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Buddha Relics : पीएम मोदी करेंगे भगवान बुद्ध से जुड़े पिपरहवा अवशेषों की भव्य प्रदर्शनी का उद्घाटन

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Buddha Relics: PM Modi to Inaugurate Grand Piprahwa Exhibition in New Delhi

नई दिल्ली, 2 जनवरी। Buddha Relics : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को दिल्ली के राय पिथौरा कल्चरल कॉम्प्लेक्स में आयोजित भगवान बुद्ध से जुड़े पवित्र पिपरहवा अवशेषों की अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी का उद्घाटन करेंगे। यह भव्य प्रदर्शनी सुबह 11 बजे शुरू होगी, जिसका शीर्षक है — “द लाइट एंड द लोटस: रेलिक्स ऑफ द अवेकन्ड वन”।

Buddha Relics : एक्स पर यह लिखा

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ‘एक्स’ पर कहा कि यह प्रदर्शनी भगवान बुद्ध के महान विचारों को लोकप्रिय बनाने के प्रति भारत की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने लिखा कि यह पहल युवाओं को भारत की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा से और गहराई से जोड़ने का प्रयास है। पीएम ने उन सभी लोगों का भी आभार जताया जिन्होंने इन अवशेषों को वापस भारत लाने में योगदान दिया।

Buddha Relics : उन्होंने आगे लिखा कि 3 जनवरी इतिहास, संस्कृति और भगवान बुद्ध के आदर्शों में रुचि रखने वालों के लिए विशेष दिन होगा, क्योंकि इसी दिन पिपरहवा के पवित्र अवशेषों की यह पूरी दुनिया के लिए महत्वपूर्ण प्रदर्शनी खोली जाएगी।

मोदी ने यह भी बताया कि एक सदी से अधिक समय बाद पिपरहवा के ये पवित्र अवशेष भारत वापस लाए गए हैं। पिपरहवा के प्रामाणिक अवशेष और उससे संबंधित पुरातात्विक सामग्री इस समय राष्ट्रीय संग्रहालय, नई दिल्ली और भारतीय संग्रहालय, कोलकाता में सुरक्षित हैं।

प्रदर्शनी की खास बातें

प्रदर्शनी को कई विषयगत खंडों में विभाजित किया गया है। इसका केंद्रीय आकर्षण सांची स्तूप से प्रेरित एक पुनर्निर्मित मॉडल है, जहां राष्ट्रीय संग्रहों में सुरक्षित प्रामाणिक अवशेष और विदेश से लौटाए गए पवित्र रत्न एक साथ प्रदर्शित किए जा रहे हैं।

अन्य खंडों में शामिल हैं —
  • पिपरहवा रिविजिटेड
  • बुद्ध के जीवन की झलकियां
  • मूर्त में अमूर्त: बौद्ध शिक्षाओं की कलात्मक भाषा
  • सीमाओं के पार बौद्ध कला का विस्तार
सांस्कृतिक धरोहर की वापसी: भारत का निरंतर प्रयास

Buddha Relics :लोगों की समझ बढ़ाने के लिए प्रदर्शनी में उन्नत ऑडियो-विजुअल तकनीक का उपयोग किया गया है। इसमें इमर्सिव फिल्में, डिजिटल पुनर्निर्माण, व्याख्यात्मक प्रोजेक्शन और मल्टीमीडिया डिस्प्ले शामिल हैं। इनके माध्यम से भगवान बुद्ध के जीवन, पिपरहवा अवशेषों की खोज, बौद्ध संदेशों के प्रसार और उनसे जुड़ी कला परंपरा की रोचक कहानी प्रस्तुत की जाएगी।

पिपरहवा की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

Buddha Relics :पिपरहवा, सिद्धार्थनगर (उत्तर प्रदेश) स्थित एक प्राचीन बौद्ध स्थल है, जिसे भगवान बुद्ध के प्रारंभिक जीवन से जुड़ा माना जाता है। वर्ष 1898 में ब्रिटिश इंजीनियर विलियम क्लैक्सटन पेप्पे ने यहां स्थित एक स्तूप की खुदाई के दौरान बुद्ध से संबंधित पवित्र अवशेष खोजे थे।

औपनिवेशिक काल में इनमें से अधिकांश अवशेष कोलकाता के इंडियन म्यूजियम में भेजे गए, जबकि कुछ हिस्सा पेप्पे के परिवार के पास विदेश चला गया था।

127 वर्ष बाद, जुलाई 2025 में वे विदेशी अवशेष भारत वापस लाए गए, जिन्हें अब इस प्रदर्शनी में पहली बार सार्वजनिक रूप से दिखाया जा रहा है।

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