश्रम मार्ग, बाराखंभा रोड, सुप्रीम कोर्ट, सेवा तीर्थ, जनपथ, मंडी हाउस, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट, आईटीओ, दिल्ली गेट, इंद्रप्रस्थ, खान मार्केट, जोर बाग, शिवाजी स्टेडियम और झंडेवालान शामिल हैं। बाद में झंडेवालान स्टेशन को भी इस सूची में जोड़ा गया।
इन स्टेशनों पर सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए प्रवेश और निकास पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। सुरक्षा एजेंसियां लगातार हालात की समीक्षा कर रही हैं और स्थिति सामान्य होने के बाद ही सेवाओं को बहाल करने पर निर्णय लिया जाएगा।
प्रदर्शन की पृष्ठभूमि: क्यों बढ़ा विवाद?
Delhi Metro Closure : राजधानी में मौजूदा स्थिति की शुरुआत 20 जुलाई को हुए बड़े विरोध प्रदर्शन से जुड़ी मानी जा रही है। उस दिन कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के समर्थकों और बड़ी संख्या में छात्रों ने जंतर-मंतर से संसद तक मार्च निकालने का प्रयास किया था।
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) पेपर लीक सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सामने आई कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की थी। प्रदर्शन के दौरान कई स्थानों पर तनावपूर्ण स्थिति भी बनी, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने राजधानी के संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया।
इन घटनाओं के बाद कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से कई इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई, जिसका सीधा असर मेट्रो सेवाओं पर भी देखने को मिला।
यात्रियों की बढ़ी मुश्किलें
नई दिल्ली मेट्रो स्टेशन के बंद होने का सबसे अधिक असर रोजाना कार्यालय आने-जाने वाले कर्मचारियों, छात्रों और रेलवे यात्रियों पर पड़ने की संभावना है। यह स्टेशन दिल्ली मेट्रो के सबसे व्यस्त स्टेशनों में गिना जाता है और यहां प्रतिदिन हजारों यात्री विभिन्न लाइनों के बीच इंटरचेंज करते हैं।
इंटरचेंज सेवा बंद होने से यात्रियों को लंबा रास्ता अपनाना पड़ सकता है, जिससे यात्रा का समय बढ़ने के साथ-साथ अन्य स्टेशनों पर भी अतिरिक्त भीड़ देखने को मिल सकती है। परिवहन विशेषज्ञों का मानना है कि यदि प्रतिबंध लंबे समय तक जारी रहते हैं तो राजधानी की यातायात व्यवस्था पर व्यापक प्रभाव पड़ सकता है।
सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड में
राजधानी में विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए दिल्ली पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां लगातार निगरानी बनाए हुए हैं। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सुरक्षा जांच को और सख्त किया गया है।
प्रशासन का कहना है कि आम नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से जरूरत पड़ने पर सार्वजनिक परिवहन सेवाओं में अस्थायी बदलाव किए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि हालात सामान्य होने के बाद चरणबद्ध तरीके से सभी सेवाओं को बहाल किया जाएगा।
सोनम वांगचुक ने समाप्त की भूख हड़ताल
Delhi Metro Closure : इसी बीच राजधानी में चल रहे आंदोलन से जुड़ी एक महत्वपूर्ण राजनीतिक गतिविधि भी सामने आई। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात के बाद अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर दी।
गुरुवार देर शाम अस्पताल पहुंचकर केंद्रीय मंत्रियों ने वांगचुक से बातचीत की। इसके बाद उन्होंने अपना अनशन समाप्त करने का निर्णय लिया। हालांकि, आंदोलन से जुड़े अन्य मुद्दों और प्रदर्शनकारियों की मांगों को लेकर अभी भी चर्चाओं का दौर जारी है।
फिलहाल यात्रियों को इंतजार
नई दिल्ली मेट्रो स्टेशन सहित अन्य प्रभावित स्टेशनों को कब तक खोला जाएगा, इस बारे में अभी कोई आधिकारिक समयसीमा घोषित नहीं की गई है। डीएमआरसी ने स्पष्ट किया है कि सेवाओं की बहाली का फैसला सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय और स्थिति की समीक्षा के बाद ही लिया जाएगा।
तब तक यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा से पहले मेट्रो की आधिकारिक सूचनाएं अवश्य देखें और आवश्यकता पड़ने पर वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें। राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था और विरोध प्रदर्शनों की स्थिति के अनुसार आने वाले दिनों में मेट्रो सेवाओं में और बदलाव भी संभव हैं।







