नई दिल्ली, 16 दिसंबर। National Herald Case : नेशनल हेराल्ड से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कांग्रेस नेतृत्व को बड़ी राहत मिली है। दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से दाखिल चार्जशीट पर संज्ञान लेने से इनकार कर दिया है।
इस फैसले के बाद कांग्रेस नेता सोनिया गांधी, राहुल गांधी सहित सात आरोपियों को फिलहाल राहत मिली है। हालांकि, अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि ईडी इस मामले में आगे जांच जारी रख सकती है।
ईडी ने अपनी चार्जशीट में सोनिया गांधी, राहुल गांधी, सैम पित्रोदा, सुमन दुबे, सुनील भंडारी, यंग इंडियन और डोटेक्स मर्चेंडाइज प्राइवेट लिमिटेड को आरोपित बनाया था। एजेंसी का आरोप है कि एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) की 2,000 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियों पर अवैध तरीके से कब्जा किया गया। ईडी के मुताबिक मामले में धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े सबूत मिले हैं।
कांग्रेस ने राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया था
National Herald Case : कांग्रेस ने इस पूरे मामले को राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि सरकार जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर विपक्षी नेताओं को निशाना बना रही है। वहीं ईडी का कहना है कि यह एक गंभीर आर्थिक अपराध का मामला है और जांच पूरी तरह तथ्यों व सबूतों के आधार पर की जा रही है।
इस मामले से जुड़ा एक और महत्वपूर्ण घटनाक्रम दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) द्वारा दर्ज की गई नई एफआइआर से संबंधित है। ईओडब्ल्यू ने 3 अक्टूबर को सोनिया गांधी, राहुल गांधी समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ नई एफआइआर दर्ज की थी। इसके बाद आरोपितों ने एफआइआर की प्रति उपलब्ध कराने की मांग की थी।
एफआइआर की कॉपी वाली याचिका भी खारिज
National Herald Case : राऊज एवेन्यू कोर्ट ने एफआइआर की कॉपी देने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि आरोपितों को एफआइआर की जानकारी दी जा सकती है, लेकिन उसकी प्रति नहीं दी जाएगी। इस मामले में सेशन कोर्ट ने निचली अदालत के उस आदेश को भी रद कर दिया, जिसमें एफआइआर की कॉपी देने के निर्देश दिए गए थे।
इससे पहले सोमवार को दिल्ली पुलिस की ओर से मजिस्ट्रेट कोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर राऊज एवेन्यू कोर्ट में सुनवाई टाल दी गई थी।







