पटना, 2 अगस्त। Bihar: आज के दौर में मोबाइल सिर्फ एक डिवाइस नहीं, बल्कि आपकी यादें संजोने का एक बक्सा भी है। मोबाइल इस डिजिलट युग में दस्तावेजों को सहेजने का भी डिवाइस है। आज ये सिर्फ एक डिवाइस नहीं बल्कि पूरी दुनिया से जुड़ने की कड़ी भी बन गया है। ऐसे में इसके खो जाने से परेशानी बढ़ जाती है। लेकिन बिहार पुलिस ने बीते तीन वर्षों में इस उदासी के कारण को उम्मीदों की मुस्कान में बदल दिया है।
जी, हां बिहार पुलिस ने पिछले तीन वर्षों से लोगों के खोए या चोरी हुए मोबाइल को वापस लौटाकर मोबाइल मालिकों के चेहरे पर मुस्कान लौटाई है। बिहार पुलिस के ‘ऑपरेशन मुस्कान’ की वजह से बीते तीन वर्षों में 22,980 मोबाइल मालिकों के चेहरे की मुस्कान लौटाई जा चुकी है।
पुलिस ने भावनाओं से जुड़कर किया काम
Bihar: बिहार पुलिस का ‘ऑपरेशन मुस्कान’ अब लोगों की भावनाओं से सीधे जुड़ चुका है। यह सिर्फ मोबाइल रिकवरी का मिशन नहीं, बल्कि भरोसे की वापसी भी है। जो हर मोबाइल रिकवरी के बाद एक कहानी बन जाता है। पिछले तीन वर्षों के दौरान, यानी साल 2023 से 2025 तक, राज्यभर में कुल 22,980 गुम या चोरी हुए मोबाइल फोन रिकवर कर उनके वास्तविक मालिकों को सौंपे जा चुके हैं।
मोबाइल छिनतई की घटना पर भी लगा ब्रेक
Bihar: साल 2023 में 11 हजार 609 मोबाइल लौटाए गए, वहीं 2024 में 8155 मोबाइल रिकवर कर इसे असली मालिकों तक पहुंचाया गया। 2025 में अब तक 3216 मोबाइल रिकवर कर लौटाए गए। गौर करने वाली बात ये है कि इस ऑपरेशन के शुरू के बाद से लगातार संख्या में गिरावट आ रही है। वहीं, मोबाइल छिनतई की घटना में भी भारी कमी दिखाई देती है।
वर्षवार आंकड़े
- 2023 में 11,609 मोबाइल उनके असली स्वामियों को लौटाए गए।
- 2024 में 8,155 मोबाइल की रिकवरी कर मालिकों को सौंपा गया।
- 2025 के जनवरी से अब तक 3,216 मोबाइल अपने मालिकों तक वापस पहुंच चुके हैं।
इस शिकायत को हल्के में नहीं लेती पुलिस
Bihar: बताते चलें कि यह ऑपरेशन मुस्कान केवल मोबाइल रिवकरी का ऑपरेशन नहीं है बल्कि ये आज जनता के विश्वास जीतने और इसे कायम रखने का ऑपरेशन भी बन गया है। इसलिए मोबाइल गुम हो जाने की शिकायत मिलते ही पुलिस उसे गंभीरता से लेकर तुरंत ट्रेसिंग की प्रक्रिया शुरू करती है। तकनीकी सहयोग से मोबाइल लोकेट कर संबंधित व्यक्ति तक उसे सुरक्षित लौटाया जाता है। इस सफलता को देखते हुए पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों को निर्देश दिया है कि मोबाइल चोरी या गुमशुदगी के मामलों को गंभीरता से लिया जाए। अब हर जिले से इस अभियान की प्रगति रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय तलब की जाती है, ताकि यह आकलन हो सके कि कहां कितनी तेजी से कार्रवाई हो रही है।
Author: ohm verma
Om Verma (ohm verma) is a graduate from Motilal Nehru College of Delhi University. He has done Journalism and Mass Communication from Kurukshetra University. He has worked in Hari Bhoomi newspaper published from Haryana. After this, he worked for Dainik Jagran as Chief Sub Editor for a long time. He held many important roles in the Noida office. During this time, he participated in debates on many national TV channels.







