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Parliament Uproar : संसद में फिर गूंजा हंगामा: नीट, पेपर लीक और छात्र आंदोलन पर टकराए सत्ता-विपक्ष, दोनों सदनों की कार्यवाही बुधवार तक स्थगित

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नई दिल्ली 21 जुलाई । Parliament Uproar :  संसद के मानसून सत्र का दूसरा दिन भी भारी हंगामे की भेंट चढ़ गया। मंगलवार को जैसे ही लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही शुरू हुई, विपक्षी दलों ने नीट यूजी 2026 परीक्षा, पेपर लीक के आरोपों और जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के मुद्दे को लेकर सरकार को घेरना शुरू कर दिया। लगातार नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन के कारण दोनों सदनों में सामान्य कामकाज नहीं हो सका। कई बार कार्यवाही स्थगित करने के बाद अंततः लोकसभा और राज्यसभा की बैठक बुधवार, 22 जुलाई, सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।

नीट और पेपर लीक बना टकराव का सबसे बड़ा मुद्दा

संसद की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने नीट परीक्षा और कथित पेपर लीक मामले पर तत्काल चर्चा की मांग रखी। विपक्ष का कहना था कि यह केवल परीक्षा का मुद्दा नहीं, बल्कि लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ा गंभीर विषय है। उनका आरोप था कि प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रहे विवादों ने युवाओं का भरोसा कमजोर किया है, इसलिए सरकार को इस विषय पर सदन में विस्तार से जवाब देना चाहिए।

विपक्षी दलों ने यह भी मांग उठाई कि जंतर-मंतर पर अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों की समस्याओं पर भी संसद में चर्चा कराई जाए। उनका कहना था कि छात्रों की आवाज को संसद में स्थान मिलना चाहिए और सरकार को इस पूरे मामले पर स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए।

राज्यसभा में खड़गे ने उठाया मुद्दा, फिर बढ़ गया शोर

Parliament Uproar : राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कार्यवाही शुरू होने के बाद नीट और पेपर लीक के मुद्दे पर अपनी बात रखने का प्रयास किया। उन्होंने परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता और छात्रों की चिंताओं का उल्लेख करते हुए सरकार से चर्चा की मांग की। हालांकि, इसके तुरंत बाद सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई।

विरोध के बीच सदन में शोर-शराबा बढ़ता गया और स्थिति ऐसी हो गई कि पीठासीन अधिकारी को कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। पहले सदन को दोपहर 12 बजे तक स्थगित किया गया, लेकिन दोबारा बैठक शुरू होने पर भी हालात नहीं बदले। इसके बाद कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक टाल दी गई।

बार-बार स्थगन के बाद भी नहीं बनी सहमति

दोपहर 2 बजे जब राज्यसभा की कार्यवाही फिर शुरू हुई, तब भी विपक्षी सांसद अपने रुख पर कायम रहे। लगातार नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन के चलते सदन में किसी भी विषय पर चर्चा संभव नहीं हो सकी। उपसभापति ने कई बार सदस्यों से शांति बनाए रखने और नियमों के अनुसार सदन चलाने का अनुरोध किया, लेकिन विपक्ष ने अपनी मांगों पर जोर बनाए रखा।

आखिरकार लगातार जारी गतिरोध को देखते हुए राज्यसभा की कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई और अगली बैठक बुधवार सुबह 11 बजे बुलाने का निर्णय लिया गया।

लोकसभा में भी विरोध के कारण ठप रहा कामकाज

Parliament Uproar : लोकसभा में भी लगभग यही स्थिति देखने को मिली। विपक्षी सांसदों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सदन के वेल में पहुंचकर विरोध दर्ज कराया। उनकी मांग थी कि नीट परीक्षा, पेपर लीक और छात्रों के आंदोलन जैसे मुद्दों पर तत्काल चर्चा कराई जाए।

