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Delhi Air Quality : दिल्ली की सांसों को मिली राहत, हवा सुधरते ही जीआरएपी-3 की सख्ती हटी

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Delhi Air Quality Improves, GRAP-3 Restrictions Lifted by CAQM

नई दिल्ली, 2 जनवरी। Delhi Air Quality : दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में मामूली सुधार दर्ज किए जाने के बाद वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (जीआरएपी) के तहत लागू चरण-3 यानी ‘गंभीर’ श्रेणी के प्रतिबंधों को हटा लिया है। अधिकारियों के मुताबिक, तेज हवाओं के कारण वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआइ) में सुधार देखने को मिला, जिसके बाद यह फैसला लिया गया।

Delhi Air Quality : चरण-3 के तहत कड़े प्रतिबंध लगे थे

शुक्रवार को आयोजित समीक्षा बैठक में जीआरएपी पर गठित उप-समिति ने क्षेत्र की मौजूदा स्थिति का आकलन किया। बैठक के बाद सीएक्यूएम के एक अधिकारी ने बताया कि 13 दिसंबर, 2025 को जारी वह आदेश, जिसके तहत चरण-3 के कड़े प्रतिबंध लागू किए गए थे, अब तत्काल प्रभाव से रद कर दिए गए हैं। हालांकि, उप-समिति ने यह भी सिफारिश की है कि चरण-1 और चरण-2 के तहत लागू उपायों को और सख्ती से लागू किया जाए, ताकि वायु गुणवत्ता दोबारा खराब न हो।

पूर्वानुमानों की भी समीक्षा

Delhi Air Quality : अधिकारी ने बताया कि बैठक में भारत मौसम विज्ञान विभाग (आइएमडी) और भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (आइआइटीएम) के पूर्वानुमानों की भी समीक्षा की गई। जीआरएपी की मौजूदा अनुसूची के अनुसार चरण-1, चरण-2 और चरण-3 क्रमशः 14 अक्टूबर, 19 अक्टूबर और 13 दिसंबर, 2025 के आदेशों के जरिए लागू किए गए थे।

ताकि एक्यूआइ का स्तर गंभीर न बने

Delhi Air Quality : उप-समिति के अध्यक्ष एसडी अत्री ने बैठक के बाद जारी आदेश में कहा कि जीआरएपी चरण-3 को भले ही हटा दिया गया हो, लेकिन सर्दियों के मौसम में प्रतिकूल मौसमीय परिस्थितियों को देखते हुए नागरिकों से अपील की गई है कि वे चरण-1 और चरण-2 के अंतर्गत निर्धारित नागरिक चार्टर का सख्ती से पालन करें। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि एक्यूआइ का स्तर फिर से ‘गंभीर’ या ‘गंभीर प्लस’ श्रेणी तक न पहुंचे।

कार्यान्वयन एजेंसियों को निर्देश

Delhi Air Quality : आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि चरण-1 और चरण-2 के तहत की गई सभी कार्रवाइयां 21 नवंबर, 2025 को संशोधित जीआरएपी के अनुसार जारी रहेंगी। इन उपायों की पूरे एनसीआर क्षेत्र में संबंधित एजेंसियों द्वारा निगरानी और नियमित समीक्षा की जाएगी। साथ ही, सभी कार्यान्वयन एजेंसियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे कड़ी निगरानी रखें और तय उपायों को और प्रभावी ढंग से लागू करें।

उप-समिति ने यह भी साफ किया कि जिन निर्माण और विध्वंस परियोजना स्थलों को वैधानिक निर्देशों, नियमों और दिशानिर्देशों के उल्लंघन के कारण बंद करने के आदेश दिए गए हैं, वे आयोग से अलग से अनुमति प्राप्त किए बिना किसी भी स्थिति में दोबारा शुरू नहीं किए जा सकेंगे। यह आदेश सख्ती से लागू रहेगा।

डीपीसीसी को सौंपी गई थी कार्यान्वयन की जिम्मेदारी

Delhi Air Quality : गौरतलब है कि 19 अक्टूबर को उप-समिति ने चरण-2 के तहत 12 सूत्रीय कार्य योजना को सर्वसम्मति से मंजूरी दी थी, जो चरण-1 के मौजूदा उपायों पर आधारित थी। इसके प्रभावी क्रियान्वयन की जिम्मेदारी एनसीआर राज्यों के प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों और दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) को सौंपी गई थी।

Delhi Air Quality : इस कार्ययोजना के तहत प्रमुख सड़कों पर रोजाना मशीनों से सफाई और पानी का छिड़काव, मशीनों की शिफ्ट बढ़ाना, व्यस्त समय से पहले प्रदूषण हॉटस्पॉट और ट्रैफिक कॉरिडोर में एंटी-डस्ट पदार्थों का छिड़काव जैसे कदम शामिल थे। इसके अलावा निर्माण स्थलों पर कड़ी निगरानी, चिन्हित संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष हस्तक्षेप और डीजल जनरेटर के उपयोग को सीमित करने के लिए निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने जैसे उपाय भी लागू किए गए।

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