चाईबासा, 29 अप्रैल । Jharkhand Encounter : झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले में एक बार फिर नक्सलियों और सुरक्षा बलों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई। पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को हाई अलर्ट पर रखा गया है। यह मुठभेड़ चाईबासा के टोंटो थाना क्षेत्र अंतर्गत रुटुगुटू के घने और दुर्गम जंगलों में बुधवार तड़के हुई, जब केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की कोबरा 209 बटालियन के जवान नियमित गश्त और सर्च ऑपरेशन पर निकले हुए थे।
दो दिनों से चला रहे थे अभियान
Jharkhand Encounter : प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुरक्षा बल पिछले दो दिनों से गोइलकेरा थाना क्षेत्र के बोरोई और तूनबेड़ा इलाके में नक्सल विरोधी अभियान चला रहे थे। यह क्षेत्र लंबे समय से नक्सली गतिविधियों के लिए संवेदनशील माना जाता है। इसी सघन अभियान के दौरान सुरक्षा बलों की टीम बुधवार सुबह लगभग साढ़े चार बजे जब जंगल के अंदरूनी हिस्से की ओर बढ़ रही थी, तभी पहले से घात लगाए बैठे माओवादियों ने अचानक उन पर हमला बोल दिया और अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी।
सुरक्षाबलों ने जवाबी कार्रवाई शुरू की
Jharkhand Encounter : नक्सलियों की ओर से अचानक हुई गोलीबारी ने कुछ समय के लिए स्थिति को तनावपूर्ण बना दिया, लेकिन सुरक्षा बलों ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी। दोनों ओर से रुक-रुक कर गोलीबारी का सिलसिला काफी देर तक चलता रहा। घने जंगल और दुर्गम भौगोलिक स्थिति के कारण मुठभेड़ के दौरान सटीक जानकारी एकत्र करना भी चुनौतीपूर्ण रहा, लेकिन सुरक्षा बलों ने पूरी सूझबूझ और रणनीति के साथ स्थिति को नियंत्रण में रखने का प्रयास किया।
सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
मुठभेड़ की सूचना मिलते ही आसपास के पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया गया। अतिरिक्त सुरक्षा बलों को भी तुरंत मौके के लिए रवाना किया गया और पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर दी गई, ताकि नक्सली किसी भी दिशा में भागने में सफल न हो सकें। जंगल के भीतर और बाहर दोनों ओर सघन तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया है।
हालात पर कड़ी नजर
पश्चिमी सिंहभूम के पुलिस अधीक्षक अमित रेनू ने इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि सुरक्षा बलों की टीम लगातार जंगल में सर्च ऑपरेशन चला रही है और स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है। उन्होंने बताया कि फिलहाल क्षेत्र में हालात नियंत्रण में हैं, लेकिन पूरी तरह से तलाशी पूरी होने तक ऑपरेशन जारी रहेगा। सुरक्षा बल यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि किसी भी नक्सली को इलाके से भागने का मौका न मिले।
सुरक्षा एजेंसियों को मिला था खुफिया इनपुट
गौरतलब है कि हाल ही में गोइलकेरा क्षेत्र में एक पूर्व नक्सली की हत्या की घटना सामने आई थी, जिसके बाद से इलाके में नक्सली गतिविधियों के फिर से सक्रिय होने की आशंका जताई जा रही थी। सुरक्षा एजेंसियों को पहले से ही खुफिया इनपुट मिले थे कि सारंडा और कोल्हान के सीमावर्ती जंगलों में नक्सली अपने ठिकानों को फिर से मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं और किसी बड़ी वारदात की साजिश रच सकते हैं।
सूत्रों के अनुसार, प्रतिबंधित नक्सली संगठन से जुड़े कुख्यात नेता मिसिर बेसरा का दस्ता इस पूरे क्षेत्र में अपनी मौजूदगी को मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। यह दस्ता पहले भी कई हिंसक घटनाओं में शामिल रहा है और सुरक्षा बलों के लिए लंबे समय से चुनौती बना हुआ है। माना जा रहा है कि इसी दस्ता ने बुधवार की सुबह सुरक्षा बलों पर हमला किया।
ड्रोन से की जा रही निगरानी
Jharkhand Encounter : मुठभेड़ के बाद पूरे जिले में सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया गया है। कोल्हान प्रमंडल के सभी संवेदनशील और वन क्षेत्रों में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। जंगलों के अंदरूनी इलाकों में ड्रोन और आधुनिक तकनीक की मदद से भी निगरानी की जा रही है ताकि नक्सलियों की गतिविधियों पर पूरी नजर रखी जा सके।
सुरक्षा बलों द्वारा चलाया जा रहा यह सर्च ऑपरेशन बेहद चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि सारंडा और आसपास का क्षेत्र घने जंगलों, पहाड़ियों और गहरी घाटियों से भरा हुआ है, जहां नक्सली आसानी से छिप सकते हैं और घात लगाकर हमला कर सकते हैं। इसके बावजूद सुरक्षा बल लगातार आगे बढ़ते हुए इलाके को पूरी तरह से सुरक्षित करने में जुटे हुए हैं।
स्थानीय प्रशासन ने भी लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। साथ ही जंगल के आसपास रहने वाले ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद यह साफ है कि झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियान एक बार फिर तेज हो गया है। सुरक्षा एजेंसियां पूरी सतर्कता के साथ नक्सलियों की हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए हैं और आने वाले दिनों में और भी बड़े अभियान चलाए जाने की संभावना जताई जा रही है।
जंगलों में सर्च आपरेशन जारी
Jharkhand Encounter : फिलहाल, जंगलों में लगातार सर्च ऑपरेशन जारी है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है। सुरक्षा बलों का लक्ष्य इस क्षेत्र को पूरी तरह नक्सल मुक्त बनाना है ताकि स्थानीय लोगों में शांति और सुरक्षा का माहौल कायम हो सके।






