मोतिहारी, 17 जनवरी। Largest Shivling : पूर्वी चंपारण जिले के कैथवलिया में शनिवार को आध्यात्मिक इतिहास का नया अध्याय जुड़ गया। यहां दुनिया के सबसे बड़े शिवलिंग की भव्य स्थापना के साथ पूरा क्षेत्र श्रद्धा, आस्था और उत्सव के रंग में रंगा नजर आया। इस ऐतिहासिक अवसर पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा समेत कई वरिष्ठ नेता, संत-महात्मा और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
Largest Shivling : मां जानकी की धरती फिर होगी जागृत : विजय सिन्हा

उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने इस मौके पर कहा कि मां जानकी की यह पावन धरती एक बार फिर आध्यात्मिक रूप से जागृत होने जा रही है। अयोध्या में श्रीराम मंदिर की स्थापना के बाद अब रामलला अपने ससुराल, मां जानकी की भूमि पर आने वाले हैं। ऐसे में देवों के देव महादेव के विराट शिवलिंग की स्थापना एक बड़े धार्मिक केंद्र के रूप में उभरने का संकेत है।
बिहार ही नहीं, पूरे देश के लिए गौरव
Largest Shivling : विजय सिन्हा ने कहा कि यह आयोजन केवल बिहार के लिए नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। इससे मानवता में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा, सुख-शांति और समृद्धि के नए मार्ग खुलेंगे और धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा, जिससे क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी।
सनातन संस्कृति के विकास का प्रतीक
Largest Shivling : उन्होंने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सनातन संस्कृति के उत्थान के विजन का सजीव उदाहरण बताते हुए कहा कि ऐसे आयोजन भारत की आध्यात्मिक विरासत को वैश्विक पहचान दिला रहे हैं।
विकास को मिलेगी नई दिशा: हरिभूषण ठाकुर
Largest Shivling : भाजपा नेता हरिभूषण ठाकुर ने भी इसे पूर्वी चंपारण और पूरे बिहार के लिए गर्व का क्षण बताया। उन्होंने कहा कि विराट रामायण मंदिर परिसर में दुनिया के सबसे बड़े शिवलिंग की स्थापना से क्षेत्रीय विकास को बल मिलेगा और सनातन संस्कृति के पुनर्जागरण को नई मजबूती मिलेगी।
विश्व के लिए शुभ संकेत : महंत राजू दास

Largest Shivling : अयोध्या के हनुमान गढ़ी मंदिर के महंत राजू दास ने कहा कि आज भारत अपनी प्राचीन सनातन हिंदू संस्कृति के साथ आगे बढ़ रहा है। रामायण मंदिर परिसर में स्थापित यह विशाल शिवलिंग न केवल बिहार, बल्कि पूरी दुनिया के लिए शुभ संकेत है और आने वाले समय में यह भक्ति व आस्था का प्रमुख केंद्र बनेगा।
अधूरे सपने को मिला आकार

Largest Shivling : हनुमान गढ़ी के महंत राजेश दास ने बताया कि इस मंदिर की नींव किशोर कुणाल ने रखी थी, लेकिन वे इसे पूरा नहीं कर सके। उनके पुत्र और पुत्रवधू ने इस अधूरे सपने को साकार कर इतना विशाल धार्मिक प्रोजेक्ट पूरा किया, जो प्रशंसा और आशीर्वाद के पात्र हैं।
बिहार के लिए बड़ा अवसर
महंत राजेश दास ने इसे बिहार के लिए एक ऐतिहासिक अवसर बताते हुए सभी श्रद्धालुओं और समाज से इस धार्मिक केंद्र के विकास में सहयोग और योगदान की अपील की।







