नई दिल्ली, 18 जनवरी। Lalu Yadav case : दिल्ली हाईकोर्ट सोमवार को राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार के सदस्यों की याचिकाओं पर सुनवाई करेगा। ये याचिकाएं आईआरसीटीसी होटल घोटाला मामले में ट्रायल कोर्ट के आदेश को चुनौती देती हैं, जिसमें उनके खिलाफ भ्रष्टाचार, आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी के आरोप तय करने के निर्देश दिए गए थे।
Lalu Yadav case : याचिकाओं का मुद्दा
लालू यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव ने ट्रायल कोर्ट के आदेश पर सवाल उठाते हुए कहा है कि रिकॉर्ड के आधार पर नहीं बल्कि अनुमान के आधार पर आरोप तय किए गए।
तेजस्वी यादव ने तर्क दिया कि अभियोजन पक्ष ने कोई प्रथम दृष्टया मामला नहीं बनाया, जिससे आरोप तय किए जा सकें।
इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव की अपराध पुनरीक्षण याचिकाओं पर CBI को नोटिस जारी किया था।
यह है पृष्ठभूमि
Lalu Yadav case : 13 अक्टूबर 2025: राउज एवेन्यू कोर्ट के विशेष न्यायाधीश (पीसी एक्ट) विशाल गोगने ने लालू परिवार और अन्य आरोपियों के खिलाफ आइपीसी 420 और 120बी तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा चलाने की मंजूरी दी थी।
आरोप हैं कि 2004-2009 में रेल मंत्री रहते हुए लालू यादव ने आइआरसीटीसी के दो होटलों को नियमों के बिना पट्टे पर दिया, जिनमें से एक होटल उनके करीबी सहयोगी प्रेम गुप्ता की पत्नी सरला गुप्ता को आवंटित किया गया।
अभियोजन का कहना है कि राजद नेता ने बेनामी कंपनी के जरिए तीन एकड़ की कीमती जमीन हासिल की।
लालू यादव ने इस घोटाले में किसी भी अनियमितता से इनकार किया है और मामले से बरी किए जाने की मांग की है।
मुख्य तथ्य
सुनवाई: 19 जनवरी, न्यायमूर्ति स्वर्णा कांता शर्मा की पीठ
आरोपित: लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, प्रेम गुप्ता, सरला गुप्ता, रेलवे अधिकारी राकेश सक्सेना व पी. के. गोयल
मामला: आइआरसीटीसी होटल घोटाला, 2004-2009, भ्रष्टाचार, धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश के आरोप







