Tax Reform 2026 : नई टैक्स नीति से करदाता बने भरोसेमंद
नई दिल्ली, 1 फरवरी। Tax Reform 2026 : केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026 में बड़ा इनकम टैक्स सुधार किया। इसके तहत सरकार ने कहा कि अब करदाताओं को अपराधी की नजर से नहीं देखा जाएगा। इसका उद्देश्य देश में भरोसा आधारित टैक्स सिस्टम को विकसित करना है।
वित्त मंत्री ने बताया कि नए इनकम टैक्स एक्ट, जो 1 अप्रैल से लागू होंगे, में यदि किसी करदाता की आय में गलती हो या टैक्स अनजाने में छिपा दिया गया हो तो सजा की जगह केवल जुर्माना भरना होगा।
विदेशी संपत्ति पर विशेष छूट
Tax Reform 2026 : जिन लोगों की विदेशों में अघोषित संपत्ति है, उन्हें अपनी गलती सुधारने के लिए 6 महीने का विशेष समय मिलेगा। यह स्कीम खास प्रकटीकरण योजना के तहत होगी, जिसमें संपत्ति की जानकारी देकर कानूनी दांवपेचों से बचा जा सकेगा।
सजा में कटौती, जुर्माने पर ज्यादा जोर
निर्मला सीतारमण ने कहा, “छोटे टैक्स अपराधों पर केवल जुर्माना लगेगा। अन्य मामलों में अधिकतम जेल की अवधि दो वर्ष तक घटा दी गई है और अदालतों को इसे जुर्माने में बदलने का अधिकार होगा।”
आइटीआर सुधार आसान, समय सीमा बढ़ी
Tax Reform 2026 : इनकम टैक्स रिटर्न में गलती सुधारना अब आसान होगा। सरकार ने कहा कि करदाता मामूली फीस देकर लेट आईटीआर अपडेट कर सकेंगे। अग्रिम भुगतान राशि को भी 20% से घटाकर 10% किया गया है।
प्रॉपर्टी खरीद और टीडीएस प्रक्रिया आसान
Tax Reform 2026 : अब एनआरआइ से प्रॉपर्टी खरीदते समय टैन नंबर की जटिल प्रक्रिया नहीं होगी। छोटे करदाताओं के लिए निल टीडीएस प्रक्रिया पूरी तरह से ऑटोमैटिक और डिजिटल हो जाएगी।
बजट 2026 ने टैक्स सिस्टम को सरल, भरोसेमंद और डिजिटल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। अब छोटे अपराधों पर केवल जुर्माना और आईटीआर सुधार में राहत से करदाता आसानी से अपने टैक्स का पालन कर सकेंगे।







