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Bihar : बिहार में लगेंगे पांच डेयरी संयंत्र, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती, देखें वीडियो

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पटना, 29 जुलाई। Bihar :
कृषि एवं इससे जुड़े अन्य कार्यों को बढ़ावा देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सबल बनाने के लिए बिहार सरकार 5 डेयरी संयंत्र स्थापित करने जा रही है। ये संयंत्र दरभंगा, वजीरगंज (गया), गोपालगंज, डेयरी ऑन सोन (रोहतास) और सीतामढ़ी में स्थापित होंगे। इसमें दरभंगा एवं वजीरगंज (गया) में दो-दो लाख लीटर प्रतिदिन के अलावा गोपालगंज में 1 लाख लीटर दूध प्रतिदिन का प्रसंस्करण तथा डेयरी ऑन सोन (रोहतास) एवं सीतामढ़ी में 30-30 मिट्रिक टन प्रतिदिन दूग्ध पॉवडर का उत्पादन होगा।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को आयोजित मंत्रिमंडल की बैठक में यह निर्णय लिया गया। मंत्रिमंडल की बैठक में 41 एजेंडों पर मुहर लगी। इसमें लिए गए तमाम निर्णयों की जानकारी मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. एस सिद्धार्थ ने सूचना भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में दी। उन्होंने कहा कि सभी डेयरी प्लांट सिडबी क्लस्टर विकास निधि (एससीडीएफ) के अंतर्गत स्थापित किए जा रहे हैं।

जीर्णोद्धार के लिए 546 करोड़ रुपये की मंजूरी

डॉ. सिद्धार्थ ने कहा कि राज्य के प्रारंभिक और माध्यमिक या उच्चतर माध्यमिक स्कूलों के जीर्णोद्धार के लिए 546 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। इसमें प्रारंभिक विद्यालयों के जीर्णोद्धार कार्य कराने की योजना है। इसमें 67 हजार 500 वर्ग कक्ष एवं अन्य कमरों में विद्युतीकरण के लिए प्रति कमरा 40 हजार रुपये की दर से योजना मद से 270 करोड़ रुपये व्यय का प्रावधान किया गया है। इसे वित्तीय वर्ष 2026-2 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। इसी तरह माध्यमिक या उच्चतर माध्यमिक स्कूलों में इन कार्यों को कराने के लिए 276 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इससे स्कूलों में नामांकन छात्रों को आधारभूत संरचना उपलब्ध हो सकेगा।

सफाई कर्मचारी आयोग के गठन को मंजूरी

कैबिनेट ने राज्य में पहली बार बिहार राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के गठन की मंजूरी दी। इससे सफाई कार्य में जुड़े समाज के वंचित वर्गों के लोगों को मुख्य धारा में जोड़ने एवं उनके सामाजिक एवं आर्थिक विकास के साथ ही उनके अधिकारों एवं हितों की सुरक्षा के लिए यह आयोग कार्य करेगा। यह आयोग इन कर्मियों के कल्याण, पुनर्वास, सामाजिक उत्थान और निगरानी का काम भी करेगा। इसके अलावा बिहार युवा आयोग में 6 पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई है।

अपर मुख्य सचिव ने कहा कि मुख्यमंत्री की प्रगति यात्रा में की गई घोषणा से संबंधित कैमूर जिला में भूजल की किल्लत झेल रहे अधौरा प्रखंड की पहाड़ी और दुर्गम इलाकों की 7 पंचायतों के 41 वार्डों में पेयजल की पूर्ति की व्यवस्था की गई है। इसके तहत सोन नदी के तट पर नलकूप के माध्यम से भूजल के उपयोग से 7.85 एमएलडी क्षमता की बहुग्रामीण जलापूर्ति योजना के निर्माण के साथ ही 7 वर्षों तक रख-रखाव के लिए 293 करोड़ 94 लाख रुपये जारी किए गए हैं।

