कोलकाता, 8 जनवरी। Coal Scam ED : प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के कोलकाता कार्यालय ने गुरुवार को बहुचर्चित कोयला घोटाला मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए अनुप माजी और उससे जुड़े अन्य लोगों के ठिकानों पर व्यापक तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआइ) द्वारा 27 नवंबर 2020 को दर्ज एफआईआर के आधार पर की गई है।
वहीं दूसरी ओर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर ईडी के काम में हस्तक्षेप करने और सबूतों को नष्ट करने का आरोप लगा है। ईडी के अनुसार 8 जनवरी को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत कोयला तस्करी से जुड़े व्यक्तियों, हवाला संचालकों और उनके हैंडलरों के खिलाफ तलाशी अभियान चलाया गया। इस कार्रवाई में पश्चिम बंगाल के 6 और दिल्ली के 4 परिसरों को शामिल किया गया।
तलाशी के दौरान दक्षिण कोलकाता के पुलिस उपायुक्त और सरानी थाना प्रभारी एक पुलिसकर्मी के साथ एक परिसर में पहुंचे, जहां उन्होंने ईडी अधिकारियों की पहचान की पुष्टि की।
Coal Scam ED : मुख्यमंत्री के पहुंचने के बाद बदला घटनाक्रम
ईडी के मुताबिक, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारियों के पहुंचने तक कार्रवाई शांतिपूर्ण और पेशेवर ढंग से चल रही थी। बाद में मुख्यमंत्री प्रतीक जैन के आवासीय परिसर में दाखिल हुईं और वहां से भौतिक दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों सहित अहम साक्ष्य अपने साथ ले गईं।
इसके बाद मुख्यमंत्री का काफिला आइ-पैक के कार्यालय परिसर पहुंचा, जहां से कथित तौर पर राज्य पुलिस और सहयोगियों के साथ मिलकर दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य हटाए गए। ईडी का कहना है कि इन घटनाओं के चलते पीएमएलए के तहत चल रही जांच में बाधा उत्पन्न हुई है।
ईसीएल क्षेत्रों से कोयला चोरी, अवैध खनन और काले कारोबार का जाल
Coal Scam ED : ईडी की जांच में खुलासा हुआ है कि अनुप माजी के नेतृत्व में सक्रिय कोयला तस्करी गिरोह पश्चिम बंगाल के ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) के लीजहोल्ड इलाकों से कोयले की चोरी कर अवैध खनन करता था। इसके बाद यह कोयला बांकुरा, बर्धमान, पुरुलिया समेत राज्य के कई जिलों में स्थित औद्योगिक इकाइयों और कारखानों को बेचा जाता था।
शाकंभरी समूह और हवाला नेटवर्क से जुड़ाव उजागर
Coal Scam ED : जांच में यह भी सामने आया कि तस्करी से निकले कोयले का एक बड़ा हिस्सा शाकंभरी समूह की कंपनियों को सप्लाई किया गया। इसके साथ ही हवाला संचालकों से जुड़े लेनदेन के पुख्ता सबूत भी मिले हैं। विभिन्न व्यक्तियों के बयान और अन्य साक्ष्यों से यह स्पष्ट हुआ है कि पूरे नेटवर्क में हवाला चैनल के जरिए धन की हेराफेरी की जा रही थी।
आइ-पैक तक पहुंची जांच, करोड़ों के लेनदेन का आरोप
ईडी के अनुसार, कोयला तस्करी से अर्जित अवैध धन को छिपाने और आगे बढ़ाने में शामिल एक हवाला संचालक ने इंडियन पैसिफिक कंसल्टिंग प्राइवेट लिमिटेड (आइ-पैक) को करोड़ों रुपये के वित्तीय लेनदेन में मदद की। जांच में आइपीएसी का नाम उन संस्थाओं में शामिल पाया गया है, जिनका संबंध हवाला के धन से बताया जा रहा है।
ईडी की सफाई: न राजनीतिक, न चुनावी कार्रवाई
Coal Scam ED : ईडी ने अपने प्रेस नोट में स्पष्ट किया है कि यह पूरी कार्रवाई साक्ष्य-आधारित है और किसी भी राजनीतिक संगठन को निशाना बनाने के उद्देश्य से नहीं की गई है। किसी पार्टी कार्यालय की तलाशी नहीं ली गई है और यह कार्रवाई किसी चुनाव से जुड़ी नहीं है, बल्कि मनी लॉन्ड्रिंग के खिलाफ नियमित कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है। सभी तलाशी अभियान स्थापित कानूनी प्रावधानों और सुरक्षा मानकों के तहत किए गए हैं।







