कोलकाता, 29 अप्रैल। Bengal Election Violence : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे चरण के मतदान के दौरान बुधवार को राज्य के कई हिस्सों में हिंसा और तनाव की घटनाएं सामने आईं। नादिया, हावड़ा, हुगली और दक्षिण 24 परगना जैसे जिलों में अलग-अलग जगहों पर राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं के बीच झड़पें, तोड़फोड़ और आरोप-प्रत्यारोप की स्थिति बनी रही, जिससे मतदान प्रक्रिया कई जगह प्रभावित हुई।
इलाके में मची अफरातरफरी
Bengal Election Violence : सबसे गंभीर घटना दक्षिण 24 परगना जिले के बसंती क्षेत्र में देखने को मिली, जहां भाजपा उम्मीदवार विकास सरदार के काफिले को निशाना बनाया गया। जानकारी के अनुसार, बूथ संख्या 76 के दौरे के दौरान उनके वाहन पर अचानक हमला किया गया और उसमें जमकर तोड़फोड़ की गई। इस दौरान स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि इलाके में अफरा-तफरी मच गई और माहौल बिगड़ गया।
सुरक्षाकर्मियों से हथियार छीनने की कोशिश
Bengal Election Violence : सूत्रों के मुताबिक, जब विकास सरदार पोलिंग बूथ का निरीक्षण करने पहुंचे तो कुछ अज्ञात लोगों ने उन पर हमला कर दिया। इस हमले के दौरान उनकी गाड़ी को नुकसान पहुंचाया गया और सुरक्षाकर्मियों से हथियार छीनने की भी कोशिश की गई। आरोप यह भी है कि मौके पर केंद्रीय सुरक्षा बल मौजूद होने के बावजूद उन्होंने स्थिति को नियंत्रित करने में प्रभावी भूमिका नहीं निभाई, जिससे तनाव और बढ़ गया।
हुगली-चुचुड़ा क्षेत्र में राजनीतिक तनाव
Bengal Election Violence : हुगली-चुचुड़ा क्षेत्र में भी राजनीतिक तनाव देखने को मिला, जहां सड़क किनारे लगे तृणमूल कांग्रेस के कई चुनावी बैनरों को हटाने के बाद विवाद भड़क गया। इसके अलावा बूथ संख्या 27, 28 और 29 पर मतदाता सूची फाड़े जाने की शिकायतों के बाद माहौल और गरमा गया। इसी दौरान कुछ स्थानों पर तृणमूल समर्थकों और केंद्रीय बलों के बीच भी नोकझोंक की खबरें सामने आईं।

पानीहाटी में टीएमसी और भाजपा कार्यकर्ताओं में झड़प
Bengal Election Violence : पानीहाटी विधानसभा क्षेत्र में बूथ संख्या 145 पर भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के बीच जमकर हाथापाई हुई। यह झड़प मतदान के दौरान काफी देर तक चली, जिसके बाद सुरक्षा बलों को हस्तक्षेप करना पड़ा और स्थिति को नियंत्रण में लाने की कोशिश की गई।
बाली विधानसभा क्षेत्र में तनाव
हावड़ा जिले के बाली विधानसभा क्षेत्र में भी मतदान के दौरान तनाव फैल गया। बूथ संख्या 152, 153 और 154 पर ईवीएम मशीन में तकनीकी खराबी आने के बाद मतदाता नाराज हो गए और हंगामा शुरू हो गया। स्थिति बिगड़ने पर केंद्रीय सुरक्षा बलों ने लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर किया। इस दौरान दो लोगों को हिरासत में लिया गया और पूरे क्षेत्र में भारी पुलिस बल की तैनाती कर दी गई। हावड़ा पुलिस आयुक्त स्वयं मौके पर स्थिति की निगरानी कर रहे हैं।
सासन इलाके में भी तनाव
उत्तर 24 परगना के सासन इलाके में भी तनाव की स्थिति बनी रही, जहां तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के एक समूह पर आरोप लगाया गया कि उन्होंने मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश की। इस पर एआईएसएफ समर्थकों और स्थानीय ग्रामीणों ने कड़ा विरोध जताया, जिससे माहौल गरमा गया।
नादिया जिले के करीमपुर विधानसभा क्षेत्र में उस समय विवाद खड़ा हो गया जब एक पुलिस अधिकारी पर मतदाताओं से कथित रूप से तृणमूल कांग्रेस के पक्ष में मतदान करने की अपील करने का आरोप लगा। इस घटना ने चुनावी निष्पक्षता को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
Bengal Election Violence : इसी बीच छपरा विधानसभा क्षेत्र के हत्रा पंचायत स्थित बूथ संख्या 52 पर भाजपा के पोलिंग एजेंट मोशर्रफ मीर पर कथित रूप से हमला किया गया, जिसमें उन्हें गंभीर चोटें आईं। उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।
कुल मिलाकर, पश्चिम बंगाल में मतदान के इस चरण के दौरान कई स्थानों पर हिंसा, झड़प और आरोप-प्रत्यारोप की घटनाओं ने चुनावी माहौल को तनावपूर्ण बना दिया है, जबकि प्रशासन हालात को नियंत्रित करने की कोशिश में जुटा हुआ है।






