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Diet Nursarai : डायट नूरसराय यौन उत्पीड़न कांड में कोई एक्शन नहीं, कांग्रेस ने दी आंदोलन की चेतावनी

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संवाददाता, नालंदा। Diet Nursarai : नालंदा जिले के डायट नूरसराय में यौन उत्पीड़न का मामला फिर से गरमा गया है। दरअसल, संस्थान के पुरुष छात्रावास के वार्डन राहुल कुमार के विरुद्ध वहां के संविदा कर्मचारियों द्वारा विगत 19 मई 2025 को यौन शोषण का लिखित शिकायत के बावजूद शिक्षा विभाग द्वारा अब तक कोई एक्शन नहीं लिया गया है। इस घटना पर भी विभाग रूटीन रवैया अख्तियार करते हुए दोषी प्राध्यापकों का मनोबल बढ़ा रहा है।

9 जून को दिया गया था ज्ञापन

Diet Nursarai : विदित हो कि इस घटना की जानकारी मिलने पर बिहार कांग्रेस का अति पिछड़ा विभाग और अखिल भारतीय अति पिछड़ा अधिकार मंच के द्वारा साझा संज्ञान लेते हुए तत्कालीन निदेशक, एस सी ई आर टी के समक्ष 9 जून 25 को ज्ञापन देकर अवगत कराया गया। घटना की संवेदनशीलता देखते हुए इसी दिन तीन सदस्यीय जांच कमिटी का गठन किया गया, जो 10 जून को संस्थान में जाकर स्थलीय जांच किया। संयुक्त जांच कमिटी की रिपोर्ट में भी आरोपी वार्डन राहुल कुमार पर लगे आरोपों को प्रमाणित पाया गया है तथा प्रभारी प्राचार्य फरहत जहां को संस्थान में दो वर्षों से चल रहे इस कांड, महिला छात्रावास में पुरुष के अवैध आवासन एवं संस्थान संचालन में अदूरदर्शिता एवं अराजकता का दोषी पाया है।

पुलिस तक को नहीं सौंपा गया मामला

Diet Nursarai : बिहार कांग्रेस का अति पिछड़ा विभाग के चेयरमैन शशि भूषण पंडित व कुमार विंदेश्वर सिंह ने बताया कि रिपोर्ट में महिला छात्रावास वार्डन अर्चना यादव के द्वारा राहुल कुमार के संबंध में यौन उत्पीड़न की शिकायतों के बारे में जानकारी होने परंतु चुप रहने की बात अंकित है। यह चुप्पी दर्जनों कर्मियों के साथ यौन अपराध को अंजाम दिया है। विभाग में 13 जून 2025 को ही रिपोर्ट समर्पित करने के बावजूद 15 दिनों बाद भी कोई परिणाम सामने नहीं है। दोषी वार्डन एवं प्रभारी को संस्थान को कलंकित करने के लिए अविलंब हटाना चाहिए, जो नहीं किया गया है और न ही मामले को पुलिस को सौंपा गया। वर्तमान निदेशक को इससे फर्क ही नहीं पड़ता कि मुख्यमंत्री के घर के पास संस्थान में घिनौना कृत्य पर कुछ कारवाई करें।

आंदोलन की चेतावनी

Diet Nursarai : बिहार कांग्रेस अति पिछड़ा विभाग एवं अति पिछड़ा अधिकार मंच ने शिक्षा विभाग के इस लचर कार्य शैली पर रोष व्यक्त किया है और आगाह किया है कि इस सप्ताह यदि घटना के जिम्मेवार प्रभारी, पुरुष छात्रावास वार्डन, महिला छात्रावास वार्डन के विरुद्ध कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने की दशा में विभाग एवं संस्थान के सम्मुख प्रदर्शन करेगा, जिसकी सारी जिम्मेवारी सरकार की होगी।

क्या कहती है जांच रिपोर्ट

Diet Nursarai : एससीईआरटी के तत्कालीन निदेशक सज्जन आर के द्वारा बिहार कांग्रेस अति पिछड़ा विभाग एवं अति पिछड़ा अधिकार मंच के ज्ञापन के आलोक में निदेशक द्वारा गठित तीन सदस्यीय जांच समिति में सुषमा कुमारी, संयुक्त निदेशक, राज कुमार जिला शिक्षा पदाधिकारी, नालंदा और स्नेहाशीष दास, व्याख्याता, एस सी ई आर टी मेंबर थे। इनके द्वारा 10 जून 2025 को डायट नूरसराय में जाकर स्थलीय जांच किया गया। मूलरूप से निम्न बाते सामने आईं।

  • वार्डन राहुल कुमार कुमार के विरुद्ध यौन शोषण, रात में छात्रावास के रुम में जाकर गलत हरकत करने, गार्ड रुम में जाकर लोगों के साथ गलत हरकत करने के आरोप प्रमाणित पाए गए।
  • महिला छात्रावास में पुरुषों के अवैध रूप से रहने की बात को चिन्हित किया गया है।
  • महिला छात्रावास वार्डन अर्चना यादव के संज्ञान में राहुल कुमार को हरकते पहले से थे। परन्तु उनका कहना था कि वो जानकर भी चुप रहीं।
  • प्रभारी प्राचार्य फरहत जहां की मंजूरी से महिला छात्रावास में पुरुष रह रहे थे। ये शमनाक घटना भी वर्षों से चल रही थी। उनके द्वारा इन बातों और पर्दा डाला जाना उनकी प्रशासनिक अक्षमता और अदूरदर्शिता का परिचायक माना गया।
  • संस्थान में मटन पार्टी और शराब पीने की घटनाएं प्रमाणित नहीं की जा सकीं।
  • प्रभारी प्राचार्य एवं अर्चना यादव महिला छात्रावास वार्डन संस्थान में नहीं रहती हैं। इस बात को जांच रिपोर्ट में छुपा लिया गया।

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