Samriddhi Yatra :अफसरों को अलर्ट
पटना, 11 जनवरी। Samriddhi Yatra : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एक बार फिर जमीनी हकीकत जानने के लिए जिलावार दौरे पर निकलने जा रहे हैं। 16 जनवरी से शुरू होने वाली इस विशेष यात्रा को ‘समृद्धि यात्रा’ नाम दिया गया है। इसको लेकर राज्य प्रशासन में हलचल तेज हो गई है और अधिकारियों को आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
योजनाओं की जमीनी जांच बनेगी समृद्धि यात्रा का उद्देश्य
Samriddhi Yatra : ‘समृद्धि यात्रा’ के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार प्रगति यात्रा और सात निश्चय योजनाओं सहित जिलों में चल रही अन्य महत्वपूर्ण विकास योजनाओं का स्थलीय निरीक्षण करेंगे। इसका मकसद योजनाओं की प्रगति, गुणवत्ता और समयबद्ध क्रियान्वयन का आकलन करना है।
शिलान्यास से लेकर उद्घाटन तक, विकास कार्यों पर रहेगा फोकस
Samriddhi Yatra : मुख्यमंत्री अपने दौरे के दौरान कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन करेंगे। इसके साथ ही वे जन संवाद कार्यक्रम के जरिए आम लोगों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं और सुझाव सुनेंगे।
जिलास्तरीय समीक्षा बैठकें, अफसरों की रहेगी पूरी मौजूदगी
Samriddhi Yatra : समृद्धि यात्रा के दौरान हर जिले में समीक्षा बैठकें आयोजित होंगी, जिनमें संबंधित विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव, सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहेंगे। साथ ही पुलिस महानिदेशक और जिला प्रशासन के शीर्ष अधिकारी भी इन बैठकों में शामिल होंगे।
अधिकारियों को सख्त निर्देश, व्यवस्थाओं में न हो कोई कमी
Samriddhi Yatra : राज्य सरकार ने संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों को सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। यात्रा के दौरान सुरक्षा, समन्वय और प्रशासनिक तैयारियों पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है।
गोलघर निरीक्षण से दिए विकास के संकेत
Samriddhi Yatra : समृद्धि यात्रा से पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार को पटना के ऐतिहासिक गोलघर परिसर का भ्रमण किया। उन्होंने पार्क, गोलघर के ढांचे, लाइट एंड साउंड व लेजर शो की स्थिति का जायजा लिया और अधिकारियों को परिसर की सुंदरता बढ़ाने के निर्देश दिए, ताकि पर्यटन को बढ़ावा मिल सके।
जनता और शासन के बीच सेतु बनेगी ‘समृद्धि यात्रा’
सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह यात्रा न सिर्फ योजनाओं की समीक्षा का माध्यम बनेगी, बल्कि जनता और प्रशासन के बीच संवाद को मजबूत करने, पारदर्शिता बढ़ाने और विकास कार्यों को गति देने में भी अहम भूमिका निभाएगी।







