पटना। bihar news : जनसुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने सोमवार को बिहार में हुए जातीय जनगणना को लेकर सरकार से श्वेत पत्र जारी करने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार ने 94 लाख परिवारों को रोजगार के लिए दो लाख रुपये की सहायता देने की घोषणा की थी, लेकिन अब तक नहीं दी गई है।
नीतीश कुमार ने पांच बड़ी घोषणाएं की थीं
प्रशांत किशोर ने बिहार की राजधानी पटना में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि किसी भी दल का जाति जनगणना करने का उद्देश्य समाज का विकास करना नहीं बल्कि सिर्फ अपनी राजनीति के लिए जातिगत उन्माद पैदा करना है। जाति जनगणना के आंकड़े पिछले साल 7 नवंबर को विधानसभा के पटल पर रखे गए और सीएम नीतीश कुमार ने 22 नवंबर को विधानसभा में पांच बड़ी घोषणाएं की थीं।
आरक्षण की सीमा नहीं बढ़ाई
प्रशांत किशोर ने कहा कि नीतीश कुमार ने आरक्षण की सीमा बढ़ाने की घोषणा की थी। लेकिन, केंद्र और राज्य में उनकी सरकार रहने के बावजूद आरक्षण की सीमा नहीं बढ़ाई गई। इसी तरह 94 लाख परिवारों को रोजगार के लिए दो लाख रुपये की सहायता देने की घोषणा के बाद भी किसी एक परिवार को एक रुपया भी नहीं दिया गया है।
उन्होंने कहा कि 40 लाख बेघरों को घर के लिए 1.20 लाख रुपये आर्थिक सहायता देने की घोषणा भी की गई थी। सरकार को जवाब देना चाहिए कि अब तक किसे कितनी सहायता दी गई है। सरकार जातीय जनगणना पर श्वेत पत्र जारी करे।
नीतीश सरकार से किया सवाल
उन्होंने नीतीश सरकार से सवाल किया कि 2006 में महादलित विकास मिशन की शुरुआत की गई थी और घोषणा की गई थी कि भूमिहीन दलित परिवारों को तीन डिसमिल जमीन दी जाएगी। लेकिन, 2025 तक सिर्फ 2.34 लाख परिवारों को ही जमीन दी गई है।
भूमि सर्वेक्षण के नाम पर हर घर में लड़ाई
प्रशांत किशोर ने भूमि सर्वेक्षण पर कहा कि 2013 में भूमि सर्वेक्षण शुरू हुआ था, लेकिन फरवरी 2025 तक सिर्फ 17.30 लाख जमीन का ही डिजिटलीकरण हो पाया है, जो कुल जमीन का सिर्फ 20 फीसदी है। बिहार के बाद भूमि सर्वेक्षण शुरू करने वाले आंध्र प्रदेश ने अब तक 80 फीसदी जमीन का डिजिटलीकरण कर लिया है। बिहार में भूमि सर्वेक्षण के नाम पर हर घर में लड़ाई हो रही है। इन सभी मुद्दों को लेकर जनसुराज 11 मई से 40 हजार गांवों में बैठक करेगा और हस्ताक्षर अभियान चलाएगा। 11 जुलाई को एक करोड़ लोगों के हस्ताक्षर के साथ मुख्यमंत्री और राज्यपाल को ज्ञापन दिया जाएगा। -आईएएनएस
Author: ohm verma
Om Verma (ohm verma) is a graduate from Motilal Nehru College of Delhi University. He has done Journalism and Mass Communication from Kurukshetra University. He has worked in Hari Bhoomi newspaper published from Haryana. After this, he worked for Dainik Jagran as Chief Sub Editor for a long time. He held many important roles in the Noida office. During this time, he participated in debates on many national TV channels.







