निवेदिता झा, नई दिल्ली। Dance Brain Benefits : अक्सर माना जाता है कि डांस करना शरीर को फिट और मन को खुश रखने का जरिया है, लेकिन एक नई जापानी रिसर्च ने यह साबित कर दिया है कि डांस सिर्फ करने वालों के लिए ही नहीं, बल्कि उसे ध्यान से देखने वालों के लिए भी बेहद फायदेमंद होता है। नृत्य देखने से दिमाग में ऐसी सकारात्मक ऊर्जा पैदा होती है, जो सोचने, महसूस करने और कला को समझने की क्षमता को और बेहतर बना देती है।
यह रिसर्च यूनिवर्सिटी ऑफ टोक्यो के प्रोफेसर हिरोशी इमामिज़ु, नागोया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के एसोसिएट प्रोफेसर यू ताकागी और उनकी टीम के नेतृत्व में की गई। वैज्ञानिक यह जानना चाहते थे कि जब कोई व्यक्ति डांस देखता है तो उसके दिमाग के अंदर क्या बदलाव होते हैं।
पांच घंटे तक दिखाए गए डांस वीडियो, फिर किया गया ब्रेन स्कैन
Dance Brain Benefits : इस अध्ययन में कुल 14 लोगों को शामिल किया गया। इनमें से 7 लोग ऐसे थे, जिन्होंने हाल ही में डांस सीखना शुरू किया था, जबकि बाकी 7 ऐसे थे, जो अपने-अपने डांस फॉर्म में पहले से ही निपुण थे। इन सभी प्रतिभागियों को करीब पांच घंटे तक डांस से जुड़े वीडियो दिखाए गए और फिर उनके दिमाग का स्कैन किया गया।
इन वीडियो में 30 से ज्यादा डांसर्स ने 60 से भी अधिक प्रकार के म्यूजिक पर अलग-अलग शैलियों में डांस किया। इनमें हिप-हॉप, ब्रेकडांस, स्ट्रीट जैज और बैले जैसी 10 अलग-अलग डांस स्टाइल्स शामिल थीं।
AI टेक्नोलॉजी की मदद से समझा गया दिमाग का रिएक्शन
Dance Brain Benefits : इस रिसर्च में एक एडवांस्ड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मॉडल का भी इस्तेमाल किया गया, जिसे पहले ही ढेर सारे डांस वीडियो पर ट्रेन किया गया था। इसी AI की मदद से प्रतिभागियों के ब्रेन डेटा का भी विश्लेषण किया गया।
इस प्रक्रिया से यह समझने में मदद मिली कि डांस मूवमेंट, संगीत की लय, चेहरे के हाव-भाव और सौंदर्य जैसे पहलू दिमाग में किस तरह से प्रोसेस होते हैं और मानव मस्तिष्क में उनका “न्यूरल मैप” कैसे बनता है।
निपुण डांसर्स का दिमाग करता है अलग प्रतिक्रिया
Dance Brain Benefits : रिसर्च के नतीजे बेहद रोचक रहे। पता चला कि जो लोग डांस में निपुण थे, उनके दिमाग में हर डांस स्टाइल के लिए अलग और स्पष्ट न्यूरल पैटर्न मौजूद थे। उनका दिमाग डांस मूवमेंट और म्यूजिक पर शुरुआती लोगों की तुलना में कहीं ज्यादा गहराई के साथ प्रतिक्रिया देता था।
स्टडी में यह भी सामने आया कि डांस देखने के दौरान दिमाग के अलग-अलग हिस्से—जो भावनाओं, संगीत और मूवमेंट को समझते हैं—आपस में तालमेल बनाकर काम करते हैं। यही वजह है कि इंसान नृत्य को सिर्फ देखता ही नहीं, बल्कि उसे महसूस भी करता है।
लंबे समय तक डांस ट्रेनिंग बदल सकती है दिमाग की बनावट
रिसर्च का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह रहा कि लंबे समय तक डांस ट्रेनिंग लेने से दिमाग की संरचना (ब्रेन स्ट्रक्चर) में भी बदलाव आ सकता है। इसका मतलब है कि डांस सिर्फ एक कला या मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि यह दिमागी विकास और भावनात्मक संतुलन के लिए भी एक शक्तिशाली जरिया बन सकता है।
Dance Brain Benefits : वैज्ञानिकों का मानना है कि यह स्टडी इस बात को और बेहतर तरीके से समझने में मदद करेगी कि इंसान डांस कैसे सीखता है, उसे कैसे समझता है और उससे भावनात्मक रूप से कैसे जुड़ जाता है।
साफ है कि अगली बार जब आप किसी को नाचते हुए देखें, तो सिर्फ तालियां ही न बजाएं—क्योंकि उस पल आपका दिमाग भी एक खूबसूरत ‘डांस’ कर रहा होता है, भीतर ही भीतर।
Author: Nivedita Jha
Nivedita Jha is a graduate from Baba Saheb Bhimrao Ambedkar University. She is also a double post graduate. She has also done journalism. She has five years of experience in journalism.







