निवेदिता झा, देवरिया (उत्तर प्रदेश)। Bikhari Thakur Award : भोजपुरी भाषा, लोक संस्कृति और लोक कलाओं के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए कार्यरत विश्व भोजपुरी सम्मेलन द्वारा वर्ष 2025 का प्रतिष्ठित भिखारी ठाकुर सम्मान प्रसिद्ध लोक गायिका कल्पना पटवारी को प्रदान किया गया। यह सम्मान देवरिया, उत्तर प्रदेश में आयोजित सम्मेलन के भव्य समारोह के दौरान दिया गया।
सम्मान समारोह में भोजपुरी साहित्य, लोक संगीत, रंगमंच और संस्कृति से जुड़े अनेक वरिष्ठ कलाकार, साहित्यकार, सामाजिक कार्यकर्ता और गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। कार्यक्रम में लोक संस्कृति की समृद्ध परंपरा को समर्पित प्रस्तुतियों ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया।
गीतों में सामाजिक सरोकार
Bikhari Thakur Award : कल्पना पटवारी को यह सम्मान भोजपुरी, मैथिली, मगही, अवधी, ब्रज, असमिया और अन्य लोक भाषाओं में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए दिया गया। उन्होंने लोक संगीत को न केवल देश के विभिन्न हिस्सों तक पहुँचाया, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी भारतीय लोक संस्कृति की पहचान मजबूत की है। उनके गीतों में सामाजिक सरोकार, स्त्री विमर्श, श्रम संस्कृति और लोक जीवन की संवेदनशील झलक देखने को मिलती है।
भिखारी ठाकुर सम्मान लोक कलाकारों को समर्पित
Bikhari Thakur Award : विश्व भोजपुरी सम्मेलन के पदाधिकारियों ने कहा कि भिखारी ठाकुर सम्मान लोक कलाकारों को समर्पित है, जिन्होंने अपनी कला के माध्यम से समाज को दिशा दी है। भिखारी ठाकुर को भोजपुरी लोकनाट्य और लोक साहित्य का शिखर पुरुष माना जाता है और उनके नाम पर दिया जाने वाला यह सम्मान लोक परंपरा को जीवंत रखने वाले कलाकारों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
कल्पना ने यह कहा
Bikhari Thakur Award : सम्मान ग्रहण करते हुए कल्पना पटवारी ने कहा कि यह सम्मान उनके लिए गर्व और जिम्मेदारी दोनों है। उन्होंने कहा कि भिखारी ठाकुर जैसे महान लोक कलाकार के नाम से जुड़ा सम्मान मिलना उनके पूरे कलात्मक जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है। उन्होंने विश्व भोजपुरी सम्मेलन और आयोजकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि लोक संगीत समाज की आत्मा है और इसे नई पीढ़ी तक पहुँचाना सभी कलाकारों की जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम के दौरान भोजपुरी लोकगीत, नाट्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आयोजन भी किया गया, जिसने समारोह को यादगार बना दिया। वक्ताओं ने कहा कि ऐसे आयोजन भोजपुरी भाषा और संस्कृति को वैश्विक पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
विश्व भोजपुरी सम्मेलन ने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में भी लोक कलाकारों, लेखकों और रंगकर्मियों को इसी तरह सम्मानित कर भोजपुरी संस्कृति को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का प्रयास जारी रहेगा।
Author: Nivedita Jha
Nivedita Jha is a graduate from Baba Saheb Bhimrao Ambedkar University. She is also a double post graduate. She has also done journalism. She has five years of experience in journalism.







