'एन पी एन लाइव'

Iran Protests Crisis : सुलगते ईरान में सत्ता के समर्थन में तेहरान की सड़कों पर निकली रैलियां

SHARE:

Iran Protests Crisis: Pro-Khamenei Rally Held Amid Nationwide Unrest

Iran Protests Crisis : ईरान में रैलियों के बाद माहौल और सियासी बना

नई दिल्ली, 12 जनवरी। Iran Protests Crisis : ईरान इस समय जबरदस्त राजनीतिक और सामाजिक उथल-पुथल के दौर से गुजर रहा है। एक ओर देशभर में सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के खिलाफ जनता सड़कों पर उतरकर विरोध जता रही है, तो दूसरी ओर राजधानी तेहरान में सरकार की ताकत दिखाने के लिए समर्थन रैलियां निकाली जा रही हैं। इन रैलियों में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची की मौजूदगी ने माहौल और भी सियासी बना दिया है।

लोगों की मौजूदगी से मिलती है ताकत : अराघची

Iran Protests Crisis : सरकार समर्थक रैली को संबोधित करते हुए विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि जनता की भागीदारी से सरकार को मजबूती मिलती है। उन्होंने कहा— लोगों की मौजूदगी से हमें हिम्मत मिलती है। लोगों को मौके पर ताकतवर होना चाहिए और हम भी यहीं मौजूद हैं।

सरकार के पक्ष में उतरने वालों में मसूद पेजेशकियन भी शामिल रहे, जिन्होंने खामेनेई विरोधी प्रदर्शनों के जवाब में सरकार की ताकत दिखाने की कोशिश की।

तीसरे हफ्ते में विरोध, मौतों और गिरफ्तारियों का आंकड़ा भयावह

Iran Protests Crisis : ईरान में चल रहा जनआंदोलन अब अपने तीसरे हफ्ते में प्रवेश कर चुका है। अमेरिका स्थित ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट न्यूज एजेंसी (HRANA) के मुताबिक अब तक करीब 544 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 10 हजार से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच लगातार हो रही हिंसक झड़पों ने हालात को और गंभीर बना दिया है।

अमेरिका और इजरायल पर सीधा आरोप

Iran Protests Crisis : इन हालात के बीच विदेश मंत्री अराघची ने विरोध प्रदर्शनों को भड़काने के पीछे अमेरिका और इजरायल का हाथ होने का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि ईरान के पास इसके पुख्ता सबूत मौजूद हैं।

अराघची ने कहा— इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान जंग नहीं चाहता, लेकिन जंग के लिए पूरी तरह तैयार है। हम बातचीत के लिए भी तैयार हैं, बशर्ते वह बराबरी, सम्मान और निष्पक्षता पर आधारित हो।

विदेशी राजनयिकों से बैठक में गंभीर दावे

Iran Protests Crisis : तेहरान में विदेशी राजनयिकों के साथ एक बैठक के दौरान अराघची ने कहा कि हालिया अशांति और आतंकवादी गतिविधियों में अमेरिका और इजरायल की संलिप्तता के कई दस्तावेज ईरान के पास हैं।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इन प्रदर्शनों में घुसपैठ करने वालों को इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद का समर्थन मिला।

मोसाद पर फारसी बोलने वाले एजेंट भेजने का आरोप

Iran Protests Crisis : विदेश मंत्री ने दावा किया कि फारसी भाषा बोलने वाले मोसाद एजेंटों ने विरोध प्रदर्शनों में घुसपैठ की और हालात को और भड़काया। उनके मुताबिक यही वजह है कि हालिया हिंसा में आम नागरिकों और सुरक्षा बलों—दोनों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है।

तनाव के चौराहे पर ईरान

Iran Protests Crisis : ईरान इस वक्त ऐसे मोड़ पर खड़ा है, जहां एक तरफ सड़कों पर जनता का आक्रोश है और दूसरी ओर सत्ता अपने समर्थन का प्रदर्शन कर रही है। आने वाले दिनों में यह टकराव किस दिशा में जाएगा, इस पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं।

Leave a Comment