नई दिल्ली, 19 अगस्त। hospitals of Delhi : दिल्ली सरकार ने मंगलवार को स्ट्रेस मैनेजमेंट को लेकर एक महत्वपूर्ण फैसला किया है। इसके तहत दिल्ली के पांच अस्पतालों में स्ट्रेस मैनेजमेंट के लिए विशेष ओपीडी (आउट पेशेंट डिपार्टमेंट) सर्विस शुरू की जाएगी।
दरअसल, स्ट्रेस मैनेजमेंट पहल के तहत आयुष (आयुर्वेद, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी) की मदद से लोगों के मानसिक तनाव को कम करने का प्रयास किया जाएगा।
अगले सप्ताह से शुरूआत
जानकारी के अनुसार इस प्रोजेक्ट को ट्रायल के तौर पर तिब्बिया कॉलेज और पांच अन्य अस्पतालों में शुरू किया जाएगा। यह पहल अगले हफ्ते से शुरू होगी।
मानसिक तनाव से राहत दिलाना लक्ष्य
hospitals of Delhi : दिल्ली सरकार का लक्ष्य यूनानी, होम्योपैथी और मेडिटेशन जैसी वैकल्पिक चिकित्सा पद्धतियों के जरिए लोगों को मानसिक तनाव से राहत दिलाना है। यह पहल उन लोगों के लिए मददगार होगी जो तनाव, चिंता और अन्य मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं।
सरकार ने यह भी फैसला किया
hospitals of Delhi : इसके अलावा दिल्ली सरकार ने मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में नर्सिंग इंटर्न्स के स्टाइपेंड को 500 रुपये से बढ़ाकर 13,150 करने का फैसला किया है।
दिल्ली सीएमओ के आधिकारिक एक्स अकाउंट पर इसकी जानकारी दी गई है। बयान में कहा गया कि मंगलवार की कैबिनेट बैठक में दिल्ली सरकार ने नर्सिंग इंटर्न्स के स्टाइपेंड को 500 से बढ़ाकर 13,150 रुपये कर दिया है। यह 26 गुना अभूतपूर्व बढ़ोतरी है। यह सिर्फ आर्थिक निर्णय नहीं, बल्कि उन नर्सिंग इंटर्न्स की निष्ठा, त्याग और सेवा का सम्मान है, जो दिल्ली की स्वास्थ्य व्यवस्था के मजबूत स्तंभ हैं। दिल्ली सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि मेहनत करने वाले हर स्वास्थ्यकर्मी को उसका हक, पहचान और सम्मान मिले।
सिंगल विंडो सिस्टम लागू करने का निर्णय
hospitals of Delhi : साथ ही, दिल्ली सरकार ने जनता की समस्याओं के समाधान को और अधिक सुगम व प्रभावी बनाने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम लागू करने का निर्णय लिया है। इसके तहत दिल्ली सरकार, दिल्ली पुलिस, डीडीए, एमसीडी, एनडीएमसी और दिल्ली कैंट बोर्ड की सेवाएं एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होंगी।
एप के जरिये सरकार तक समस्या पहुंचाएंगे लोग
hospitals of Delhi : इस महत्वाकांक्षी पहल को साकार करने के लिए कैबिनेट की बैठक में ‘दिल्ली मित्र’ एप लॉन्च करने का फैसला लिया गया। इस एप के जरिए दिल्लीवासी केवल अपने मोबाइल नंबर और ओटीपी के माध्यम से रजिस्ट्रेशन कर अपनी शिकायतें सीधे सरकार तक पहुंचा सकेंगे।