हंगामे के कारण लोकसभा में भी निर्धारित एजेंडे पर काम शुरू नहीं हो सका। पीठासीन अधिकारियों ने कई बार सांसदों से अपनी सीटों पर लौटने और सदन की गरिमा बनाए रखने की अपील की, लेकिन विरोध प्रदर्शन जारी रहने से कार्यवाही आगे नहीं बढ़ सकी। अंततः लोकसभा की बैठक भी बुधवार तक के लिए स्थगित कर दी गई।

नियम 267 के तहत चर्चा की मांग

कांग्रेस सहित कई विपक्षी दलों के सांसदों ने राज्यसभा में नियम 267 के तहत कामकाज स्थगित कर नीट यूजी 2026 और पेपर लीक मामले पर तत्काल चर्चा कराने का नोटिस दिया था। विपक्ष का तर्क था कि यह विषय अत्यंत महत्वपूर्ण है और इसे सामान्य कार्यसूची से पहले प्राथमिकता के आधार पर लिया जाना चाहिए।

हालांकि, इस मांग पर सहमति नहीं बनने के बाद विपक्ष ने सदन में विरोध तेज कर दिया। इसी कारण दिनभर दोनों सदनों में लगातार गतिरोध की स्थिति बनी रही।

प्रश्नकाल और विधायी कार्य भी नहीं हो सके

Parliament Uproar : संसद में जारी हंगामे का असर नियमित संसदीय कार्यों पर भी पड़ा। लोकसभा और राज्यसभा दोनों में प्रश्नकाल नहीं चल सका। इसके अलावा कार्यसूची में शामिल कई महत्वपूर्ण विधायी और अन्य सरकारी कार्य भी नहीं हो पाए।

पीठासीन अधिकारियों ने कई बार सांसदों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में चर्चा और संवाद के माध्यम से ही समाधान निकल सकता है। लेकिन लगातार जारी नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन के कारण सदन की कार्यवाही सामान्य रूप से संचालित नहीं हो सकी।

सरकार और विपक्ष आमने-सामने

मानसून सत्र के शुरुआती दो दिनों में ही सरकार और विपक्ष के बीच तीखा टकराव देखने को मिला है। सरकार जहां अपने विधायी एजेंडे को आगे बढ़ाने की तैयारी में है, वहीं विपक्ष विभिन्न राष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा की मांग को लेकर आक्रामक रणनीति अपनाए हुए है।

नीट परीक्षा और पेपर लीक का मुद्दा फिलहाल विपक्ष के प्रमुख एजेंडों में शामिल है। विपक्ष का कहना है कि सरकार को छात्रों की चिंताओं का जवाब देना चाहिए, जबकि सरकार अपने निर्धारित विधायी कार्यक्रम को आगे बढ़ाने पर जोर दे रही है। यही वजह है कि सदन में लगातार गतिरोध बना हुआ है।

आने वाले दिनों में भी जारी रह सकती है सियासी तनातनी

Parliament Uproar : मानसून सत्र के दूसरे दिन भी संसद का कामकाज बाधित रहने से यह संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले दिनों में भी सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव जारी रह सकता है। यदि प्रमुख मुद्दों पर चर्चा को लेकर सहमति नहीं बनती, तो संसद की कार्यवाही बार-बार बाधित होने की आशंका बनी रहेगी।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि विपक्ष छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार पर दबाव बनाए रखना चाहता है, जबकि सरकार अपने विधायी कार्यक्रम को प्राथमिकता देना चाहती है। ऐसे में दोनों पक्षों के बीच सहमति बनना फिलहाल आसान नहीं दिख रहा है।

बुधवार की कार्यवाही पर टिकी निगाहें

अब सभी की नजरें बुधवार को होने वाली संसद की कार्यवाही पर टिकी हैं। उम्मीद की जा रही है कि सरकार और विपक्ष के बीच किसी तरह का संवाद स्थापित हो सके, जिससे सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चल सके। हालांकि, यदि गतिरोध बना रहता है तो मानसून सत्र के शुरुआती दिनों की तरह आगे भी संसद में हंगामे और स्थगन का सिलसिला जारी रहने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

jahanvi singh
Author: jahanvi singh

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