पटना, 30 अगस्त। voters : बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारियां जोर पकड़ चुकी हैं। इस बीच विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) के तहत मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर आपत्तियां देखने को मिली हैं।
निर्वाचन आयोग के अनुसार अब तक 2,27,636 मतदाताओं ने ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में प्रविष्टियों पर आपत्तियां और दावे दर्ज किए हैं। इनमें से 29,872 आवेदन नए नाम जोड़ने के लिए और 1,97,764 आवेदन मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए दिए गए हैं। आयोग ने पिछले 7 दिनों में 33,771 आवेदन निपटाए हैं।
नए मतदाताओं ने दिखाया उत्साह
voters : इस प्रक्रिया में सबसे उत्साहजनक संकेत पहली बार वोट देने वाले मतदाताओं से मिल रहे हैं। अगस्त महीने में ही 13,33,793 युवाओं ने फॉर्म-6 के तहत अपने नाम मतदाता सूची में जोड़ने के लिए आवेदन किया है।
चुनाव आयोग के एक अधिकारी के अनुसार यह संख्या यह दर्शाती है कि युवाओं में लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेने की गहरी रुचि है। अगर सभी आवेदन मंजूर होते हैं तो इस साल 13 लाख नए नाम मतदाता सूची में जोड़े जाएंगे। आयोग ने यह भी बताया कि पिछले 7 दिनों में इससे जुड़े 61,248 आवेदन निपटाए गए हैं।
बीएलए का महत्वपूर्ण योगदान
voters : आयोग की रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त बूथ लेवल एजेंट्स (बीएलए) का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है। राज्य में 12 राजनीतिक दलों के 1,60,813 बीएलए सक्रिय रूप से मतदाताओं की सहायता कर रहे हैं। इनमें से सीपीआइ (एमएल) के बीएलए ने सर्वाधिक 118 दावे और आपत्तियां दाखिल कीं, जबकि आरजेडी के एजेंटों ने शनिवार तक 10 फॉर्म सबमिट किए।
आपत्तियों से आयोग को मिली मदद
voters : सीपीआइ (एमएल) द्वारा दाखिल किए गए 118 दावों और आपत्तियों में 15 आवेदन नए नाम जोड़ने के लिए और 103 आवेदन सूची से नाम हटाने के लिए थे। अधिकारियों ने कहा कि राजनीतिक दलों, मतदाताओं और आयोग के प्रयासों से इस पुनरीक्षण प्रक्रिया को पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने में मदद मिल रही है।
इससे पहले एसआइआर अभियान के तहत 65 लाख से अधिक नामों को सूची से हटा दिया गया था, जिनमें अवैध या डुप्लिकेट प्रविष्टियां शामिल थीं। दावे और आपत्तियां दर्ज करने की अंतिम तिथि 31 अगस्त है।







