वाशिंगटन, 5 दिसंबर। Work Permit Cut : अमेरिका ने अपने इमिग्रेशन सिस्टम में एक बड़ा और अहम बदलाव करते हुए वर्क परमिट यानी एम्प्लॉयमेंट ऑथराइजेशन डॉक्यूमेंट (EAD) की अधिकतम वैधता अवधि को कम करने का फैसला किया है। यूएस सिटीजनशिप एंड इमिग्रेशन सर्विसेज (USCIS) की ओर से जारी नई नीति के अनुसार अब कई श्रेणियों के तहत मिलने वाला वर्क परमिट पहले की तुलना में काफी कम समय के लिए वैध होगा। इसका सीधा असर हजारों भारतीय पेशेवरों, कामकाजी वीजा धारकों और उनके परिवारों पर पड़ेगा।
यूएससीआइएस का कहना है कि यह फैसला राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने और अमेरिका में रहने वाले विदेशी नागरिकों की और अधिक गहन जांच के उद्देश्य से लिया गया है। नई नीति के तहत अब अमेरिका में काम करने की अनुमति मांगने वाले लोगों की पहले से ज्यादा बार और सख्ती से जांच की जाएगी, ताकि किसी भी तरह की धोखाधड़ी, फर्जीवाड़े या संभावित खतरे की पहचान समय रहते की जा सके।
सुरक्षा कारणों का दिया गया हवाला
Work Permit Cut : यूएससीआइएस के डायरेक्टर जोसेफ एडलो ने इस फैसले को सार्वजनिक सुरक्षा से जोड़ते हुए कहा कि वर्क परमिट की अवधि कम करने से यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि अमेरिका में काम करने वाले विदेशी नागरिक किसी भी तरह से देश की सुरक्षा के लिए खतरा न बनें। उन्होंने हाल ही में वॉशिंगटन में हुई एक घटना का भी जिक्र किया, जिसमें नेशनल गार्ड के सैनिकों पर हमला किया गया था। उनके अनुसार, उस व्यक्ति को पिछले प्रशासन के दौरान अमेरिका में प्रवेश की अनुमति मिल गई थी। इस घटना के बाद सरकार अधिक सतर्क हो गई है और इसी वजह से विदेशी नागरिकों की बार-बार जांच को जरूरी माना जा रहा है।
भारतीयों पर क्यों होगा सबसे ज्यादा असर?
Work Permit Cut : यह बदलाव उन कई कैटेगरी पर लागू होगा, जिनका उपयोग बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक करते हैं। इनमें मुख्य रूप से रोजगार-आधारित ग्रीन कार्ड के आवेदक, शरणार्थी, आश्रय मांगने वाले और H-1B वर्क वीजा पर काम करने वाले लोग शामिल हैं। अमेरिका में भारतीय प्रवासी समुदाय सबसे बड़ा रोजगार-आधारित वीजा लाभार्थी माना जाता है, इसलिए इस नए नियम का सबसे अधिक असर भी इसी समुदाय पर पड़ने की आशंका है।
अब तक शरणार्थियों, आश्रय की मांग कर रहे लोगों, हटाने की प्रक्रिया से राहत पाने वालों और आइएनए की धारा 245 के तहत ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन करने वालों को जो ईएडी दिया जाता था, वह 5 साल तक के लिए मान्य होता था। लेकिन नई नीति के अनुसार अब यही वर्क परमिट केवल 18 महीने (डेढ़ साल) के लिए जारी किया जाएगा।
नए नियम की लागू होने की तारीख
Work Permit Cut : यूएससीआइएस द्वारा जारी पॉलिसी अलर्ट के अनुसार, यह नया नियम 5 दिसंबर 2025 को या उसके बाद दाखिल या लंबित सभी आवेदनों पर लागू होगा। यानी जो लोग इस तारीख के बाद अपना आवेदन करेंगे या जिनका आवेदन उस समय तक पेंडिंग रहेगा, उन्हें पहले की तुलना में कम अवधि के लिए ही वर्क परमिट मिलेगा।
लंबी ग्रीन कार्ड प्रतीक्षा झेल रहे भारतीयों की बढ़ेगी परेशानी
भारतीय नागरिक पहले से ही अमेरिका में ग्रीन कार्ड के लिए वर्षों लंबी प्रतीक्षा का सामना कर रहे हैं। ऐसे में यह नया बदलाव उनके लिए एक नई चिंता बनकर सामने आया है। बहुत से भारतीय पेशेवर और उनके परिवार लंबे समय तक अमेरिका में रहकर काम करते रहते हैं और इसके लिए वे लंबी अवधि वाले EAD और एडवांस पैरोल दस्तावेजों पर निर्भर होते हैं।
Work Permit Cut : अब वर्क परमिट की अवधि कम होने के कारण उन्हें बार-बार नवीनीकरण कराना पड़ेगा, जिससे न सिर्फ मानसिक तनाव बढ़ेगा, बल्कि कानूनी प्रक्रिया, खर्च और अनिश्चितता भी और अधिक बढ़ सकती है।
सुरक्षा के लिहाज से बता रहे जरूरी
अमेरिका का यह फैसला सुरक्षा के लिहाज से भले ही जरूरी बताया जा रहा हो, लेकिन इसका सबसे बड़ा असर भारतीय पेशेवरों और उनके परिवारों पर पड़ना तय माना जा रहा है। आने वाले समय में लाखों भारतीयों को अपनी नौकरी, वीजा स्थिति और भविष्य की योजनाओं को लेकर नई चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।







