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SIR Notice Error : एसआइआर में बीएलओ ने पत्नी को थमाया सुनवाई का नोटिस

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SIR Notice Error: Booth Officer Sends Hearing Notice to His Own Wife in West Bengal

SIR Notice Error : पत्नी बनी “नोटिसधारी”, अधिकारी रह गए हैरान

कोलकाता, 15 जनवरी। SIR Notice Error : पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान चौंकाने वाला मामला सामने आया है। पूर्वी बर्दवान के केतुग्राम के बाद अब हुगली जिले में एक बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) को अपनी ही पत्नी को सुनवाई का नोटिस भेजना पड़ा है।

हुगली के तारकेश्वर से सामने आई नई मिसाल

SIR Notice Error : हुगली जिले के तारकेश्वर नगरपालिका वार्ड नंबर-1 निवासी राजशेखर मजूमदार, तारकेश्वर विधानसभा क्षेत्र के बूथ नंबर 248 में बीएलओ के रूप में तैनात हैं। गुरुवार को उन्होंने एसआइआर सुनवाई का नोटिस अपनी पत्नी सुस्मिता मजूमदार के नाम जारी किया।

दादा के नाम से जुड़ा वोटर रिकॉर्ड बना वजह

SIR Notice Error : जानकारी के अनुसार, सुस्मिता के पिता सुब्रत चटर्जी भारतीय सेना में कार्यरत थे और उनका नाम वर्ष 2002 की मतदाता सूची में दर्ज नहीं था। वहीं, उनके दादा भूपेंद्र चटर्जी का नाम उस समय की मतदाता सूची में मौजूद था। इसी कारण सुस्मिता ने एसआइआर फॉर्म में अपना नाम दादा के साथ जोड़ दिया।

उम्र के अंतर ने खड़ा किया सवाल

SIR Notice Error :  सुनवाई नोटिस में यह तर्क दिया गया कि सुस्मिता और उनके दादा के बीच उम्र का अंतर केवल 40 वर्ष है, जबकि वास्तविकता कुछ और है। वर्ष 2002 में भूपेंद्र चटर्जी की उम्र 81 वर्ष दर्ज थी और उनका निधन 2010 में 89 वर्ष की आयु में हुआ। सुस्मिता की वर्तमान उम्र 37 वर्ष है, ऐसे में दोनों के बीच उम्र का अंतर 52 वर्ष बैठता है।

तकनीकी गलती से जनता परेशान

इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए बीएलओ राजशेखर मजूमदार ने कहा कि यह पूरी तरह तकनीकी त्रुटि का नतीजा है।

उन्होंने कहा, “मतदाता सूची में सब कुछ सही होने के बावजूद मुझे अपनी पत्नी को नोटिस देना पड़ा। इससे साफ है कि आम लोग चुनाव आयोग की लापरवाही की वजह से परेशान हो रहे हैं।”

केतुग्राम में भी सामने आ चुका है ऐसा मामला

संयोग से, एक दिन पहले ही पूर्वी बर्दवान के केतुग्राम में भी ऐसा ही मामला सामने आया था। वहां प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक और बीएलओ देबशंकर चटर्जी को अपनी पत्नी को सुनवाई का नोटिस भेजना पड़ा।

नाम की वर्तनी बनी विवाद की जड़

SIR Notice Error : देबशंकर चटर्जी ने बताया कि उनके पिता पुलकेंद्र चटर्जी का नाम 2002 की मतदाता सूची में सही था, लेकिन इस बार एसआइआर के दौरान “तार्किक त्रुटि” के कारण उपनाम की वर्तनी बदल गई। इसी वजह से नोटिस जारी किया गया।

एसआइआर पर फिर उठे सवाल

लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने पश्चिम बंगाल में चल रहे एसआइआर अभियान की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। तकनीकी खामियों के चलते आम मतदाताओं और यहां तक कि खुद अधिकारियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

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