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Two Wheeler ABS : अब हर ब्रेक बनेगा सुरक्षा की गारंटी, जनवरी 2026 से दो-पहिया वाहनों का नया सुरक्षा कवच

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Two Wheeler ABS Mandatory from Jan 1, 2026: New Road Safety Rule

ओम वर्मा, नई दिल्ली। Two Wheeler ABS : यदि आप भी इस समय दोपहिया वाहन लेने के बारे में सोच रहे हैं तो जरा रूक जाइए। 1 जनवरी से केंद्र सरकार का नया कानून लागू होने वाला है। केंद्र सरकार ने सड़क सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से एक अहम फैसला लिया है। 1 जनवरी 2026 से भारत में बने हर नए दो-पहिया वाहन (मोटरसाइकिल, स्कूटर, इलेक्ट्रिक-स्कूटर व अन्य) में एंटी-लॉक ब्रेकिंग सिस्टम (ABS) को अनिवार्य किया जाएगा। इस एलान के साथ अब दोपहिया वाहनों की ब्रेक दक्षता और सवारियों की सुरक्षा में बुनियादी बदलाव आने की उम्मीद है।

क्या है नया नियम

Two Wheeler ABS : मंत्रालय द्वारा जारी ड्राफ्ट के मुताबिक 1 जनवरी 2026 से उत्पादित सभी दो-पहिया वाहनों को ABS से लैस होना अनिवार्य होगा — चाहे उनकी इंजन क्षमता कुछ भी हो।

अब तक ABS नियम केवल 125 cc से ऊपर की मोटरसाइकिलों पर लागू था, लेकिन यह कदम 125 cc या उससे कम क्षमता वाली कम्यूटर बाइक्स तक सुरक्षा विस्तार करना चाहता है।

साथ ही, सरकार ने यह भी प्रस्ताव रखा है कि नए वाहन बेचते समय दो प्रमाणित हेलमेट (राइडर व पिलियन दोनों के लिए) देना अनिवार्य रहेगा।

ABS अनिवार्यता से मिलने वाले प्रमुख फायदे
दुर्घटनाओं में कमी

ABS की मदद से अचानक ब्रेक लगाने पर पहिए लॉक नहीं होते। वाहन फिसलता नहीं, नियंत्रण बना रहता है, और फिसलन या टकराव की संभावना कम हो जाती है। विशेषज्ञों के अनुसार, इससे दुर्घटनाओं की दर 30–40 % तक घट सकती है।

सुरक्षित ब्रेकिंग, भीड़-भाड़ व बारिश में भी

गर्मी, बारिश, गीली सड़क या अचानक ब्रेक ज़रूरत पड़ जाने पर ABS के कारण ब्रेकिंग अधिक नियंत्रित रहती है। यह युवाओं, सवार व लम्बी दूरी तय करने वालों के लिए विशेष राहत है।

हर वर्ग के लिए समान सुरक्षा

अब केवल अधिक पावर वाली मोटरसाइकिलें ही नहीं, बल्कि सस्ते 100–110 cc स्कूटर/बाइक भी सुरक्षित बनेंगी। इससे सड़क-सुरक्षा में असमानता/वर्गीय भेद कम होगा।

सुरक्षा और नियमों का पालन

Two Wheeler ABS : सरकार का यह कदम यह संदेश देता है कि अब जिम्मेदारी, सुरक्षा और नियमों का पालन प्राथमिकता है। यह दो-पहिया उपयोगकर्ताओं के लिए एक नया वाहन-संस्कृति (Safety Culture) ले कर आएगा।

भविष्य-उन्मुख टेक्नोलॉजी व बाज़ार वृद्धि

ABS अनिवार्यता से ऑटो इंडस्ट्री में तकनीकी सुधार व मानक बढ़ेंगे। वाहन निर्माता, स्पेयर-पार्ट्स उद्योग, मेंटेनेंस सर्विसेस — सबको नए अवसर मिलेंगे।

क्या हो सकता है असर
  • कुछ कम-मूल्य वाहनों (entry-level scooters/bikes) की कीमत में 3,000–5,000 रुपये तक वृद्धि हो सकती है।
  • स्पेयर-पार्ट्स व मेंटेनेंस नेटवर्क को भी ABS-सक्षम बनाना होगा। इससे शुरुआती समय में मेंटेनेंस लागत व उपलब्‍धता पर असर हो सकता है।
  • आम राइडर्स को ABS व हेलमेट के महत्त्व व उपयोग के प्रति जागरूक करना होगा। तभी नया नियम सार्थक बनेगा।
राइडर, निर्माता और सड़क-सुरक्षा के लिए सुझाव
  • अगर आप नया बाइक/स्कूटर लेने जा रहे हैं — ABS चेक करें, हेलमैट लें।
  • पुराने वाहनों के मालिक — धीरे-धीरे सुरक्षित वाहन या ABS-सक्षम वेरिएंट की ओर ध्यान दें।
  • निर्माता कंपनियाँ — ABS के साथ क्वालिटी और सेवा की तैयारी पहले से करें, ग्राहकों को सुरक्षित विकल्प दें।
  • सरकार व सड़क-सुरक्षा संस्था — जागरूकता अभियान, प्रशिक्षण, सड़कों व ट्रैफिक नियमों पर कड़ाई बनाए रखें।
सुरक्षित दोपहिया, सड़क पर सुरक्षा

Two Wheeler ABS : 1 जनवरी 2026 से ABS को हर दोपहिया पर अनिवार्य बनाना भारत की सड़क-सुरक्षा में एक मील का पत्थर साबित हो सकता है। यह बदलाव सिर्फ वाहन-निर्माण का नहीं, बल्कि जीवन की सुरक्षा, जिम्मेदारी और आधुनिक सोच को प्राथमिकता देने का कदम है।

अगर निर्माता, राइडर और सरकार — तीनों मिलकर इसे सफल बनाते हैं तो आने वाले समय में हम सड़क दुर्घटनाओं, हादसों और जान-माल के नुकसान में बड़ी कमी देख सकते हैं। अब हर राइड — सुरक्षित, संतुलित और भरोसेमंद हो जाएगा।

ohm verma
Author: ohm verma

Om Verma (ohm verma) is a graduate from Motilal Nehru College of Delhi University. He has done Journalism and Mass Communication from Kurukshetra University. He has worked in Hari Bhoomi newspaper published from Haryana. After this, he worked for Dainik Jagran as Chief Sub Editor for a long time. He held many important roles in the Noida office. During this time, he participated in debates on many national TV channels.

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