नई दिल्ली। Khemka murder case : बिहार की राजधानी पटना में मशहूर उद्योगपति गोपाल खेमका की हत्या को लेकर नीतीश सरकार सवालों के घेरे में आ गई है। सीपीआई (एमएल) के नेता सुदामा प्रसाद ने कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि बिहार अपराधियों के चंगुल में फंस गया है।
सुदामा प्रसाद ने कहा कि दिसंबर 2018 में गोपाल खेमका के बेटे की हत्या हुई थी। उन्होंने बिहार में हाल के दिनों में हुई आपराधिक घटनाओं को लेकर तंज कसते हुए कहा कि राज्य में कानून का राज नहीं है। यहां अपराधी राज कर रहे हैं और आए दिन व्यापारियों को गोलियों से भूना जा रहा है। व्यापारियों में डर का माहौल है।
उन्होंने बिहार में हुई कुछ घटनाओं को लेकर कहा कि नवगछिया में किराना व्यापारी विनय गुप्ता की गोली मारकर हत्या हुई। बेगूसराय में एक व्यापारी की हत्या हुई। वैशाली जिले में 19 जून को अपराधियों ने दुकान में घुसकर 90 हजार रुपये लूटे और एक दुकानदार की हत्या कर दी। हाजीपुर और छपरा में व्यापारियों की हत्या की गई। उन्होंने कहा कि पटना में नेता प्रतिपक्ष के आवास के बाहर गोली चलाई गई। जब पटना में अपराधी मोटरसाइकिल पर सवार होकर खुलेआम फायरिंग कर सकते हैं, वीडियो बना सकते हैं और उसे वायरल कर सकते हैं तो आप बिहार की स्थिति समझ सकते हैं। इसलिए, हम गोपाल खेमका की हत्या की निंदा करते हैं।
खेमका के परिजनों के लिए सुरक्षा की मांग
Khemka murder case : सुदामा प्रसाद ने भाजपा और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से सवाल पूछा कि जहां विपक्षी दलों की सरकार है, वहां अगर इस तरह की घटना हो जाए तो भाजपा के नेता हमलावर हो जाते हैं। भाजपा की टीम बंगाल और तमिलनाडु तो जाती है। लेकिन, बिहार में बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर टीम को नहीं भेजा जाता है। सवाल यह है कि बिहार की कानून-व्यवस्था को लेकर भाजपा की कोई टीम क्यों नहीं जा रही है। उन्होंने गोपाल खेमका के परिजनों के लिए सुरक्षा की मांग की।
कारोबार में मंदी को लेकर चर्चा की जाएगी
Khemka murder case : उन्होंने केंद्र सरकार से इस मामले में चुप्पी तोड़ने की अपील की। उन्होंने बताया कि सीपीआई (एमएल) व्यवसायी सुरक्षा आयोग के गठन की मांग को लेकर 13 जुलाई को पटना के रविंद्र भवन में सम्मेलन करेगी, जिसमें बिहार के सभी इलाकों से व्यापारी शामिल होंगे। सम्मेलन में सुरक्षा के अलावा कारोबार में आई मंदी को लेकर चर्चा की जाएगी।







