मुर्शिदाबाद, 7 दिसंबर। Humayun Kabir : तृणमूल कांग्रेस (TMC) से निष्कासित विधायक हुमायूं कबीर ने रविवार को कई विवादित मुद्दों पर अपनी बेबाक राय सामने रखी। उन्होंने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव, धार्मिक विवादों और बांग्लादेश से जुड़े आरोपों पर खुलकर बात की।
135 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी
हुमायूं कबीर ने स्पष्ट किया कि वे आगामी विधानसभा चुनाव में 135 सीटों पर चुनाव लड़ने की योजना बना रहे हैं। उनके अनुसार, कुछ क्षेत्रों में मुस्लिम आबादी 42% से लेकर 82% तक है। ये मुस्लिम-बहुल इलाके 90 सीटें बनाते हैं। बाकी 45 सीटों को मिलाकर कुल 135 सीटों का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने यह भी कहा कि वे दोनों बड़े दल — भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) — के खिलाफ चुनाव लड़ने को तैयार हैं, लेकिन सीटों के इंतज़ाम (एडजस्टमेंट) को पहले तय किया जाना चाहिए।
“मुझे किसी से कोई एतराज नहीं है, लेकिन एडजस्टमेंट पहले होना चाहिए,” कबीर ने कहा।
धार्मिक विवाद: बाबरी मस्जिद पुनर्निर्माण से पहले कुरान-पाठ
Humayun Kabir : कोलकाता में हाल ही में हुई गीता पाठ पर सवाल पूछे जाने पर हुमायूं कबीर ने कहा कि “गीता पाठ हो रहा है, वह बिल्कुल सही है और इसे श्रद्धा के साथ कराया जाना चाहिए।”
साथ ही उन्होंने एक ऐसा बयान भी दिया जिससे विवाद होने की संभावनाएं उत्पन्न हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि बाबरी मस्जिद की नींव रखी जा चुकी है। मस्जिद के पुनर्निर्माण के काम शुरू होने से पहले, वे मौलानाओं और हाफिजों को बुलाकर कुरान-पाठ कराने का प्रस्ताव दे रहे हैं।
Humayun Kabir : उनका कहना है कि यदि पुनर्निर्माण कार्य शुरू हो रहा है तो पहले धार्मिक अनुष्ठान होना चाहिए। यह बयान लंबे समय से धार्मिक माहौल में संवेदनशीलता बनाए रखता आया है।
बांग्लादेश से जुड़े आरोपों का खंडन
हाल ही में मीडिया में यह खबर आई थी कि हुमायूं कबीर के नाम पर बांग्लादेश से पैसे भेजे गए थे। लेकिन कबीर ने इन सभी आरोपों का खंडन किया। उन्होंने कहा— “मेरा बांग्लादेश से कोई कनेक्शन नहीं है। अगर कोई दावा करता है कि मेरे नाम पर पैसे भेजे गए हैं तो वह झूठ है। मुझे ऐसा कोई पैसा नहीं मिला।”
उन्होंने मीडिया और आरोप लगाने वालों से सत्य की जाँच और जवाबदेही की अपील की।
राज्य में बढ़ेगी राजनीतिक हलचल
हुमायूं कबीर की यह घोषणा कि वे 135 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे, और साथ ही धार्मिक—राजनीतिक भाषण और बांग्लादेश आरोपों का खंडन — पश्चिम बंगाल की राजनैतिक व सामाजिक तस्वीर को फिर से गरमाएगी। विवादित बयान, धार्मिक भावनाओं और चुनावी रणनीति के इस संगम से आने वाले दिनों में प्रदेश राजनीति में हलचल बढ़ने की संभावना है।







