पटना, 23 जनवरी। Bishnoi Gang Arrest : बिहार की राजधानी पटना में पुलिस ने कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उसके एक सक्रिय सदस्य परमानंद यादव उर्फ नेपाली को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। इसी अभियान के तहत गिरोह के तीन अन्य सदस्यों को भी पुलिस ने दबोच लिया है।
Bishnoi Gang Arrest : गुप्त सूचना से खुला गिरोह का ठिकाना
Bishnoi Gang Arrest : पटना शहर के पुलिस अधीक्षक (पश्चिम) भानु प्रताप सिंह ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि गुरुवार सुबह बेउर थाना क्षेत्र में गिरोह के चार सदस्यों की मौजूदगी की पुख्ता सूचना मिली थी। ये सभी पटना में किसी बड़ी आपराधिक वारदात को अंजाम देने की साजिश रच रहे थे।
छापेमारी के दौरान फरार हुए आरोपित
Bishnoi Gang Arrest : सूचना के आधार पर पुलिस ने जब छापेमारी की तो आरोपित फरार हो गए। मुख्य आरोपित परमानंद यादव जहानाबाद की ओर भाग निकला, जबकि उसके तीन साथी इलाके में ही छिप गए।
मुठभेड़ के बाद दबोचा गया मुख्य आरोपित
पटना पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने पीछा करते हुए मुठभेड़ के बाद परमानंद यादव को गिरफ्तार कर लिया। वहीं, नीरज कुमार उर्फ विक्की, चंदन कुमार और शिवम आनंद को भी अलग-अलग स्थानों से पकड़ लिया गया।
20 से ज्यादा संगीन मामलों का इतिहास
Bishnoi Gang Arrest : एसपी सिटी ने बताया कि परमानंद यादव के खिलाफ बिहार और झारखंड के विभिन्न थानों में 20 से अधिक गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। नीरज कुमार गिरोह के खातों और वित्तीय लेन-देन की जिम्मेदारी संभालता था।
हथियार, नकदी और विदेशी कनेक्शन का खुलासा
Bishnoi Gang Arrest : गिरफ्तार आरोपितों की निशानदेही पर पुलिस ने एक देसी रिवॉल्वर, छह जिंदा कारतूस, 40 हजार रुपये नकद और 5,110 नेपाली रुपये बरामद किए हैं।
इसके अलावा आरोपितों के पास से पासपोर्ट भी मिले हैं, जिनसे नेपाल और मलेशिया की यात्रा का खुलासा हुआ है। इससे गिरोह के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की भी आशंका जताई जा रही है।
STF और विशेष एजेंसियां करेंगी गहन जांच
Bishnoi Gang Arrest : मामले की गंभीरता को देखते हुए एसटीएफ और अन्य विशेष एजेंसियां आरोपियों से विस्तृत पूछताछ करेंगी। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि पटना में गिरोह की मौजूदगी का मकसद क्या था, उनके संभावित टारगेट कौन थे और नेटवर्क कितना बड़ा है।
तकनीकी टीम भी जांच में शामिल
लॉरेंस बिश्नोई गिरोह और गिरफ्तार आरोपितों के बीच संबंधों को पुख्ता करने के लिए एक विशेष तकनीकी टीम भी तैनात की गई है।
पटना पुलिस का कहना है कि आने वाले दिनों में इस गिरोह से जुड़े और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।







