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Shambhu Girls Hostel : अदालत के आदेश के बाद पटना में खुला बहुचर्चित शंभू गर्ल्स हॉस्टल

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Shambhu Girls Hostel Reopens After Court Order in Patna Case

Shambhu Girls Hostel : बंद हॉस्टल के पीछे छूट गया था छात्राओं का सामान

पटना, 10 फरवरी। Shambhu Girls Hostel : जहानाबाद की नीट छात्रा की संदिग्ध मौत के करीब एक महीने बाद आखिरकार पटना स्थित शंभू गर्ल्स हॉस्टल का मुख्य द्वार मंगलवार को खुला। यह कार्रवाई अदालत के आदेश और पुलिस के निर्देश पर की गई।

घटना के बाद हॉस्टल को सील कर दिया गया था, जिसके चलते कई छात्राओं का निजी सामान अंदर ही रह गया। मंगलवार को पुलिस की मौजूदगी में हॉस्टल का गेट खोला गया, जिसके बाद छात्राएं अपने परिजनों के साथ सामान लेने पहुंचीं।

पुलिस निगरानी में खुला हॉस्टल गेट

Shambhu Girls Hostel : जैसे ही पुलिस वाहन हॉस्टल परिसर में पहुंचा, बाहर लोगों की भीड़ जमा हो गई। पुलिस के बुलावे पर एक नकाबपोश व्यक्ति मौके पर पहुंचा और उसने हॉस्टल का मुख्य द्वार खोला। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने छात्राओं को अंदर जाने दिया और सामान सौंपने की पूरी प्रक्रिया की निगरानी की।

परिजनों की पीड़ा, छात्राओं की आपबीती

Shambhu Girls Hostel :अरवल से अपनी बेटी के साथ आए जितेंद्र कुमार ने बताया कि उनकी बेटी पटना में पढ़ाई कर रही थी और शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रहती थी। उन्होंने कहा— “घटना के बाद सभी छात्राएं हॉस्टल छोड़कर घर लौट गई थीं। उनका सामान अंदर ही छूट गया था। आज हम पुलिस के साथ सामान लेने आए हैं।”

संदिग्ध हालात में हुई थी नीट छात्रा की मौत

यह मामला 5 और 6 जनवरी की रात का है, जब शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रहने वाली नीट की तैयारी कर रही एक छात्रा संदिग्ध हालात में बेहोश पाई गई थी। गंभीर चोटों के कारण 11 जनवरी को एक निजी अस्पताल में उसकी मौत हो गई।

आत्महत्या से हत्या तक बदली जांच की दिशा

Shambhu Girls Hostel : इस घटना से पूरे बिहार में सनसनी फैल गई। शुरुआत में पटना पुलिस और हॉस्टल प्रशासन ने इसे आत्महत्या बताया, लेकिन कमरे से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ।

जैसे-जैसे नए तथ्य सामने आए, पुलिस ने अपना रुख बदला। पहले इसे संदिग्ध मौत, फिर संभावित दुष्कर्म और हत्या के तौर पर जांचा गया। जांच में कई गंभीर खामियां और विसंगतियां सामने आईं।

न्याय की मांग को लेकर उठा जनआक्रोश

Shambhu Girls Hostel : मामले को लेकर छात्रों, नागरिक समाज संगठनों और राजनीतिक दलों ने व्यापक विरोध प्रदर्शन किए और पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग की। शंभू गर्ल्स हॉस्टल का खुलना इस मामले में एक और अहम पड़ाव माना जा रहा है, जबकि जांच अब भी जारी है।

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