वॉशिंगटन, 11 दिसंबर। Indian-American Economy : अमेरिका में बढ़ते टैरिफ, व्यापारिक तनाव और कड़े होते आव्रजन कानूनों को लेकर डेमोक्रेटिक पार्टी लगातार राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों की आलोचना कर रही है। इसी क्रम में भारतीय अमेरिकी सांसद प्रमिला जयपाल ने ट्रंप प्रशासन की नीतियों पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि बढ़ते टैरिफ के कारण लोगों की आजीविका पर सीधा खतरा मंडरा रहा है।
जयपाल ने अमेरिका में बढ़ती भारत-विरोधी नफरत पर चिंता प्रकट की और कहा कि भारतीय अमेरिकी न केवल अमेरिकी समाज का एक अभिन्न हिस्सा हैं, बल्कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था की मजबूती में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय अमेरिकी बड़े कॉर्पोरेट घरानों से लेकर स्टार्टअप तक, हर स्तर पर नवाचार और आर्थिक प्रगति में योगदान दे रहे हैं।
भारत-अमेरिका संबंधों पर जयपाल ने एक मजबूत, मूल्य-आधारित और नवाचार-केंद्रित साझेदारी की आवश्यकता पर जोर दिया।
अपनी भारतीय जड़ों पर गर्व : प्रमिला जयपाल
Indian-American Economy : प्रमिला जयपाल, जो अमेरिकी कांग्रेस में सेवा देने वाली पहली भारतीय-अमेरिकी महिला हैं, ने कहा कि उन्हें भारत में अपनी जड़ों पर बेहद गर्व है। उनका जन्म भारत में हुआ था और उनकी मां अभी भी वहीं रहती हैं। उन्होंने यह भी बताया कि वे कांग्रेस की एकमात्र सदस्य हैं जिन्हें स्टूडेंट वीजा और एच-1बी दोनों का अनुभव है।
टैरिफ बढ़ोतरी और आव्रजन नीतियों पर कड़ी प्रतिक्रिया
Indian-American Economy : जयपाल ने कहा कि कठोर आव्रजन नीतियाँ परिवारों को तोड़ रही हैं और भारत-अमेरिका के व्यापारिक रिश्तों को गहरा नुकसान पहुंचा रही हैं। उन्होंने बताया कि भारतीय अमेरिकी उद्यमी टैरिफ बढ़ने से गंभीर रूप से प्रभावित हो रहे हैं। उनके क्षेत्र की एक पांचवीं पीढ़ी की कंपनी ने उन्हें बताया कि यह टैरिफ वृद्धि उनके 120 साल पुराने व्यवसाय के लिए सबसे बड़ा खतरा है।
उन्होंने ट्रंप प्रशासन द्वारा भारतीय सामानों पर 50% तक टैरिफ लगाने पर सवाल उठाते हुए इसे आर्थिक दूरदर्शिता की कमी और रणनीतिक रूप से नुकसानदायक कदम बताया।
अमी बेरा ने भारत-अमेरिका संबंधों को बताया सदाबहार सहयोग
Indian-American Economy : कैलिफोर्निया से डेमोक्रेट और लंबे समय से सेवाएं दे रहे भारतीय-अमेरिकी सांसद अमी बेरा ने कहा कि भारत-अमेरिका संबंध दोनों पार्टियों—डेमोक्रेट और रिपब्लिकन—की साझा प्राथमिकता रहे हैं।
उन्होंने बताया कि उन्होंने हाल ही में एक द्विपक्षीय प्रस्ताव पेश किया है, जिससे यह साबित होता है कि पिछले तीन दशकों से—चाहे राष्ट्रपति क्लिंटन हों, बुश हों, ओबामा हों, ट्रंप का पहला कार्यकाल या फिर बाइडेन—अमेरिका की भारत नीति हमेशा मजबूती की दिशा में बढ़ी है। उनका कहना था कि दोनों देश सुरक्षा, शांति और स्थिरता की एक जैसी इच्छा रखते हैं।
भारत दौरे का अनुभव
अपने हालिया भारत दौरे के बारे में बेरा ने कहा कि बातचीत के दौरान भारतीय नेताओं, सैन्य अधिकारियों और व्यवसायियों में यह स्पष्ट दिखा कि भारत अमेरिका के दीर्घकालिक हितों को भली-भांति समझता है और दोनों देशों के बीच रणनीतिक तालमेल अब पहले से कहीं अधिक परिपक्व है।







