Bangladesh Election : 15 साल के शासन के बाद नई करवट
ढाका, 12 फरवरी। Bangladesh Election : बांग्लादेश में गुरुवार सुबह से संसदीय चुनाव के लिए मतदान जारी है। देश की 299 सीटों पर सुबह 7:30 बजे (स्थानीय समयानुसार) वोटिंग शुरू हुई, जो 42,779 मतदान केंद्रों पर शाम 4:30 बजे तक चलेगी। मतदान समाप्त होते ही मतगणना शुरू होगी और नई सरकार की तस्वीर साफ हो जाएगी।
यह चुनाव देश में हुए बड़े राजनीतिक आंदोलनों और पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के 15 वर्ष लंबे शासन के अंत के लगभग 18 महीने बाद हो रहे हैं। 13वें संसदीय चुनाव के साथ 84-सूत्रीय सुधार पैकेज पर जनमत संग्रह (रेफरेंडम) भी कराया जा रहा है, जिससे देश के संवैधानिक ढांचे में व्यापक बदलाव संभव हैं।
युवा मतदाताओं का बढ़ता प्रभाव
Bangladesh Election : देश में कुल 127 मिलियन (12.7 करोड़) से अधिक पंजीकृत मतदाता हैं। इनमें 18 से 37 वर्ष आयु वर्ग के लगभग 44 प्रतिशत मतदाता शामिल हैं, जो इस चुनाव में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं।
‘द ढाका ट्रिब्यून’ की रिपोर्ट के अनुसार, 127.7 मिलियन पंजीकृत मतदाताओं में 62.88 मिलियन महिलाएं हैं। खास बात यह है कि लगभग 2.7 मिलियन महिलाओं ने पहली बार मतदान के लिए पंजीकरण कराया है, जो नए पंजीकृत 1.87 मिलियन पुरुष मतदाताओं से कहीं अधिक है।
उम्मीदवारों में महिलाओं की सीमित भागीदारी
जहां मतदाताओं में महिलाओं की संख्या बढ़ी है, वहीं उम्मीदवारों में उनकी भागीदारी सीमित है। कुल 83 महिला उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं—इनमें 63 विभिन्न राजनीतिक दलों से और 20 निर्दलीय हैं। यह कुल उम्मीदवारों का लगभग चार प्रतिशत ही है।
अभूतपूर्व सुरक्षा इंतजाम
Bangladesh Election : चुनाव को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराने के लिए देशभर में लगभग 9,58,000 सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है। संवेदनशील और अति-संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त बल लगाए गए हैं।
इसके अलावा, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और मतदान प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाने के लिए 1,00,000 से अधिक सेना के जवानों की भी तैनाती की गई है।
मुख्य मुकाबला : बीएनपी बनाम इस्लामी गठबंधन
Bangladesh Election : इस चुनाव में शेख हसीना की अवामी लीग को प्रतिबंधित कर दिया गया है। ऐसे में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) बढ़त में मानी जा रही है।
मुख्य मुकाबला बीएनपी और जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाले गठबंधन के बीच है। 17 वर्षों बाद देश लौटे पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के 60 वर्षीय पुत्र तारिक रहमान इस चुनाव में प्रमुख दावेदार माने जा रहे हैं।
जनता से बड़े वादे
Bangladesh Election : तारिक रहमान ने रोजगार सृजन, बेहतर कानून-व्यवस्था और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया है। उनके ये वादे मतदाताओं को आकर्षित कर रहे हैं और चुनावी मुकाबले को दिलचस्प बना रहे हैं।
बांग्लादेश अब एक ऐसे मोड़ पर खड़ा है, जहां जनता का फैसला देश की राजनीतिक दिशा और संवैधानिक भविष्य तय करेगा।







