रांची, 12 फरवरी। Ranchi SUV Accident : राजधानी रांची के चुटिया थाना क्षेत्र में बुधवार देर रात तेज रफ्तार थार एसयूवी ने सड़क किनारे खड़े लोगों को कुचल दिया। इस दर्दनाक हादसे में 40 वर्षीय धर्मेंद्र कुमार की मौत हो गई, जबकि पांच अन्य लोग घायल हो गए। घायलों में दो की हालत गंभीर बनी हुई है।
Ranchi SUV Accident : गृह प्रवेश की खुशियां पलभर में मातम में बदलीं
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, साउथ रेलवे कॉलोनी स्थित दुर्गा मंदिर के पास एक गृह प्रवेश समारोह चल रहा था। भोजन के बाद कुछ लोग सड़क किनारे खड़े होकर बातचीत कर रहे थे। तभी रेलवे स्टेशन की ओर से तेज गति से आ रही थार अचानक अनियंत्रित हो गई और वहां खड़े लोगों को रौंदते हुए आगे निकल गई।
वाहन की रफ्तार इतनी अधिक थी कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला। टक्कर के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए सभी घायलों को अस्पताल पहुंचाया।
अस्पताल में जिंदगी की जंग
Ranchi SUV Accident : घायलों में रेलवे की टीटी अन्नपूर्णा नायडू (50), उनके पुत्र कुणाल नायडू (26), संदीप महतो (40), अमित सिंह (35) और प्रशांत गौरव शामिल हैं।
अन्नपूर्णा नायडू और कुणाल नायडू का इलाज राज अस्पताल में चल रहा है।
प्रशांत गौरव को गुरुनानक अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
दो अन्य घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया।
गंभीर रूप से घायल धर्मेंद्र कुमार ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। उनका शव पोस्टमार्टम के लिए रिम्स भेजा गया है। वे एक निजी कंपनी में मोबाइल टावर इंस्टॉलेशन का कार्य करते थे।
चालक फरार, पुलिस की छापेमारी जारी
Ranchi SUV Accident : हादसे के बाद चालक वाहन समेत मौके से फरार हो गया। पुलिस ने उसकी पहचान कर ली है और गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि वाहन डोरंडा की दिशा में भागा।
चुटिया थाना पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। स्टेशन रोड, नेपाल हाउस और अन्य प्रमुख मार्गों के कैमरों की रिकॉर्डिंग भी जांची जा रही है। शहर के विभिन्न इलाकों में वाहन जांच अभियान चलाया जा रहा है।
लगातार हादसों से लोगों में आक्रोश
Ranchi SUV Accident : घटना के बाद कॉलोनी में शोक और गुस्से का माहौल है। उल्लेखनीय है कि दो दिन पहले भी रांची में तेज रफ्तार एसयूवी ने कई लोगों को टक्कर मारी थी। उस दौरान पुलिस को वाहन रोकने के लिए फायरिंग तक करनी पड़ी थी।
लगातार हो रहे ऐसे हादसों ने शहर में सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।







