Mathura Boat Tragedy : “केसी घाट पर त्रासदी: श्रद्धालुओं से भरी नाव पलटी, राहत-बचाव अभियान तेज”
मथुरा, 10 अप्रैल। Mathura Boat Tragedy : उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में शुक्रवार को एक भीषण और दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया, जिसने पूरे क्षेत्र को शोक में डुबो दिया। यमुना नदी में नाव पलटने की इस दुखद घटना में मृतकों की संख्या बढ़कर 10 हो गई है, जबकि कई लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। प्रशासन द्वारा बड़े पैमाने पर तलाशी और बचाव अभियान चलाया जा रहा है।
केसी घाट के पास हुआ हादसा
Mathura Boat Tragedy : यह दर्दनाक हादसा मथुरा के प्रसिद्ध केसी घाट के पास यमुना नदी में शुक्रवार दोपहर लगभग 2:45 बजे हुआ। जानकारी के अनुसार, पंजाब के लुधियाना से आए करीब 30 श्रद्धालु दो नावों में सवार होकर यमुना में भ्रमण कर रहे थे। इसी दौरान एक नाव संतुलन बिगड़ने के बाद पीपा पुल से टकरा गई और देखते ही देखते नदी में पलट गई।
घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और आसपास के लोगों ने तत्काल पुलिस और प्रशासन को सूचना दी। कुछ ही देर में राहत और बचाव दल मौके पर पहुंच गए और लोगों को सुरक्षित निकालने का अभियान शुरू किया गया।
आगरा रेंज के डीआइजी ने की पुष्टि
Mathura Boat Tragedy : आगरा रेंज के डीआइजी शैलेश कुमार पांडे ने हादसे की पुष्टि करते हुए बताया कि अब तक 10 लोगों की मौत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि कई लोग अभी भी लापता हैं और उन्हें खोजने के लिए गोताखोरों और बचाव टीमों द्वारा लगातार अभियान चलाया जा रहा है।
चल रहा बचाव कार्य
Mathura Boat Tragedy : जिला मजिस्ट्रेट सी. पी. सिंह ने बताया कि अब तक कई यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, लेकिन एक दर्जन से अधिक लोगों के लापता होने की आशंका है। उन्होंने कहा कि पुलिस, प्रशासन और विशेषज्ञ गोताखोरों की कई टीमें मौके पर तैनात हैं और हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने जताया दुख
Mathura Boat Tragedy : इस दुखद घटना पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि वे इस हादसे से बेहद दुखी हैं और जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति उनकी गहरी संवेदनाएं हैं। साथ ही उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की और भरोसा दिलाया कि स्थानीय प्रशासन हरसंभव सहायता प्रदान कर रहा है।
योगी ने बताया हृदयविदारक घटना
वहीं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस हादसे को “बेहद दुखद और हृदयविदारक” बताया। उन्होंने अधिकारियों को तत्काल घटनास्थल पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य तेज करने और घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वे भगवान श्री राम से प्रार्थना करते हैं कि दिवंगत आत्माओं को शांति मिले और शोक संतप्त परिवारों को इस कठिन समय में संबल प्राप्त हो। साथ ही उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की भी कामना की।
प्रशासन अलर्ट मोड में
Mathura Boat Tragedy : घटना के बाद प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। राहत और बचाव कार्यों को युद्ध स्तर पर संचालित किया जा रहा है। नदी में गोताखोर लगातार लापता लोगों की तलाश में जुटे हैं और नाव दुर्घटना के कारणों की भी जांच शुरू कर दी गई है।
यह हादसा एक बार फिर नदी सुरक्षा और नाव संचालन से जुड़े नियमों पर सवाल खड़े करता है। स्थानीय प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले की विस्तृत जांच की जाएगी ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
Mathura Boat Tragedy : फिलहाल मथुरा में मातम का माहौल है, पीड़ित परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरा प्रशासन राहत कार्यों में जुटा हुआ है। आने वाले घंटों में लापता लोगों की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।









