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NHPC Tunnel Accident : एनएचपीसी सुरंग हादसा: सिक्किम में मातम, पीएम मोदी ने सीएम तमांग से की बात, हरसंभव मदद का दिया भरोसा

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गंगटोक, 21 जुलाई । NHPC Tunnel Accident : सिक्किम के नामची जिले में निर्माणाधीन एनएचपीसी तीस्ता स्टेज-6 जलविद्युत परियोजना की सुरंग में हुए भीषण हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस दुर्घटना में अब तक सात श्रमिकों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि सुरंग में फंसे अन्य श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। इस दुखद घटना के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग से फोन पर बातचीत कर स्थिति की विस्तृत जानकारी ली और केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिया।

प्रधानमंत्री ने इस हादसे को बेहद दुखद बताते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में केंद्र सरकार पूरी मजबूती के साथ सिक्किम सरकार के साथ खड़ी है और राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी तरह की आवश्यकता होने पर तत्काल मदद उपलब्ध कराई जाएगी।

प्रधानमंत्री ने लिया पल-पल का अपडेट

हादसे की जानकारी मिलने के तुरंत बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग से संपर्क किया। बातचीत के दौरान उन्होंने नामची जिले के झोलंगी स्थित समरदुंग क्षेत्र में निर्माणाधीन सुरंग की वर्तमान स्थिति की जानकारी प्राप्त की। प्रधानमंत्री ने बचाव कार्यों की प्रगति, फंसे हुए श्रमिकों की स्थिति और राहत अभियान में सामने आ रही चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की।

प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री से कहा कि प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता दी जाए और बचाव अभियान में किसी भी तरह की कमी नहीं रहने दी जाए। उन्होंने केंद्र सरकार के सभी संबंधित विभागों और एजेंसियों को राज्य प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर काम करने के निर्देश देने का भी भरोसा दिलाया।

मुख्यमंत्री तमांग ने जताया आभार

NHPC Tunnel Accident : प्रधानमंत्री से बातचीत के बाद मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने केंद्र सरकार के त्वरित सहयोग और संवेदनशील रवैये के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ऐसे कठिन समय में प्रधानमंत्री का समर्थन राज्य प्रशासन के लिए मनोबल बढ़ाने वाला है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बचाव अभियान बेहद चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में चलाया जा रहा है। सुरंग के भीतर मलबा, सीमित जगह और लगातार जोखिम के बावजूद सभी एजेंसियां पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि फंसे हुए श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।

कई एजेंसियां एक साथ संभाल रही हैं मोर्चा

हादसे के बाद राहत और बचाव अभियान को युद्धस्तर पर संचालित किया जा रहा है। इस अभियान में कई केंद्रीय और राज्य स्तरीय एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं।

बचाव अभियान में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ), सिक्किम स्टेट डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी, जिला प्रशासन, सिक्किम पुलिस, फायर एंड इमरजेंसी सर्विस, रंगपो प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की मेडिकल टीमें तथा स्थानीय स्वयंसेवकों को लगाया गया है।

इसके अलावा पाकयोंग और पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी से भी विशेष बचाव दल मौके पर पहुंच चुके हैं। आधुनिक उपकरणों और तकनीकी संसाधनों की मदद से सुरंग में फंसे लोगों तक पहुंचने की कोशिश लगातार जारी है।

हर पल पर मुख्यमंत्री की नजर

मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग स्वयं राहत और बचाव अभियान की लगातार निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अभियान में किसी भी प्रकार की ढिलाई न बरती जाए और उपलब्ध सभी संसाधनों का अधिकतम उपयोग किया जाए।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाए। साथ ही बचाव कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का पूरी सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए ताकि अभियान में शामिल कर्मियों की सुरक्षा भी बनी रहे।

मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना

NHPC Tunnel Accident : मुख्यमंत्री तमांग ने हादसे में जान गंवाने वाले श्रमिकों के परिवारों के प्रति गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह केवल प्रभावित परिवारों का ही नहीं बल्कि पूरे राज्य का दुख है।

उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार इस कठिन समय में मृतकों के परिजनों के साथ खड़ी रहेगी और उन्हें हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार राहत, मुआवजा और अन्य आवश्यक सहयोग सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रही है।

बचावकर्मियों के साहस को किया सलाम

मुख्यमंत्री ने राहत एवं बचाव अभियान में जुटे सभी अधिकारियों, जवानों और स्वयंसेवकों की सराहना की। उन्होंने कहा कि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और लगातार बने जोखिम के बावजूद बचाव दल जिस समर्पण, साहस और पेशेवर तरीके से काम कर रहे हैं, वह प्रशंसनीय है।

उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी एजेंसियों के समन्वित प्रयासों से बचाव अभियान को जल्द सफलता मिलेगी।

अफवाहों से बचने की अपील

हादसे के बाद सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर विभिन्न प्रकार की सूचनाएं सामने आने लगी हैं। इसे देखते हुए मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की कि वे केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें।

उन्होंने नागरिकों से कहा कि किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रामक जानकारी साझा न करें, क्योंकि इससे राहत एवं बचाव अभियान प्रभावित हो सकता है। उन्होंने लोगों से फंसे हुए श्रमिकों और उनके परिवारों के लिए प्रार्थना करने की भी अपील की।

सरकार ने दोहराई अपनी प्रतिबद्धता

NHPC Tunnel Accident : सिक्किम सरकार ने स्पष्ट किया है कि राहत और बचाव अभियान पूरी गंभीरता और पारदर्शिता के साथ संचालित किया जा रहा है। प्रशासन का प्राथमिक उद्देश्य फंसे हुए सभी श्रमिकों तक सुरक्षित पहुंच बनाना और उन्हें जल्द से जल्द बाहर निकालना है।

सरकार ने यह भी कहा कि हादसे से प्रभावित प्रत्येक परिवार को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी और किसी भी जरूरत को अनदेखा नहीं किया जाएगा। राज्य प्रशासन केंद्र सरकार के साथ लगातार संपर्क में है और सभी आवश्यक संसाधनों का उपयोग किया जा रहा है।

सात श्रमिकों की मौत की पुष्टि, अभियान अब भी जारी

अधिकारियों ने पुष्टि की है कि सुरंग ढहने की इस दर्दनाक घटना में अब तक सात श्रमिकों की मौत हो चुकी है। वहीं, सुरंग के भीतर फंसे अन्य श्रमिकों तक पहुंचने के प्रयास लगातार जारी हैं।

बचाव दल मलबा हटाने, सुरंग के भीतर सुरक्षित रास्ता बनाने और आधुनिक उपकरणों की सहायता से फंसे लोगों तक पहुंचने में जुटा हुआ है। प्रशासन का कहना है कि अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक प्रत्येक श्रमिक तक पहुंच नहीं बनाई जाती।

यह हादसा एक बार फिर बड़े निर्माण कार्यों में सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। फिलहाल पूरे देश की नजरें सिक्किम में चल रहे राहत और बचाव अभियान पर टिकी हैं, जहां समय के साथ संघर्ष जारी है और हर संभव प्रयास किया जा रहा है कि फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।

jahanvi singh
Author: jahanvi singh

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