पटना में लोहिया पथ चक्र के लिए 675 करोड़ रुपये

राजधानी पटना में नेहरू पथ पर लोहिया पथ चक्र के निर्माण के लिए 675 करोड़ 50 लाख 70 हजार रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। इससे ट्रैफिक जाम की समस्या का समाधान हो सकेगा। इसके अलावा केंद्रीय सड़क निधि के तहत सारण जिला में छपरा के गांधी चौक से नगरपालिका चौक तक फ्लाईओवर के निर्माण के लिए 696 करोड़ 26 लाख 71 हजार करोड़ रुपये व्यय की अनुमति दी गई है। इससे छपरा शहर को जाम से काफी राहत मिलेगी। वहीं, पटना में (एनएच-98) एम्स से दीघा रेल सह सड़क पुल के पटना छोर तक दो लेन सड़क और 4 लेन एलिवेटेड लेन के साथ ही दीघा रेल सह सड़क पुल से अशोक राजपथ तक अतिरिक्त संपर्कता प्रदान करने के लिए 1368 करोड़ 46 लाख रुपये की लागत से सड़क निर्माण की स्वीकृति दी गई है।

पुनौराधाम मंदिर की जमीन अधिग्रहण के लिए राशि जारी

राज्य सरकार ने मंत्रिपरिषद की बैठक में सीतामढ़ी जिला के पुनौराधाम मंदिर के लिए 50.50 एकड़ भूमि अधिग्रहण के लिए 165 करोड़ 57 लाख 16 हजार रुपये की स्वीकृति दी गई है। यहां कई जरूरी आधारभूत सुविधाओं का विकास किया जाएगा।

मंत्रिपरिषद में लिए गए अन्य अहम फैसले
  • मोटरयान अधिनियम 1988 के नियमों में संशोधन की स्वीकृति दी गई है। इसके तहत सड़क दुर्घटना में पीड़ित व्यक्ति अपने दुर्घटना क्षेत्र में कोई मुकदमा दायर करता है तो इसके लिए कोई शुल्क नहीं लगेगा।
  • अररिया जिला के रानीगंज और भरगामा अंचल में निबंधन कार्यालय खोला गया है। अब इन अंचल के लोगों को 24 से 28 किमी दूर फारबिसगंज नहीं जाना पड़ेगा।
  • सुपौल जिला में भू-जल स्तर में गिरावट और लौह प्रभावित छातापुर प्रखंड की 23 पंचायतों के 63 गांवों की 318 वार्डों में शुद्ध पेयजल मुहैया कराने के लिए 320 करोड़ 10 लाख रुपये जारी किए गए हैं।
  • राज्य की 1 लाख 15 हजार 9 आंगनबाड़ी केंद्रों पर बर्तन, फर्नीचर समेत अन्य उपस्कर के लिए 115 करोड़ 90 हजार रुपये जारी किए गए हैं।
  • वित्तीय वर्ष 2025-26 मे 2 लाख 49 100 मिट्रीक टन क्षमता के लिए 200, 500 और 1 हजार मिट्रिक टन क्षमता के गोदाम बनवाने के लिए समितियों को 50 फीसदी अनुदान और 50 फीसदी राशि कार्य संपन्न कराने की व्यवस्था की गई है। इसके लिए 180 करोड़ 19 लाख 77 हजार रुपये का प्रावधान किया गया है।
  • राजगीर स्थित राज्य खेल अकादमी सह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में विद्युतीकरण समेत अन्य कार्य के लिए 1100 करोड़ रुपये दिए गए हैं।
  • बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावली के तहत पूर्णिया के मरंगा में लीड बैट्री उत्पादन इकाई की स्थापना के लिए निजी कंपनी मेसर्स मिजुकी पॉवर प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के निवेश की मंजूरी दी गई है। साथ ही 36 करोड़ 1 लाख रुपये के निजी निवेश की स्वीकृति दी गई है। इससे 200 लोगों को रोजगार मिलेगा।
पत्रकार सम्मान पेंशन योजना की राशि बढ़ी

बिहार पत्रकार सम्मान पेंशन योजना नियमावली-2019 में संशोधन किया गया है। पेंशन की राशि को 6 हजार रुपये मासिक से बढ़ाकर 15 हजार रुपये प्रतिमाह कर दी गई है। इसी तरह लाभुक की मृत्यु के बाद उनके आश्रित पति या पत्नी को जीवनपर्यन्त प्रति महीने 3 हजार रुपये की राशि पेंशन के तौर पर देने की योजना में संशोधन करते हुए इसे 10 हजार रुपये प्रति माह कर दी गई है। यह लाभ उन्हें दिया जाएगा, जो किसी मीडिया संस्थान या सरकार सेवा में कार्यरत नहीं हो।

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